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सुकना वेटलैंड के लिए हाई लेवल की कमेटी का गठन
Updated Tue, 17 Jul 2018 01:32 AM IST
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सुखना वेटलैंड के लिए हाई लेवल कमेटी गठित
- सोमवार को प्रशासक के नेतृत्व में हुई उच्चस्तरीय बैठक
- कमेटी एक माह बाद यूटी प्रशासन को सौपेंगी अपनी रिपोर्ट
- रिपोर्ट मिलने के बाद सुखना वेटलैंड की प्रक्रिया पर होगा निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सुखना लेक के अस्तित्व को बचाने केलिए बनी वेटलैंड अथॉरिटी की छह माह बाद पहली हाई लेवल मीटिंग सोमवार को हुई। इसमेंसुखना लेक को नोटिफाई वेटलैंड घोषित किए जाने को लेकर एक तकनीकी टीम का गठन किया गया। एक महीने बाद टीम के सदस्य अपनी रिपोर्ट यूटी प्रशासन को सौपेंगे। इसके बाद सुखना को नाोटिफाई वेटलैंड घोषित करने पर अंतिम मुहर लग सकेगी। अगर ऐसा हुआ तो लेक के करीब पचास मीटर के दायरे में निर्माण कार्य पर रोक लग जाएगी।
सुखना लेक की सुंदरता और उसके अस्तित्व को बचाने को लेकर लंबे समय से प्रशासनिक स्तर पर कवायद चल रही है। बीते वर्ष दिसंबर माह में लेक के संरक्षण को लेकर केंद्र सरकार की ओर से सुखना वेटलैंड अथॉरिटी का गठन किया गया था। आठ महीने बीत जाने के बाद सोमवार को वेटलैंड अथॉरिटी की एक हाई लेवल मीटिंग यूटी गेस्ट हाउस में प्रशासक के नेतृत्व में हुई। इसमें लंबे विचार मंथन के बाद सुखना के संरक्षण के लिए एक छह सदस्यीय तकनीकी टीम बनाए जाने का निर्णय लिया गया। यह टीम अगले एक माह में सुखना के संरक्षण को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर जांच पड़ताल करने करेगी। इसके बाद अपनी रिपोर्ट यूटी प्रशासन को प्रस्तुत करेगी। उसी के आधार पर आगे प्रशासन सुखना को नोटिफाई वेटलैंड करने पर विचार करेगा। बैठक में प्रशासक वीपी सिंह बदनौर, वित्त सचिव अजय सिन्हा सहित प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे।
उठाए जाएंगे कड़े कदम
प्रशासन की तकनीकी टीम सुखना लेक के संरक्षण को लेकर काफी सतर्क है। इसे बचाने के लिए कई कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि जो निर्माण कार्य पहले हो चुके हैं, उस पर यह नियम लागू नहीं होगा, लेकिन भविष्य में लेक के आसपास कोई भी निर्माण कार्य नहीं होंगे, इसके लिए कड़े नियम बनेंगे। इसके साथ ही लेक के पानी से भी किसी प्रकार की छेड़छाड़ बंद हो जाएगी। इसके अलावा वेटलैंड में हॉर्टिकल्चर और एग्रिकल्चर गतिविधियां नहीं हो सकती।
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प्रशासन ने पहले किया था घोषित वेटलैंड
चंडीगढ़ प्रशासन ने अपने स्तर पर वर्ष 1992 में सुखना लेक को वेटलैंड घोषित किया गया था, लेकिन मिनिस्ट्री की नजरों में उस नोटिफिकेशन की कोई वैल्यू नहीं है। मिनिस्ट्री ऑफ एनवायरमेंट, फॉरेस्ट एंड क्लाइमेट चेंज की ओर से नोटिफाई वेटलैंड घोषित होने के बाद अब सुखना लेक को बेहतर तरीके से संरक्षित किया जा सकेगा।
फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के नेतृत्व में काम करेगी टीम
फारेस्ट डिपार्टमेंट के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई है। टीम के सदस्यों की मानें तो फारेस्ट विभाग ने सुखना लेक को लेकर एक पूरा ड्राफ्ट तैयार किया गया है। इसी ड्राफ्ट पर टीम काम करेगी। इसमें कई तकनीकी जानकारों को भी शामिल किया गया है। टीम के सभी सदस्य एक रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसी के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
- सोमवार को प्रशासक के नेतृत्व में हुई उच्चस्तरीय बैठक
- कमेटी एक माह बाद यूटी प्रशासन को सौपेंगी अपनी रिपोर्ट
- रिपोर्ट मिलने के बाद सुखना वेटलैंड की प्रक्रिया पर होगा निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सुखना लेक के अस्तित्व को बचाने केलिए बनी वेटलैंड अथॉरिटी की छह माह बाद पहली हाई लेवल मीटिंग सोमवार को हुई। इसमेंसुखना लेक को नोटिफाई वेटलैंड घोषित किए जाने को लेकर एक तकनीकी टीम का गठन किया गया। एक महीने बाद टीम के सदस्य अपनी रिपोर्ट यूटी प्रशासन को सौपेंगे। इसके बाद सुखना को नाोटिफाई वेटलैंड घोषित करने पर अंतिम मुहर लग सकेगी। अगर ऐसा हुआ तो लेक के करीब पचास मीटर के दायरे में निर्माण कार्य पर रोक लग जाएगी।
सुखना लेक की सुंदरता और उसके अस्तित्व को बचाने को लेकर लंबे समय से प्रशासनिक स्तर पर कवायद चल रही है। बीते वर्ष दिसंबर माह में लेक के संरक्षण को लेकर केंद्र सरकार की ओर से सुखना वेटलैंड अथॉरिटी का गठन किया गया था। आठ महीने बीत जाने के बाद सोमवार को वेटलैंड अथॉरिटी की एक हाई लेवल मीटिंग यूटी गेस्ट हाउस में प्रशासक के नेतृत्व में हुई। इसमें लंबे विचार मंथन के बाद सुखना के संरक्षण के लिए एक छह सदस्यीय तकनीकी टीम बनाए जाने का निर्णय लिया गया। यह टीम अगले एक माह में सुखना के संरक्षण को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर जांच पड़ताल करने करेगी। इसके बाद अपनी रिपोर्ट यूटी प्रशासन को प्रस्तुत करेगी। उसी के आधार पर आगे प्रशासन सुखना को नोटिफाई वेटलैंड करने पर विचार करेगा। बैठक में प्रशासक वीपी सिंह बदनौर, वित्त सचिव अजय सिन्हा सहित प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे।
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उठाए जाएंगे कड़े कदम
प्रशासन की तकनीकी टीम सुखना लेक के संरक्षण को लेकर काफी सतर्क है। इसे बचाने के लिए कई कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि जो निर्माण कार्य पहले हो चुके हैं, उस पर यह नियम लागू नहीं होगा, लेकिन भविष्य में लेक के आसपास कोई भी निर्माण कार्य नहीं होंगे, इसके लिए कड़े नियम बनेंगे। इसके साथ ही लेक के पानी से भी किसी प्रकार की छेड़छाड़ बंद हो जाएगी। इसके अलावा वेटलैंड में हॉर्टिकल्चर और एग्रिकल्चर गतिविधियां नहीं हो सकती।
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प्रशासन ने पहले किया था घोषित वेटलैंड
चंडीगढ़ प्रशासन ने अपने स्तर पर वर्ष 1992 में सुखना लेक को वेटलैंड घोषित किया गया था, लेकिन मिनिस्ट्री की नजरों में उस नोटिफिकेशन की कोई वैल्यू नहीं है। मिनिस्ट्री ऑफ एनवायरमेंट, फॉरेस्ट एंड क्लाइमेट चेंज की ओर से नोटिफाई वेटलैंड घोषित होने के बाद अब सुखना लेक को बेहतर तरीके से संरक्षित किया जा सकेगा।
फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के नेतृत्व में काम करेगी टीम
फारेस्ट डिपार्टमेंट के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई है। टीम के सदस्यों की मानें तो फारेस्ट विभाग ने सुखना लेक को लेकर एक पूरा ड्राफ्ट तैयार किया गया है। इसी ड्राफ्ट पर टीम काम करेगी। इसमें कई तकनीकी जानकारों को भी शामिल किया गया है। टीम के सभी सदस्य एक रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसी के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।