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१२ वैज्ञानिकों, प्राध्यापकों को अनुसंधान के लिए मिले १.९५ करोड़
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चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने शैक्षणिक, अनुसंधान संस्थाओं के 12 वैज्ञानिकों और प्राध्यापकों को अनुसंधान परियोजनाओं के लिए 1.95 करोड़ रुपये दिए हैं। अनुसंधान एवं विकास परियोजनाएं स्कीम के तहत जल्दी बजट राशि बढ़ाई जाएगी। इसका उद्देश्य नए अनुसंधानों से मानव के सामाजिक एवं आर्थिक जीवन स्तर को सुधारना है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रधान सचिव डॉ. अशोक खेमका ने बताया कि विज्ञान, नवाचार एवं प्रौद्योगिकी परिषद व विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग यह स्कीम चला रहे हैं। इसके अंतर्गत वैज्ञानिकों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं के लिए 20 लाख रुपये की राशि दी जाती है। अधिकतम 3 वर्ष की अवधि के लिए इसे प्रदान करते हैं।
इस बार जिन वैज्ञानिकों, प्राध्यापकों को यह राशि दी है, उनमें महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक के सहायक प्रोफेसर डॉ. हरी मोहन व डॉ. दर्शना चौधरी, लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय हिसार के सहायक प्रोफेसर डॉ. मनोज कुमार, डॉ. स्वाति दहिया व डॉ. सुशीला मान, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉ. सुनीता दलाल, एमएमयू विश्वविद्यालय मुलाना के सहायक प्रोफेसर डॉ. राजन, जेसी बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय फरीदाबाद के सहायक प्रोफेसर डॉ. अनुराग गौड़, डॉ. राशि गुप्ता, डॉ. रवि कुमार व डॉ. संजीव गोयल, थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड प्रौद्योगिकी पटियाला की सहायक प्रोफेसर डॉ. संगीता कंबोज शामिल हैं।
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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रधान सचिव डॉ. अशोक खेमका ने बताया कि विज्ञान, नवाचार एवं प्रौद्योगिकी परिषद व विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग यह स्कीम चला रहे हैं। इसके अंतर्गत वैज्ञानिकों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं के लिए 20 लाख रुपये की राशि दी जाती है। अधिकतम 3 वर्ष की अवधि के लिए इसे प्रदान करते हैं।
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इस बार जिन वैज्ञानिकों, प्राध्यापकों को यह राशि दी है, उनमें महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक के सहायक प्रोफेसर डॉ. हरी मोहन व डॉ. दर्शना चौधरी, लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय हिसार के सहायक प्रोफेसर डॉ. मनोज कुमार, डॉ. स्वाति दहिया व डॉ. सुशीला मान, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉ. सुनीता दलाल, एमएमयू विश्वविद्यालय मुलाना के सहायक प्रोफेसर डॉ. राजन, जेसी बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय फरीदाबाद के सहायक प्रोफेसर डॉ. अनुराग गौड़, डॉ. राशि गुप्ता, डॉ. रवि कुमार व डॉ. संजीव गोयल, थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड प्रौद्योगिकी पटियाला की सहायक प्रोफेसर डॉ. संगीता कंबोज शामिल हैं।
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