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साइबर ठगों के निशाने पर सीनियर सिटीजंस
Updated Tue, 27 Jun 2017 08:39 PM IST
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साइबर अपराधियों के निशाने पर ‘सीनियर सिटीजंस’
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
अगर आप सीनियर सिटीजंस हैं तो साइबर अपराधियों से जरा संभलकर रहें। क्योंकि शहर में ऑनलाइन फ्रॉड के ज्यादा मामले ऐसे ही लोगों के साथ सामने आ रहे हैं। पिछले साल ऑनलाइन इंश्योरेंस के नाम पर ठगी की डेढ़ सौ के करीब शिकायतों में बोनस या निवेश के नाम पर 90 फीसदी सीनियर सिटीजंस को ही निशाना बनाया गया। साइबर सेल ने कई मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन इसके बावजूद यह सिलसिला बदस्तूर जारी है।
केस-1
बोनस दिलाने के बहाने डेढ़ करोड़ की ठगी
सेक्टर-2 निवासी अजित सिंह की शिकायत के अनुसार उनके पिता को एक नामी इंश्योरेंस कंपनी में निवेश के बदले मोटा रिटर्न दिलाने के बहाने ठगों ने 1.47 करोड़ रुपये ठग लिए। अजित सिंह के पिता सतवंत सिंह (82) को ठगों ने 2014 से लेकर 2016 तक अलग-अलग नाम से कई बार कॉल किया। हर बार उन्हें उनके निवेश पर डबल रकम देने की बात कही गई। इस पर उनके पिता ठगों के बताए अकाउंट नंबर में पैसे जमा करवाते रहे। इस तरह करीब ढाई साल में उन्होंने ठगों के खाते में करीब डेढ़ करोड़ रुपये जमा कराए। इसके बाद उनके कॉल आने बंद हो गए। ठगे जाने का अहसास होने पर उन्होंने पुलिस को इसकी शिकायत दी। मामले में पुलिस तीन आरोपियों अरशद इकबाल, प्रदीप कुमार और अशोक कुमार को गिरफ्तार कर चुकी है।
केस-2
कंपनी का कर्मचारी बनकर बोनस के नाम पर ठगा
सेक्टर-46 निवासी राजेश शर्मा के अनुसार उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आई और कॉल करने वाले ने खुद को उनकी इंश्योरेंस कंपनी का कर्मचारी बताया। उसके पास उनकी इंश्योरेंस पॉलिसी से जुड़ी हुई सभी जानकारियां थीं। आरोपी ने उन्हें उनकी पॉलिसी पर बोनस हासिल करने के लिए उन्हें एक खाते में पैसे जमा कराने को कहा। राजेश ने कंपनी का कर्मचारी समझकर खाते में 30 हजार रुपये जमा करा दिए। इस पर जब उनका बोनस नहीं आया तो उन्होंने कंपनी में संपर्क किया। इसके बाद उन्हें ठगे जाने का पता चला। इसके बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत दी तो पुलिस ने दिल्ली निवासी मन्नू राज गुप्ता को गिरफ्तार किया।
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केस-3
इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर हड़प लिए 3 लाख
सेक्टर-36 निवासी सत्यम कुमार को मई में अज्ञात नंबर से कॉल आई और कॉल करने वाले ने इंश्योरेंस पॉलिसी में निवेश के बदले मोटा रिटर्न देने की बात कही। क्योंकि कॉल करने वाले के पास उनकी इंश्योरेंस पॉलिसी के बारे में सभी जानकारी थी तो उन्होंने उसी कंपनी में निवेश की सोचकर बताए गए खाते में अलग-अलग बार में करीब 3 लाख रुपये जमा करवा दिए। बाद में कोई रिटर्न न मिलने पर उन्हें ठगे जाने का पता चला। पुलिस में शिकायत दी तो पुलिस ने गाजियाबाद निवासी रोहित शर्मा को गिरफ्तार किया।
शेयर न करें कोई जानकारी
अगर आपको किसी अज्ञात व्यक्ति की कॉल आती है और कॉल करने वाला खुद को इंश्योरेंस कंपनी का कर्मचारी बताकर आपसे इंश्योरेंस पॉलिसी में निवेश करने को कहता है तो ऐसे लोगों को गंभीरता से न लें। साथ ही उनके साथ अपनी कोई भी जानकारी साझा न करें। कई बार कॉल करने वाले के पास आपकी पॉलिसी से जुड़ी हुई सभी जानकारियां होती हैं, इस पर लोग उन्हें कंपनी का कर्मचारी समझ भरोसा कर लेते हैं और बाद में ठगे जाते हैं।
- इंश्योरेंस में निवेश या बोनस के नाम पर लुट रहे शहर के लोग
- अधिकतर केसों में रिटायर और सीनियर सिटिजंस को ही बना रहे शिकार
