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नीलगाय का बच्चा कुतों के चंगुल में फंसा

Mon, 25 Feb 2019 02:35 AM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Mon, 25 Feb 2019 02:35 AM IST
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नीलगाय का बच्चा कुतों के चंगुल में फंसा
नील गाय का बच्चा रास्ता भटका, कुत्तों ने नोंचा
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गांव बहलोलपुर के रिहायशी एरिया में रविवार सुबह पहुंचा बच्चा
महिला समेत लीन लोगों ने मिलकर जानवर को कुत्तों से बचाया
गंभीर हालत में सेक्टर-38 चंडीगढ़ के पशु अस्पताल में पहुंचाया
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।

शहर से सटे गांव बहलोलपुर में रविवार सुबह नील गाय का एक बच्चा रास्ता भटककर रिहायशी एरिया में घुस गया। लावारिस कुत्तों ने उसे घेर लिया और नोंचना शुरू कर दिया। गांव के शुभम, रुपिंदर कौर और नीरज की नजर पड़ी तो उन्होंने हिम्मत कर उसे कुत्तों से छुड़वाया। साथ ही उसे पहले अपने स्तर प्राथमिक चिकित्सा दी फिर सेक्टर-38 स्थित पशु अस्पताल पहुंचाया। वहां उसे ग्लूकोज देने के साथ इलाज भी किया जा रहा है।
घटना रविवार सुबह करीब दस बजे की है। लोगों ने देखा कि हिरण के बच्चे जैसा कोई जानवर भाग रहा है, उसके पीछे कुत्ते पड़े थे। उसके शरीर से खून बह रहा था। वह भाग भी नहीं पा रहा था। लोगों ने हिम्मत दिखाकर उसे कुत्तों से बचाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
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लावारिस जानवरों की मदद करने वाली बिंदु शर्मा अपने मेंटर डीएन सिंह के साथ वहां पहुंच गई। उन्होंने बताया कि वह नील गाय का बच्चा है। उन्होंने तुरंत उसको प्राथमिक चिकित्सा दी। इसके बाद सेक्टर-38 स्थित पशु अस्पताल में ले गईं। डॉक्टरों का कहना है कि जानवर की स्थिति अब खतरे से बाहर है।
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आठ माह से एक साल के बीच है उम्र
डीएन सिंह के मुताबिक, अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें बताया कि बच्चे की उम्र आठ से 12 महीने के बीच में है। यह काफी डरा हुआ है। कई बार यह डर उनकी जान जाने का कारण बन जाता है।
अक्सर जंगली जानवर भटक जाते हैं रास्ता
कुछ माह में पहले नयागांव में एक हिरण लोगों के घरों में घुस गया था। फोरेस्ट विभाग ने उसे पकड़ा था। कुछ दिन पहले सेक्टर-22 की मार्केट में हिरण का बच्चा घुस गया था, जिसे बड़ी मुश्किल से काबू किया था। हालांकि बाद में उसकी मौत हो गई थी।


मुल्लांपुर एरिया मे लगाए गए हैं जागरूकता बोर्ड
मुल्लांपुर के साथ में काफी जंगली एरिया है। साथ ही ईको सेंसेटिव जोन भी पड़ता है। ऐसी ही स्थित ही बहलोलपुर व न्यू सन्नी एन्क्लेव की है। क्योंकि अकसर जानवर सीधे आ जाते हैं। ऐसे में लोगों की जानकारी के लिए उक्त इलाके में कई जगह जागरूकता बोर्ड भी लगाए गए हैं, जिन पर गाड़ी धीरे चलाने की नसीहत दी गई है।
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