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महिलाएं कोर्ट सुनवाई के दौरान ले सकेंगी सुरक्षा
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गवाहों और पीड़ितों को मिलेगी सुरक्षा, कमेटी गठित
सबहेड
अदालत के सेशन जज बलबीर सिंह हैं कमेटी प्रमुख, एसएसपी सदस्य
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। अदालत में विचाराधीन मामलों की सुनवाई के दौरान गवाह और पीड़ित यदि खतरा महसूस करते हैं तो अदालती आदेशाें पर उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाएगी। इस दिशा में चंडीगढ़ में एक कमेटी गठित की गई है। कमेटी के हेड जिला अदालत के सेशन जज बलबीर सिंह हैं और एसएसपी यूटी मेंबर हैं। गवाह और पीड़ित से सुरक्षा के लिए अर्जी मिलने पर कमेटी तय करेगी कि सुरक्षा प्रदान करना कितना आवश्यक और कब तक के लिए जरूरी है।
यह जानकारी मंगलवार को सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत में दुष्कर्म पीड़िता, किशोरियों व उनके परिजनों की पहचान गोपनीय रखने के संबंध में आयोजित प्रेसवार्ता में दी गई। वार्ता में जिला अदालत के सेशन जज बलबीर सिंह बतौर मुख्यातिथि पहुंचे। भारत सरकार ने देशभर में दिसंबर, 2018 से विटनेस प्रोटेक्शन स्कीम शुरू की है। इसी स्कीम के तहत जो लोग कोर्ट में गवाही देने के दौरान जान को खतरा महसूस करेंगे, वे गठित कमेटी को पत्र लिख कर सुरक्षा मांग सकते हैं। कमेटी को सुरक्षा प्रदान किए जाने को लेकर फिलहाल तक 9 अर्जियां मिल चुकी हैं। कमेटी के सेक्रेट्री डिस्ट्रिक्ट अटार्नी और मेंबर एसएसपी यूटी निलांबरी जगदले हैं। सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के मुताबिक बताया गया कि पीड़ित पक्ष की किसी भी ऐसी जानकारी को प्रकाशित/प्रसारण करना कानूनन सही नहीं है, जिससे उनकी पहचान उजागर हो रही हो। वार्ता में मुख्यातिथि सेशन जज सहित डिस्ट्रिक्ट अटार्नी राजेंद्र सिंह, सीबीआई जज ईरम हसन, ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट गुरकिरन सिंह और डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस ऑथॉरिटी, चंडीगढ़ के मेंबर अमरिंदर शर्मा मौजूद रहे।
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गवाहों और पीड़ितों को मिलेगी सुरक्षा, कमेटी गठित
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अदालत के सेशन जज बलबीर सिंह हैं कमेटी प्रमुख, एसएसपी सदस्य
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। अदालत में विचाराधीन मामलों की सुनवाई के दौरान गवाह और पीड़ित यदि खतरा महसूस करते हैं तो अदालती आदेशाें पर उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाएगी। इस दिशा में चंडीगढ़ में एक कमेटी गठित की गई है। कमेटी के हेड जिला अदालत के सेशन जज बलबीर सिंह हैं और एसएसपी यूटी मेंबर हैं। गवाह और पीड़ित से सुरक्षा के लिए अर्जी मिलने पर कमेटी तय करेगी कि सुरक्षा प्रदान करना कितना आवश्यक और कब तक के लिए जरूरी है।
यह जानकारी मंगलवार को सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत में दुष्कर्म पीड़िता, किशोरियों व उनके परिजनों की पहचान गोपनीय रखने के संबंध में आयोजित प्रेसवार्ता में दी गई। वार्ता में जिला अदालत के सेशन जज बलबीर सिंह बतौर मुख्यातिथि पहुंचे। भारत सरकार ने देशभर में दिसंबर, 2018 से विटनेस प्रोटेक्शन स्कीम शुरू की है। इसी स्कीम के तहत जो लोग कोर्ट में गवाही देने के दौरान जान को खतरा महसूस करेंगे, वे गठित कमेटी को पत्र लिख कर सुरक्षा मांग सकते हैं। कमेटी को सुरक्षा प्रदान किए जाने को लेकर फिलहाल तक 9 अर्जियां मिल चुकी हैं। कमेटी के सेक्रेट्री डिस्ट्रिक्ट अटार्नी और मेंबर एसएसपी यूटी निलांबरी जगदले हैं। सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के मुताबिक बताया गया कि पीड़ित पक्ष की किसी भी ऐसी जानकारी को प्रकाशित/प्रसारण करना कानूनन सही नहीं है, जिससे उनकी पहचान उजागर हो रही हो। वार्ता में मुख्यातिथि सेशन जज सहित डिस्ट्रिक्ट अटार्नी राजेंद्र सिंह, सीबीआई जज ईरम हसन, ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट गुरकिरन सिंह और डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस ऑथॉरिटी, चंडीगढ़ के मेंबर अमरिंदर शर्मा मौजूद रहे।
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