- पिछले साल आई शिकायतों में 90 फीसदी में बुजुर्ग थे शिकायतकर्ता
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
अगर आप सीनियर सिटीजंस हैं तो साइबर अपराधियों से जरा संभलकर रहें। क्योंकि शहर में ऑनलाइन फ्रॉड के ज्यादा मामले ऐसे ही लोगों के साथ सामने आ रहे हैं। पिछले साल ऑनलाइन इंश्योरेंस के नाम पर ठगी की डेढ़ सौ के करीब शिकायतों में बोनस या निवेश के नाम पर 90 फीसदी सीनियर सिटीजंस को ही निशाना बनाया गया। साइबर सेल ने कई मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन इसके बावजूद यह सिलसिला बदस्तूर जारी है।
केस-1
बोनस दिलाने के बहाने डेढ़ करोड़ की ठगी
सेक्टर-2 निवासी अजित सिंह की शिकायत के अनुसार उनके पिता को एक नामी इंश्योरेंस कंपनी में निवेश के बदले मोटा रिटर्न दिलाने के बहाने ठगों ने 1.47 करोड़ रुपये ठग लिए। अजित सिंह के पिता सतवंत सिंह (82) को ठगों ने 2014 से लेकर 2016 तक अलग-अलग नाम से कई बार कॉल किया। हर बार उन्हें उनके निवेश पर डबल रकम देने की बात कही गई। इस पर उनके पिता ठगों के बताए अकाउंट नंबर में पैसे जमा करवाते रहे। इस तरह करीब ढाई साल में उन्होंने ठगों के खाते में करीब डेढ़ करोड़ रुपये जमा कराए। इसके बाद उनके कॉल आने बंद हो गए। ठगे जाने का अहसास होने पर उन्होंने पुलिस को इसकी शिकायत दी। मामले में पुलिस तीन आरोपियों अरशद इकबाल, प्रदीप कुमार और अशोक कुमार को गिरफ्तार कर चुकी है।
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केस-2
कंपनी का कर्मचारी बनकर बोनस के नाम पर ठगा
सेक्टर-46 निवासी राजेश शर्मा के अनुसार उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आई और कॉल करने वाले ने खुद को उनकी इंश्योरेंस कंपनी का कर्मचारी बताया। उसके पास उनकी इंश्योरेंस पॉलिसी से जुड़ी हुई सभी जानकारियां थीं। आरोपी ने उन्हें उनकी पॉलिसी पर बोनस हासिल करने के लिए उन्हें एक खाते में पैसे जमा कराने को कहा। राजेश ने कंपनी का कर्मचारी समझकर खाते में 30 हजार रुपये जमा करा दिए। इस पर जब उनका बोनस नहीं आया तो उन्होंने कंपनी में संपर्क किया। इसके बाद उन्हें ठगे जाने का पता चला। इसके बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत दी तो पुलिस ने दिल्ली निवासी मन्नू राज गुप्ता को गिरफ्तार किया।
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केस-3
इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर हड़प लिए 3 लाख
सेक्टर-36 निवासी सत्यम कुमार को मई में अज्ञात नंबर से कॉल आई और कॉल करने वाले ने इंश्योरेंस पॉलिसी में निवेश के बदले मोटा रिटर्न देने की बात कही। क्योंकि कॉल करने वाले के पास उनकी इंश्योरेंस पॉलिसी के बारे में सभी जानकारी थी तो उन्होंने उसी कंपनी में निवेश की सोचकर बताए गए खाते में अलग-अलग बार में करीब 3 लाख रुपये जमा करवा दिए। बाद में कोई रिटर्न न मिलने पर उन्हें ठगे जाने का पता चला। पुलिस में शिकायत दी तो पुलिस ने गाजियाबाद निवासी रोहित शर्मा को गिरफ्तार किया।
शेयर न करें कोई जानकारी
अगर आपको किसी अज्ञात व्यक्ति की कॉल आती है और कॉल करने वाला खुद को इंश्योरेंस कंपनी का कर्मचारी बताकर आपसे इंश्योरेंस पॉलिसी में निवेश करने को कहता है तो ऐसे लोगों को गंभीरता से न लें। साथ ही उनके साथ अपनी कोई भी जानकारी साझा न करें। कई बार कॉल करने वाले के पास आपकी पॉलिसी से जुड़ी हुई सभी जानकारियां होती हैं, इस पर लोग उन्हें कंपनी का कर्मचारी समझ भरोसा कर लेते हैं और बाद में ठगे जाते हैं।
- इंश्योरेंस में निवेश या बोनस के नाम पर लुट रहे शहर के लोग
- अधिकतर केसों में रिटायर और सीनियर सिटिजंस को ही बना रहे शिकार
- पिछले साल आई शिकायतों में 90 फीसदी में बुजुर्ग थे शिकायतकर्ता