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यह मामला
Updated Sun, 04 Feb 2018 10:50 PM IST
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बेटी बचाने का संदेश दे रहीं देश की छह महिला हस्तियां
बरनाला में दीवारों पर लगे पोस्टर, प्रशासन महिला सशिक्तकरण पर दे रहा जोर
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला।
जिला प्रशासन की ओर से वाल ग्रैफ्टी प्रोजेक्ट के तहत महिला सशक्तिकरण का आह्वान करते हुए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश देती पांच महिलाओं की फोटो बठिंडा टी प्वाइंट ओवरब्रिज की दीवार पर डीसी घनश्याम थोरी के आदेश पर बनाए हैं। इस फोटो में नोबेल पुरस्कार मलाला, गायिका लता मंगेशकर, लेखक अमृता प्रीतम, अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला, एथलीट उड़न परी पीटी ऊषा व मुक्केबाज मैरी कौम महिला सशक्तिकरण का संदेश दे रही हैं। देश विदेश में नाम कमाने के जज्बे को सलाम करते हुए सबसे बड़ी उम्र की गायिका लता मंगेशकर हैं, तो दूसरी तरफ सबसे छोटी उम्र की नोबेल पुरस्कार मलाला ने विश्व की महिलाओं के अधिकारों के लिए झिंझोरा है।
आजादी से पहले देश में आवाज को बुलंद किया
पहली महिला की फोटो में भारत रत्न व दादा साहेब फाल्के जैसे अवार्ड से सम्मानित 40 के करीब देश विदेश की भाषाओं में गीत गाने वाली गायिका लता मंगेशकर की है, जिन्होंने आजादी से पहले देश में आवाज को बुलंद किया।
जिनके लिखे शब्द स्कूलों व कॉलेजों में बच्चे पढ़ रहे हैं
दूसरी महिला की फोटो में एक सौ से अधिक विभिन्न विषयों पर किताबें लिखने वाली व दर्जनों भाषाओं में किताबों का अनुवाद करने वाली साहित्य अकादमी व पद्म विभूषण अवार्डी पंजाबी की लेखिका अमृता प्रीतम की है। जिनके लिखे शब्द आज देश के विभिन्न स्कूलों व कॉलेजों में बच्चे पढ़ रहे हैं व लाखों लोग उनकी रचनाओं को स्मरण कर रहे हैं। लेखिका अमृता प्रीतम एक ऐसी लेखिका हैं जो चढ़ते व उतरते पंजाब में एक जैसी ही प्रसिद्ध हैं।
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अपने छह साथियों समेत ब्रह्मांड में ही समा गईं थीं
तीसरी महिला की फोटो में भारतीय मूल की पहली हरियाणा के करनाल निवासी अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला की है, जो कि नासा की तरफ से स्पेस मिशन पर 2003 में एक अंतरिक्ष की खोज करने गई थी व अपने मिशन के दौरान अपने छह साथियों समेत ब्रह्मांड में ही समा गई थीं।
100, 200 और 400 मीटर दौड़ में बनाए रिकॉर्ड
चौथी महिला की फोटो में एथलीट उड़न परी पीटी ऊषा की है, जिसने 100, 200 और 400 मीटर दौड़ में कई राष्ट्रीय रिकार्ड अपने नाम किए। एथलीट उड़न परी पीटी ऊषा ने एशियन चैंपियन व ओलंपिक में देश को सम्मान दिलाया है, इसी कारण देश के लोग उन्हें उड़न परी कहते हैं।
छह में से पांच बाक्स़िग चैंपियनशिप में गोल्ड
पांचवीं महिला की फोटो में विश्व की पहली महिला मुक्केबाज मैरी कौम की है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर की छह में से पांच बाक्स़िग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल लेकर देश को गौरवान्वित किया है। मुक्केबाज मैरी कौम को राज्यसभा के लिए भी चुना है।
आतंकवादियों ने हमला कर दिया था
छठी फोटो में पाकिस्तान में महिलाओं की शिक्षा व उनके अधिकारों की आवाज को बुलंद करने वाली 14 वर्षीय मलाला पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया था व गंभीर रूप से घायल हो गईं थीं। उनका इलाज इंग्लैंड में हुआ व लंदन में बस गईं। महिलाओं के अधिकारों की मांग करने वाली मलाला की आवाज को कोई भी रोक नहीं पाया व उसे शांति संदेश के लिए नोबल पुरस्कार दिया गया। पाकिस्तान के पिछड़े पश्तून आबादी वाले इलाके में जन्मीं मलाला की तस्वीर इस रोड से गुजरने वाले हजारों लोगों को आकर्षित करते हुए महिला अधिकारों के लिए पूरी दुनिया में पुकार रही हैं। यह फोटो जसवीर प्रेमी ने अपनी कलम को कलमबद्ध कर जिला प्रशासन के आदेश पर बनाई हैं।
मिशन के तहत बनाए हैं ये फोटो
डीसी घनश्याम थोरी ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ मिशन के तहत ही ये फोटो बनाकर लोगों को बेटी बचाने व बेटी को पढ़ाने के लिए संदेश दिए जा रहे हैं, ताकि पुरुषों व महिलाओं के लिए जब अधिकार एक समान हैं तो महिलाओं को भी अपनी आवाज बुलंद करने का अधिकार है।
