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वसूली करने के दो आरोपी बरी
Updated Sun, 04 Mar 2018 01:48 AM IST
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फोटो और वीडियो से छेड़छाड़ कर वसूली करने के दोनों आरोपी बरी
पुलिस दोनों के खिलाफ आरोप साबित करने में रही नाकाम
धनास निवासी दोनों आरोपियों को ट्रैप लगाकर पकड़ा था पुलिस ने
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
जिला अदालत ने जबरन वसूली के एक मामले में दो लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। बरी होने वालों में धनास निवासी विवेक कुमार और अभिषेक शामिल हैं। दोनों के खिलाफ पुलिस ने आईपीसी की धारा 384 और 511 के तहत केस दर्ज किया था।
7 सितंबर 2015 को दर्ज मामले में शिकायतकर्ता सेक्टर-21 निवासी सन्नी मल्होत्रा थे। उन्होंने एसएसपी को लेटर लिखा था। इसके बाद उनकी शिकायत पर केस दर्ज हुआ था। पुलिस को दी शिकायत में उन्होंने कहा था कि, उन्हें दो अलग-अलग मोबाइल नंबरों से धमकी भरी कॉल आ रही हैं। कॉल करने वाले उससे पैसे की डिमांड कर रहे हैं। पैसे न देने पर उसकी फोटो से छेड़छाड़ कर व उसके फेक वीडियो बनाकर सोशल साइट्स पर अपलोड कर देंगे। इसके अलावा पैसे न देने पर उसे इसका परिणाम भुगतने की भी धमकी दे रहे हैं।
पुलिस ने शिकायत के बाद मामले की जांच की और आरोपियों को पकड़ने के लिए ट्रैप बिछाया। शिकायतकर्ता ने आरोपियों को पैसे देने के लिए सेक्टर-21 के पेट्रोल पंप पर बुलाया था। दोनों आरोपी वहां पैसे लेने आए तो पुलिस ने उन्हें दबोच लिया था। दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार किया था। हालांकि अदालत में पुलिस केस साबित करने में नाकाम रही और अदालत को दोनों आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी करना पड़ा।
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पुलिस दोनों के खिलाफ आरोप साबित करने में रही नाकाम
धनास निवासी दोनों आरोपियों को ट्रैप लगाकर पकड़ा था पुलिस ने
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
जिला अदालत ने जबरन वसूली के एक मामले में दो लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। बरी होने वालों में धनास निवासी विवेक कुमार और अभिषेक शामिल हैं। दोनों के खिलाफ पुलिस ने आईपीसी की धारा 384 और 511 के तहत केस दर्ज किया था।
7 सितंबर 2015 को दर्ज मामले में शिकायतकर्ता सेक्टर-21 निवासी सन्नी मल्होत्रा थे। उन्होंने एसएसपी को लेटर लिखा था। इसके बाद उनकी शिकायत पर केस दर्ज हुआ था। पुलिस को दी शिकायत में उन्होंने कहा था कि, उन्हें दो अलग-अलग मोबाइल नंबरों से धमकी भरी कॉल आ रही हैं। कॉल करने वाले उससे पैसे की डिमांड कर रहे हैं। पैसे न देने पर उसकी फोटो से छेड़छाड़ कर व उसके फेक वीडियो बनाकर सोशल साइट्स पर अपलोड कर देंगे। इसके अलावा पैसे न देने पर उसे इसका परिणाम भुगतने की भी धमकी दे रहे हैं।
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पुलिस ने शिकायत के बाद मामले की जांच की और आरोपियों को पकड़ने के लिए ट्रैप बिछाया। शिकायतकर्ता ने आरोपियों को पैसे देने के लिए सेक्टर-21 के पेट्रोल पंप पर बुलाया था। दोनों आरोपी वहां पैसे लेने आए तो पुलिस ने उन्हें दबोच लिया था। दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार किया था। हालांकि अदालत में पुलिस केस साबित करने में नाकाम रही और अदालत को दोनों आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी करना पड़ा।
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