{"_id":"5a5b89bf4f1c1b62268b4590","slug":"15159486594-bernala-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिरोमणि अकाली दल के प्रधान बरनाला पहुंचे, बरनाला परिवार से मिलने के लिए, पुराना प्यार जागा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिरोमणि अकाली दल के प्रधान बरनाला पहुंचे, बरनाला परिवार से मिलने के लिए, पुराना प्यार जागा
Updated Sun, 14 Jan 2018 10:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अकाली सिखी स्वरूप धारण करें: लौंगोवाल
बरनाला। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान गोबिंद सिंह लौंगोवाल कई वर्षों के बाद अपने सियासी गुरु मरहूम मुख्यमंत्री सुरजीत सिंह बरनाला के घर उनके परिवार से मिलने पहुंचे। बरनाला की पत्नी बीबी सुरजीत कौर बरनाला, बेटे गगनजीत सिंह बरनाला ने स्वागत किया। इस दौरान लौंगोवाल ने कहा कि सभी सिखों को सिखी के साथ जुड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश-विदेश के सभी सिखों को आपस में एकजुट होकर पंथ की सेवा करनी चाहिए व उसके साथ जुड़ कर सिखी का प्रसार व प्रचार करें। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल के उस बयान का स्वागत किया, जिसमें सिख घरों से संबंधित अकाली नेताओं व वर्करों को सिखी स्वरूप में आने का बुलावा दिया है। उन्होंने कहा कि सिखी में मीरी व पीरी, भगती व शक्ति साथ साथ चलते हैं। इसलिए अकाली नेताओं व वर्करों को सिखी स्वरूप में रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी बच्चों को सिखी के साथ जोड़ने के लिए विशेष ध्यान देगी। उन्होंने कहा कि बच्चों में सिखी इतिहास के साथ संबंधित साहित्य पढ़ने की रुचि पैदा करने की कोशिश की जाएगी।
विज्ञापन
बरनाला। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान गोबिंद सिंह लौंगोवाल कई वर्षों के बाद अपने सियासी गुरु मरहूम मुख्यमंत्री सुरजीत सिंह बरनाला के घर उनके परिवार से मिलने पहुंचे। बरनाला की पत्नी बीबी सुरजीत कौर बरनाला, बेटे गगनजीत सिंह बरनाला ने स्वागत किया। इस दौरान लौंगोवाल ने कहा कि सभी सिखों को सिखी के साथ जुड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश-विदेश के सभी सिखों को आपस में एकजुट होकर पंथ की सेवा करनी चाहिए व उसके साथ जुड़ कर सिखी का प्रसार व प्रचार करें। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल के उस बयान का स्वागत किया, जिसमें सिख घरों से संबंधित अकाली नेताओं व वर्करों को सिखी स्वरूप में आने का बुलावा दिया है। उन्होंने कहा कि सिखी में मीरी व पीरी, भगती व शक्ति साथ साथ चलते हैं। इसलिए अकाली नेताओं व वर्करों को सिखी स्वरूप में रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी बच्चों को सिखी के साथ जोड़ने के लिए विशेष ध्यान देगी। उन्होंने कहा कि बच्चों में सिखी इतिहास के साथ संबंधित साहित्य पढ़ने की रुचि पैदा करने की कोशिश की जाएगी।