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हरियाणा में 25 मिलियन डॉलर और निवेश करेगी चीनी कंपनी-ᄋᄂ₩ᅦU¢₩
Updated Wed, 21 Mar 2018 11:45 PM IST
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बावल में 162 करोड़ का चीनी कंपनी करेगी निवेश, अलॉय व्हील फैक्ट्री के विस्तार से मिलेगा रोजगार
दोपहिया वाहनों की अलॉय व्हील कंपनी का होगा विस्तार, चौपहिया वाहनों के लिए 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर का भी हो सकता है निवेश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़/बावल।
बावल में चीन की एक निजी कंपनी द्वारा 25 मिलियन अमेरिकन डॉलर का निवेश करने की घोषणा से दक्षिण हरियाणा में युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। चीनी कंपनी यह निवेश अलॉय व्हील के निर्माण में करेगी। ‘वानफेंग ऑटो होल्डिंग ग्रुप’ नाम की यह कंपनी रेवाड़ी के बावल क्षेत्र में पहले से स्थापित है। अब यह और निवेश करके प्लांट की क्षमता दोगुनी करना चाहती है। कंपनी का दावा है कि ये निवेश वह मई 2018 तक हरियाणा में कर देगी। बुधवार को चंडीगढ़ में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री विपुल गोयल की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में कंपनी की ओर से डैंगफेंग यू, जॉर्जजिया और येंग हुइहुई उपस्थित रहे। वाणिज्य मंत्री ने बताया कि रेवाड़ी के बावल क्षेत्र में पहले से स्थापित कंपनी में निवेश करके प्लांट की क्षमता दोगुनी करना चाहती है। इसके अलावा इसी कंपनी ने 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर निवेश के साथ चौपहिया वाहनों के लिए ‘अलॉय व्हील’ निर्माण के लिए हरियाणा में एक अन्य प्लांट स्थापित करने की भी पेशकश की है।
अलॉय व्हील की सप्लाई करती है कंपनी
बावल में करीब 20 एकड़ में स्थित ‘वानफेंग ऑटो होल्डिंग ग्रुप’ में टू व्हीलर के लिए अलॉय व्हील बनाए जाते हैं। यह व्हील बांग्लादेश, मारीशस के अलावा अन्य देशों में भी सप्लाई किया जाता है। इसके अलावा गुजरात, हरियाणा समेत देश में अन्य प्रदेशों में सप्लाई किया जाता है। यामाह, बजाज, टीवीएस के अलावा अन्य कंपनियों में भी कंपनी अलॉय व्हील सप्लाई करती है। कंपनी के परचेज एक्ज्युक्यूटिव चंचल भारद्वाज ने बताया कि 25 मिलियन के निवेश से जिले के अलावा प्रदेश का विकास होगा। यहां के युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे।
200 मिलियन के निवेश से प्रदेश और रेवाड़ी के जागेंगे भाग्य
सूत्रों के अनुसार बावल में स्थित ‘वानफेंग ऑटो होल्डिंग ग्रुप’ के सामने ही करीब 20 एकड़ जमीन है। इस जमीन का कंपनी सौदा करना चाहती है। अपुष्ट सूत्रों के अनुसार इस जमीन का सौदा कंपनी ने कर लिया है। यदि ऐसा है तो जानकारों का कहना है कि चौपहिया वाहनों के लिए ‘अलॉय व्हील’ के क्षेत्र में 200 मिलियन का निवेश यहीं किया जा सकता है। जानकारी के अनुसार चाइनीज मानसिकता एक ही प्रदेश में अगल-अलग जगह फैक्ट्री लगाने की बजाय एक जगह ही इसको स्थापित करने पर जोर देती है। 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर के इस निवेश से रेवाड़ी के अलावा प्रदेश के भाग खुल जाएंगे।
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दोपहिया वाहनों की अलॉय व्हील कंपनी का होगा विस्तार, चौपहिया वाहनों के लिए 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर का भी हो सकता है निवेश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़/बावल।
बावल में चीन की एक निजी कंपनी द्वारा 25 मिलियन अमेरिकन डॉलर का निवेश करने की घोषणा से दक्षिण हरियाणा में युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। चीनी कंपनी यह निवेश अलॉय व्हील के निर्माण में करेगी। ‘वानफेंग ऑटो होल्डिंग ग्रुप’ नाम की यह कंपनी रेवाड़ी के बावल क्षेत्र में पहले से स्थापित है। अब यह और निवेश करके प्लांट की क्षमता दोगुनी करना चाहती है। कंपनी का दावा है कि ये निवेश वह मई 2018 तक हरियाणा में कर देगी। बुधवार को चंडीगढ़ में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री विपुल गोयल की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में कंपनी की ओर से डैंगफेंग यू, जॉर्जजिया और येंग हुइहुई उपस्थित रहे। वाणिज्य मंत्री ने बताया कि रेवाड़ी के बावल क्षेत्र में पहले से स्थापित कंपनी में निवेश करके प्लांट की क्षमता दोगुनी करना चाहती है। इसके अलावा इसी कंपनी ने 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर निवेश के साथ चौपहिया वाहनों के लिए ‘अलॉय व्हील’ निर्माण के लिए हरियाणा में एक अन्य प्लांट स्थापित करने की भी पेशकश की है।
अलॉय व्हील की सप्लाई करती है कंपनी
बावल में करीब 20 एकड़ में स्थित ‘वानफेंग ऑटो होल्डिंग ग्रुप’ में टू व्हीलर के लिए अलॉय व्हील बनाए जाते हैं। यह व्हील बांग्लादेश, मारीशस के अलावा अन्य देशों में भी सप्लाई किया जाता है। इसके अलावा गुजरात, हरियाणा समेत देश में अन्य प्रदेशों में सप्लाई किया जाता है। यामाह, बजाज, टीवीएस के अलावा अन्य कंपनियों में भी कंपनी अलॉय व्हील सप्लाई करती है। कंपनी के परचेज एक्ज्युक्यूटिव चंचल भारद्वाज ने बताया कि 25 मिलियन के निवेश से जिले के अलावा प्रदेश का विकास होगा। यहां के युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे।
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200 मिलियन के निवेश से प्रदेश और रेवाड़ी के जागेंगे भाग्य
सूत्रों के अनुसार बावल में स्थित ‘वानफेंग ऑटो होल्डिंग ग्रुप’ के सामने ही करीब 20 एकड़ जमीन है। इस जमीन का कंपनी सौदा करना चाहती है। अपुष्ट सूत्रों के अनुसार इस जमीन का सौदा कंपनी ने कर लिया है। यदि ऐसा है तो जानकारों का कहना है कि चौपहिया वाहनों के लिए ‘अलॉय व्हील’ के क्षेत्र में 200 मिलियन का निवेश यहीं किया जा सकता है। जानकारी के अनुसार चाइनीज मानसिकता एक ही प्रदेश में अगल-अलग जगह फैक्ट्री लगाने की बजाय एक जगह ही इसको स्थापित करने पर जोर देती है। 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर के इस निवेश से रेवाड़ी के अलावा प्रदेश के भाग खुल जाएंगे।
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