फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Panchkula News ›   नाटक लूणा

नाटक लूणा

Tue, 09 Oct 2018 02:37 AM IST
Updated Tue, 09 Oct 2018 02:37 AM IST
विज्ञापन
नाटक लूणा

विज्ञापन

लूणा ने दो घंटे 10 मिनट तक बांधे रखे दर्शक
टैगोर थियेटर में हुआ नाटक का मंच, कहानी में आए उतार-चढ़ाव से हर कोई रोमांचित
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। किसी नाटक की सफलता की कहानी सिर्फ किरदार ही नहीं, बल्कि नाटक से जुड़ा हर पहलू इसमें अहम योगदान देता है। टैगोर थियेटर में मंचित नाटक लूणा की सफलता की कहानी सिर्फ निर्देशक या कलाकार ही नहीं, बल्कि एक टीम की है। चाहे सेट हो या फिर म्यूजिक या कलाकारों का नृत्य..ऐसी बारीकी से तराशा गया कि अबकी बार नाटक लूणा एकदम संजीव हो उठा। शिव कुमार बटालवी के महाकाव्य का नाटकीय अंदाज ‘लूणा’ ऐसी ही एक बड़ी प्रोडक्शन का उदाहरण बना। कुलदीप शर्मा ने इस नाटक का निर्देशन किया और इसमें कई प्रयोग किए। कहानी के एडाप्टेशन से लेकर लूणा के मंचन तक में अंदाज एकदम नया था, जिस परिकल्पना के साथ शिव ने लूणा की तस्वीर को पेश की, उससे लूणा ने एक नई इबारत लिख दी। दो घंटे 10 मिनट के इस नाटक में राजा सलवान, लूणा और पूरन की कहानी है, जिसमें लूणा की स्थिति को दर्शाया गया है। नाटक की कहानी में राजा सलवान जैसे ही लूणा को एक समारोह में नाचते देखता है तो वह उसको पसंद कर बैठता है। फिर वह उससे शादी करने का फैसला कर लेता है। इसके बाद नाटक की कहानी में कई उतार-चढ़ाव आते हैं। लूणा राजा के बेटे पूरन की ओर आकर्षित हो जाती है, लेकिन पूरन उसको मां ही कहता है। लूणा बार-बार पूरन के करीब जाना चाहती है और पूरन उसको मां कहकर उसकी इज्जत करता रहता है। ऐसे में लूणा पूरन के इंकार के बाद उससे बदला लेने के लिए राजा से उसकी झूठी शिकायत करती है। इसके बाद राजा पूरन को सजा देता है। इस नाटक में लाइव थिओरेटिकल म्यूजिक था। इसे अतुल शर्मा ने डायरेक्ट किया। अतुल शर्मा ने कहा कि शिव के गीतों को थियेटर म्यूजिक में बदलना चैलेंज था। इसलिए जर्मन थियेटर प्रेक्टिशनर बटोल्ट ब्रेख्त की टेक्नीक एलिवेशन के मुताबिक इसे डिजाइन किया गया। इसमें साउथ एशियन स्ट्रूमेंट हारमोनियम, तबला, की-बोर्ड इस्तेमाल किया। इसमें अज दिन चढ़ेया तेरे रंग वरगा, मैं अग्ग तुरी परदेस, मैनूं विदा करो को शामिल किया गया। इस नाटक में लूणा का किरदार मृदुला महाजन ने और राजा सलवान का किरदार कुलदीप शर्मा ने निभाया। इसमें पूरन का किरदार वरुण शर्मा ने निभाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed