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छात्रों की डिमांड पर 15 दिन में आ जाएंगी किताबें
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छात्रों की डिमांड पर कॉलेज 15 दिन के अंदर मंगवाएंगे किताबें
- पांच छात्रों ने यदि एक पुस्तक की कर दी डिमांड तो मंगवानी पड़ेगी
- पीयू से संबद्घ कॉलेजों में नए शैक्षिक सत्र से लागू होगा नियम
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। यदि किसी भी कॉलेज के पांच छात्रों ने एक ही किताब की डिमांड कर दी और वह कॉलेज की लाइब्रेरी में नहीं है तो वह किताब कॉलेज प्रशासन को मंगवानी होगी। नए शैक्षिक सत्र से यह नियम लागू होने जा रहा है।
पीयू से 192 कॉलेज संबद्घ है। इन कॉलेजों में लगभग 2.50 लाख विद्यार्थी शिक्षा पा रहे हैं। हर कॉलेज में अपनी-अपनी लाइब्रेरियां हैं। 25 लाख से अधिक किताबें इन कॉलेजों में हैं। पाठ्यक्रम से जुड़ी हैं। इसके अलावा महापुरुषों, भाषा, शोधपरक विषयों से जुड़ी किताबें हैं। रिसर्च पुस्तकों का कुछ कॉलेजों में अभाव है। उन्हीं किताबों के जरिये विद्यार्थियों की रिसर्च में जिज्ञासा भी जागृत होगी। कई फायदों को देखते हुए ही पीयू यह योजना बना रहा है। कॉलेजों में छात्रों की मांग पर किताबें मंगवानी होंगी। यदि कॉलेजों के पास किताबों के लिए फंड कम है तो वह एक-दूसरे कॉलेजों से संबंध स्थापित कर किताबें कुछ दिन के लिए ले सकते हैं। इससे ज्ञान का प्रचार-प्रसार एक-दूसरे कॉलेजों में भी हो सकेगा। सूत्रों के मुताबिक विभागीय लाइब्रेरियों में भी पुस्तकें बढ़ाए जाने की योजना चल रही है। नए शैक्षिक सत्र तक लाइब्रेरी व पुस्तक मुहैया कराने को लेकर नए आदेश सामने आएंगे। हालांकि कुछ कॉलेजों में यह प्रोसेस है, लेकिन अब सभी के लिए अनिवार्य होगा।
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- पांच छात्रों ने यदि एक पुस्तक की कर दी डिमांड तो मंगवानी पड़ेगी
- पीयू से संबद्घ कॉलेजों में नए शैक्षिक सत्र से लागू होगा नियम
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। यदि किसी भी कॉलेज के पांच छात्रों ने एक ही किताब की डिमांड कर दी और वह कॉलेज की लाइब्रेरी में नहीं है तो वह किताब कॉलेज प्रशासन को मंगवानी होगी। नए शैक्षिक सत्र से यह नियम लागू होने जा रहा है।
पीयू से 192 कॉलेज संबद्घ है। इन कॉलेजों में लगभग 2.50 लाख विद्यार्थी शिक्षा पा रहे हैं। हर कॉलेज में अपनी-अपनी लाइब्रेरियां हैं। 25 लाख से अधिक किताबें इन कॉलेजों में हैं। पाठ्यक्रम से जुड़ी हैं। इसके अलावा महापुरुषों, भाषा, शोधपरक विषयों से जुड़ी किताबें हैं। रिसर्च पुस्तकों का कुछ कॉलेजों में अभाव है। उन्हीं किताबों के जरिये विद्यार्थियों की रिसर्च में जिज्ञासा भी जागृत होगी। कई फायदों को देखते हुए ही पीयू यह योजना बना रहा है। कॉलेजों में छात्रों की मांग पर किताबें मंगवानी होंगी। यदि कॉलेजों के पास किताबों के लिए फंड कम है तो वह एक-दूसरे कॉलेजों से संबंध स्थापित कर किताबें कुछ दिन के लिए ले सकते हैं। इससे ज्ञान का प्रचार-प्रसार एक-दूसरे कॉलेजों में भी हो सकेगा। सूत्रों के मुताबिक विभागीय लाइब्रेरियों में भी पुस्तकें बढ़ाए जाने की योजना चल रही है। नए शैक्षिक सत्र तक लाइब्रेरी व पुस्तक मुहैया कराने को लेकर नए आदेश सामने आएंगे। हालांकि कुछ कॉलेजों में यह प्रोसेस है, लेकिन अब सभी के लिए अनिवार्य होगा।
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