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बरनाला में दीवारों पर लगे पोस्टर, प्रशासन महिला सशिक्तकरण पर दे रहा जोर
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला।
जिला प्रशासन की ओर से वाल ग्रैफ्टी प्रोजेक्ट के तहत महिला सशक्तिकरण का आह्वान करते हुए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश देती पांच महिलाओं की फोटो बठिंडा टी प्वाइंट ओवरब्रिज की दीवार पर डीसी घनश्याम थोरी के आदेश पर बनाए हैं। इस फोटो में नोबेल पुरस्कार मलाला, गायिका लता मंगेशकर, लेखक अमृता प्रीतम, अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला, एथलीट उड़न परी पीटी ऊषा व मुक्केबाज मैरी कौम महिला सशक्तिकरण का संदेश दे रही हैं। देश विदेश में नाम कमाने के जज्बे को सलाम करते हुए सबसे बड़ी उम्र की गायिका लता मंगेशकर हैं, तो दूसरी तरफ सबसे छोटी उम्र की नोबेल पुरस्कार मलाला ने विश्व की महिलाओं के अधिकारों के लिए झिंझोरा है।
आजादी से पहले देश में आवाज को बुलंद किया
पहली महिला की फोटो में भारत रत्न व दादा साहेब फाल्के जैसे अवार्ड से सम्मानित 40 के करीब देश विदेश की भाषाओं में गीत गाने वाली गायिका लता मंगेशकर की है, जिन्होंने आजादी से पहले देश में आवाज को बुलंद किया।
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जिनके लिखे शब्द स्कूलों व कॉलेजों में बच्चे पढ़ रहे हैं
दूसरी महिला की फोटो में एक सौ से अधिक विभिन्न विषयों पर किताबें लिखने वाली व दर्जनों भाषाओं में किताबों का अनुवाद करने वाली साहित्य अकादमी व पद्म विभूषण अवार्डी पंजाबी की लेखिका अमृता प्रीतम की है। जिनके लिखे शब्द आज देश के विभिन्न स्कूलों व कॉलेजों में बच्चे पढ़ रहे हैं व लाखों लोग उनकी रचनाओं को स्मरण कर रहे हैं। लेखिका अमृता प्रीतम एक ऐसी लेखिका हैं जो चढ़ते व उतरते पंजाब में एक जैसी ही प्रसिद्ध हैं।
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अपने छह साथियों समेत ब्रह्मांड में ही समा गईं थीं
तीसरी महिला की फोटो में भारतीय मूल की पहली हरियाणा के करनाल निवासी अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला की है, जो कि नासा की तरफ से स्पेस मिशन पर 2003 में एक अंतरिक्ष की खोज करने गई थी व अपने मिशन के दौरान अपने छह साथियों समेत ब्रह्मांड में ही समा गई थीं।
100, 200 और 400 मीटर दौड़ में बनाए रिकॉर्ड
चौथी महिला की फोटो में एथलीट उड़न परी पीटी ऊषा की है, जिसने 100, 200 और 400 मीटर दौड़ में कई राष्ट्रीय रिकार्ड अपने नाम किए। एथलीट उड़न परी पीटी ऊषा ने एशियन चैंपियन व ओलंपिक में देश को सम्मान दिलाया है, इसी कारण देश के लोग उन्हें उड़न परी कहते हैं।
छह में से पांच बाक्स़िग चैंपियनशिप में गोल्ड
पांचवीं महिला की फोटो में विश्व की पहली महिला मुक्केबाज मैरी कौम की है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर की छह में से पांच बाक्स़िग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल लेकर देश को गौरवान्वित किया है। मुक्केबाज मैरी कौम को राज्यसभा के लिए भी चुना है।
आतंकवादियों ने हमला कर दिया था
छठी फोटो में पाकिस्तान में महिलाओं की शिक्षा व उनके अधिकारों की आवाज को बुलंद करने वाली 14 वर्षीय मलाला पर आतंकवादियों ने हमला कर दिया था व गंभीर रूप से घायल हो गईं थीं। उनका इलाज इंग्लैंड में हुआ व लंदन में बस गईं। महिलाओं के अधिकारों की मांग करने वाली मलाला की आवाज को कोई भी रोक नहीं पाया व उसे शांति संदेश के लिए नोबल पुरस्कार दिया गया। पाकिस्तान के पिछड़े पश्तून आबादी वाले इलाके में जन्मीं मलाला की तस्वीर इस रोड से गुजरने वाले हजारों लोगों को आकर्षित करते हुए महिला अधिकारों के लिए पूरी दुनिया में पुकार रही हैं। यह फोटो जसवीर प्रेमी ने अपनी कलम को कलमबद्ध कर जिला प्रशासन के आदेश पर बनाई हैं।
मिशन के तहत बनाए हैं ये फोटो
डीसी घनश्याम थोरी ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ मिशन के तहत ही ये फोटो बनाकर लोगों को बेटी बचाने व बेटी को पढ़ाने के लिए संदेश दिए जा रहे हैं, ताकि पुरुषों व महिलाओं के लिए जब अधिकार एक समान हैं तो महिलाओं को भी अपनी आवाज बुलंद करने का अधिकार है।