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मोहाली के गांव झिओरहेड़ी में हुए करोड़ों रुपये के जमीनी घपले में विजिलेंस विभाग द्वारा गिरफ्तार किए गए मानसा के एडीसी
Updated Wed, 21 Feb 2018 10:20 PM IST
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जमीनी घोटाले के आरोपी एडीसी पुलिस रिमांड पर
अमर उजाला ब्यूरो
मानसा।
करीब चार वर्ष पहले मोहाली के गांव झिओरहेड़ी में हुए करोड़ों रुपये के जमीनी घपले में विजिलेंस की ओर से गिरफ्तार किए गए मानसा के एडीसी (विकास) गुरविंद्र सिंह सराओ का चार दिवसीय पुलिस रिमांड लिया गया है। उस समय सराओ खरड़ में डीडीपीओ तैनात थे। मामले में बीडीपीओ मलविंद्र सिंह व पंचायत अफसर रविंद्र सिंह भी शामिल बताए गए हैं।
सरकार ने चंडीगढ़ एयरपोर्ट के मामले में गांव झिओरहेड़ी में 36 एकड़ पंचायती जमीन ग्रहण की थी। इसके बदले 54 करोड़ 16 लाख 87600 रुपये मुआवजा वर्ष 2008 में जारी किया गया था। वर्ष 2013 में गुरपाल सिंह नामी व्यक्ति को गांव का सरपंच चुना गया। एक प्रस्ताव पारित करके ग्राम पंचायत ने 19 सितंबर 2015 को मुआवजा राशि के जरिये जमीन खरीदने के लिए बीडीपीओ के जरिये डायरेक्टर ग्रामीण विकास व पंचायत विभाग को भेजा गया, जिस पर डायरेक्टर ने एतराज लगा दिया था। बताया जा रहा है कि उस समय सरपंच गुरपाल सिंह ने बिना मंजूरी बीडीपीओ खरड़ बलविंद्र सिंह, पंचायत अफसर रविंद्र सिंह व डीडीपीओ खरड़ गुरविंद्र सिंह व अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर गांव कंदीपुर व करीमपुरा में 25 एकड़ जमीन व गांव मनोली (जीरकपुर) में 6700 गज जमीन खरीदी। इसमें पाया गया कि यह जमीन कम रेट पर खरीद कर अधिक दिखाया गया, जिसमें करोड़ों रुपये का हेरफेर सामने आया। विजिलेंस विभाग ने इस मामले में मानसा के एडीसी (विकास) गुरविंद्र सिंह सराओ समेत अन्य व्यक्तियों को गिरफ्तार करके उनका पुलिस रिमांड हासिल किया है। एसएसपी विजिलेंस परमजीत सिंह विर्क ने इसकी पुष्टि की है।
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अमर उजाला ब्यूरो
मानसा।
करीब चार वर्ष पहले मोहाली के गांव झिओरहेड़ी में हुए करोड़ों रुपये के जमीनी घपले में विजिलेंस की ओर से गिरफ्तार किए गए मानसा के एडीसी (विकास) गुरविंद्र सिंह सराओ का चार दिवसीय पुलिस रिमांड लिया गया है। उस समय सराओ खरड़ में डीडीपीओ तैनात थे। मामले में बीडीपीओ मलविंद्र सिंह व पंचायत अफसर रविंद्र सिंह भी शामिल बताए गए हैं।
सरकार ने चंडीगढ़ एयरपोर्ट के मामले में गांव झिओरहेड़ी में 36 एकड़ पंचायती जमीन ग्रहण की थी। इसके बदले 54 करोड़ 16 लाख 87600 रुपये मुआवजा वर्ष 2008 में जारी किया गया था। वर्ष 2013 में गुरपाल सिंह नामी व्यक्ति को गांव का सरपंच चुना गया। एक प्रस्ताव पारित करके ग्राम पंचायत ने 19 सितंबर 2015 को मुआवजा राशि के जरिये जमीन खरीदने के लिए बीडीपीओ के जरिये डायरेक्टर ग्रामीण विकास व पंचायत विभाग को भेजा गया, जिस पर डायरेक्टर ने एतराज लगा दिया था। बताया जा रहा है कि उस समय सरपंच गुरपाल सिंह ने बिना मंजूरी बीडीपीओ खरड़ बलविंद्र सिंह, पंचायत अफसर रविंद्र सिंह व डीडीपीओ खरड़ गुरविंद्र सिंह व अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर गांव कंदीपुर व करीमपुरा में 25 एकड़ जमीन व गांव मनोली (जीरकपुर) में 6700 गज जमीन खरीदी। इसमें पाया गया कि यह जमीन कम रेट पर खरीद कर अधिक दिखाया गया, जिसमें करोड़ों रुपये का हेरफेर सामने आया। विजिलेंस विभाग ने इस मामले में मानसा के एडीसी (विकास) गुरविंद्र सिंह सराओ समेत अन्य व्यक्तियों को गिरफ्तार करके उनका पुलिस रिमांड हासिल किया है। एसएसपी विजिलेंस परमजीत सिंह विर्क ने इसकी पुष्टि की है।
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