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लावारिस बच्ची के साथ उसके भाई-बहनों के बारे में चिंतित प्रशासन ने बुलाई बैठक
Updated Wed, 03 Jan 2018 11:22 PM IST
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बच्ची की मां का होगा मानसिक परीक्षण
लावारिस बच्ची के साथ उसके भाई-बहनों के बारे में चिंतित प्रशासन ने बुलाई बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर।
आर्थिक तंगी के कारण रेलवे स्टेशन पर छोड़ी गई बच्ची की देखरेख करने वाला नगर प्रशासन अब उसके अन्य भाई बहनों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित है। इसी के चलते एसडीएम पूनम सिंह ने बुधवार को सभी संबंधित अधिकारियों की एक आपात बैठक बुलाई। जिसमें सिविल व प्रशासनिक अधिकारियों को बच्ची की पूरी देखभाल करने के साथ ही उसके अन्य भाई बहनों के भविष्य के बारे में भी सुझाव मांगे। बैठक में नायब तहसीलदार बलजिंदर सिंह सिधू, डीएसपी गुरबिंदर सिंह, एसएमओ डा. ओम प्रकाश, जिला बाल सुरक्षा अधिकारी रितु बाला, बाल सुरक्षा अधिकारी रणवीर कौर तथा सीडीपीओ व अन्य मौजूद थे।
बैठक में एसडीएम ने कहा कि बच्ची के भविष्य का निर्णय कानूनी प्रावधानों के मुताबिक किया जाएगा। इससे पहले फरीदकोट मेडिकल कालेज से बच्ची की मां का मानसिक परीक्षण कराया जाएगा, ताकि उसकी दिमागी स्थिति के बारे में पता लगाया जा सके। उन्होंने पुलिस व बाल सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया कि उक्त बच्ची के पिता, दादी, तथा वार्ड पार्षदों व मोहल्लावासियों के बयान दर्ज कर इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार की जाए, ताकि इस बच्ची के साथ ही उसके अन्य भाई-बहनों के भविष्य के बारे में भी रूपरेखा बनाई जा सके। एसडीएम ने कहा कि बच्ची के परिजनों के बयान के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी कि वे बच्ची को अपनाना चाहते हैं या नहीं। एसडीएम ने कहा कि जब तक बच्ची के भविष्य के बारे में कोई फैसला नहीं लिया जाता तब तक प्रशासन उसकी देखरेख करेगा।
यह है मामला
बता दें कि यह महिला पहले भी अपनी बच्ची को इसी प्रकार से रेलवे स्टेशन पर लावारिस छोड़ने का प्रयास कर चुकी है, तब रेलवे कर्मचारियों ने इसे समझा बुझाकर बच्ची उसके हवाले कर दी थी। किराए के मकान में रहने वाली इस महिला के दो बेटे व दो बेटियां है। जिसमें से एक बेटा अपनी मौसी के पास रहता है, दूसरा बेटा नाबालिग होते हुए भी बाल मजदूरी करता है। एक बेटी दादी के पास रहती है। जबकि दूसरी बेटी का पालन पोषण करने में भी यह असमर्थ है।
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इस समचार की फोटो एबीआर 2 भेजी जा रही है।
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लावारिस बच्ची के साथ उसके भाई-बहनों के बारे में चिंतित प्रशासन ने बुलाई बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर।
आर्थिक तंगी के कारण रेलवे स्टेशन पर छोड़ी गई बच्ची की देखरेख करने वाला नगर प्रशासन अब उसके अन्य भाई बहनों की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित है। इसी के चलते एसडीएम पूनम सिंह ने बुधवार को सभी संबंधित अधिकारियों की एक आपात बैठक बुलाई। जिसमें सिविल व प्रशासनिक अधिकारियों को बच्ची की पूरी देखभाल करने के साथ ही उसके अन्य भाई बहनों के भविष्य के बारे में भी सुझाव मांगे। बैठक में नायब तहसीलदार बलजिंदर सिंह सिधू, डीएसपी गुरबिंदर सिंह, एसएमओ डा. ओम प्रकाश, जिला बाल सुरक्षा अधिकारी रितु बाला, बाल सुरक्षा अधिकारी रणवीर कौर तथा सीडीपीओ व अन्य मौजूद थे।
बैठक में एसडीएम ने कहा कि बच्ची के भविष्य का निर्णय कानूनी प्रावधानों के मुताबिक किया जाएगा। इससे पहले फरीदकोट मेडिकल कालेज से बच्ची की मां का मानसिक परीक्षण कराया जाएगा, ताकि उसकी दिमागी स्थिति के बारे में पता लगाया जा सके। उन्होंने पुलिस व बाल सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया कि उक्त बच्ची के पिता, दादी, तथा वार्ड पार्षदों व मोहल्लावासियों के बयान दर्ज कर इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार की जाए, ताकि इस बच्ची के साथ ही उसके अन्य भाई-बहनों के भविष्य के बारे में भी रूपरेखा बनाई जा सके। एसडीएम ने कहा कि बच्ची के परिजनों के बयान के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी कि वे बच्ची को अपनाना चाहते हैं या नहीं। एसडीएम ने कहा कि जब तक बच्ची के भविष्य के बारे में कोई फैसला नहीं लिया जाता तब तक प्रशासन उसकी देखरेख करेगा।
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यह है मामला
बता दें कि यह महिला पहले भी अपनी बच्ची को इसी प्रकार से रेलवे स्टेशन पर लावारिस छोड़ने का प्रयास कर चुकी है, तब रेलवे कर्मचारियों ने इसे समझा बुझाकर बच्ची उसके हवाले कर दी थी। किराए के मकान में रहने वाली इस महिला के दो बेटे व दो बेटियां है। जिसमें से एक बेटा अपनी मौसी के पास रहता है, दूसरा बेटा नाबालिग होते हुए भी बाल मजदूरी करता है। एक बेटी दादी के पास रहती है। जबकि दूसरी बेटी का पालन पोषण करने में भी यह असमर्थ है।
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