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10 लाख रुपये प्रति माह चंडीगढ़ क्लब की हो सकती है लीज मनी
Updated Thu, 16 Nov 2017 02:26 AM IST
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चंडीगढ़ क्लब की 20 साल के लिए लीज का प्रस्ताव तैयार
गोल्फ क्लब और चंडीगढ़ क्लब की ओर से डीसी के साथ हुई मीटिंग
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
शहर के सबसे पुराने चंडीगढ़ क्लब के लिए यूटी प्रशासन ने लीज मनी तय कर ली है। वर्ष 1958 में करीब 8.5 एकड़ जमीन पर बने चंडीगढ़ क्लब के लिए प्रशासन ने लीज को लेकर जो प्रस्ताव तैयार किया है, उसके मुताबिक चंडीगढ़ क्लब को 10 लाख रुपये प्रति माह लीज मनी देनी होगी।
हालांकि क्लब प्रशासन के इस प्रस्ताव के विरोध में हैं। शहर के सभी क्लबों के लिए यूटी प्रशासन ने कॉमन पॉलिसी बना ली है। कॉमन पॉलिसी के मुताबिक लीज रेंट अगर कम होगा, तो क्लबों को जमीन भी लीज पर कम समय के लिए दी जाएगी।
चंडीगढ़ क्लब और गोल्फ क्लब की ओर डीसी के साथ हुई मीटिंग में यह क्लबों की ओर से यह प्रस्ताव रखा गया था कि लीज की अवधि कम से कम 33 सालों की हो। प्रशासन ने बीच का रास्ता निकालते हुए लीज पीरियड 20 साल रखने का प्रस्ताव तैयार किया है। पहले प्रशासन शहर के क्लबों के साथ सिर्फ 10 साल के लिए लीज की तैयारी में था। अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक क्लबों की लीज मनी हर साल किराये के अनुसार कुछ प्रतिशत बढ़ाई जाएगी। क्लबों को हर 5 या 10 साल बाद अपनी लीज रिन्यू करवानी होगी।
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बता दें कि शहर में इस समय कई क्लब हैं, हर क्लब की लीज मनी कम-ज्यादा है। इसे ध्यान में रखते हुए यूटी प्रशासन ने कॉमन पॉलिसी बनाने का फैसला किया है। इस समय गोल्फ रेंज और सीएलटीए की लीज मनी सबसे कम है। वहीं गोल्फ क्लब से लाखों रुपये महीना का लीज रेंट वसूलने की तैयारी की जा रही है। चंडीगढ़ क्लब का लीज रेंट पहले ही बढ़ाया जा चुका है। एक बार फिर से क्लब की लीज रिन्यू की जा रही है। मौजूदा चंडीगढ़ क्लब 1.78 लाख रुपये प्रति माह लीम मनी दे रहा है। यूटी प्रशासन और क्लब के बीच लीज मनी को लेकर पिछले 7 से 8 साल से विवाद चल रहा है। चंडीगढ़ क्लब में इस समय 8 हजार सदस्य हैं।
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गोल्फ क्लब और चंडीगढ़ क्लब की ओर से डीसी के साथ हुई मीटिंग
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
शहर के सबसे पुराने चंडीगढ़ क्लब के लिए यूटी प्रशासन ने लीज मनी तय कर ली है। वर्ष 1958 में करीब 8.5 एकड़ जमीन पर बने चंडीगढ़ क्लब के लिए प्रशासन ने लीज को लेकर जो प्रस्ताव तैयार किया है, उसके मुताबिक चंडीगढ़ क्लब को 10 लाख रुपये प्रति माह लीज मनी देनी होगी।
हालांकि क्लब प्रशासन के इस प्रस्ताव के विरोध में हैं। शहर के सभी क्लबों के लिए यूटी प्रशासन ने कॉमन पॉलिसी बना ली है। कॉमन पॉलिसी के मुताबिक लीज रेंट अगर कम होगा, तो क्लबों को जमीन भी लीज पर कम समय के लिए दी जाएगी।
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चंडीगढ़ क्लब और गोल्फ क्लब की ओर डीसी के साथ हुई मीटिंग में यह क्लबों की ओर से यह प्रस्ताव रखा गया था कि लीज की अवधि कम से कम 33 सालों की हो। प्रशासन ने बीच का रास्ता निकालते हुए लीज पीरियड 20 साल रखने का प्रस्ताव तैयार किया है। पहले प्रशासन शहर के क्लबों के साथ सिर्फ 10 साल के लिए लीज की तैयारी में था। अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक क्लबों की लीज मनी हर साल किराये के अनुसार कुछ प्रतिशत बढ़ाई जाएगी। क्लबों को हर 5 या 10 साल बाद अपनी लीज रिन्यू करवानी होगी।
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बता दें कि शहर में इस समय कई क्लब हैं, हर क्लब की लीज मनी कम-ज्यादा है। इसे ध्यान में रखते हुए यूटी प्रशासन ने कॉमन पॉलिसी बनाने का फैसला किया है। इस समय गोल्फ रेंज और सीएलटीए की लीज मनी सबसे कम है। वहीं गोल्फ क्लब से लाखों रुपये महीना का लीज रेंट वसूलने की तैयारी की जा रही है। चंडीगढ़ क्लब का लीज रेंट पहले ही बढ़ाया जा चुका है। एक बार फिर से क्लब की लीज रिन्यू की जा रही है। मौजूदा चंडीगढ़ क्लब 1.78 लाख रुपये प्रति माह लीम मनी दे रहा है। यूटी प्रशासन और क्लब के बीच लीज मनी को लेकर पिछले 7 से 8 साल से विवाद चल रहा है। चंडीगढ़ क्लब में इस समय 8 हजार सदस्य हैं।