{"_id":"5c47818ebdec22738a473ade","slug":"11548190094-panchkula-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिंडिकेट की बैठक में प्रस्ताव- एमए इकोनॉमिक्स के दाखिले में हो एंट्रेंस टेस्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिंडिकेट की बैठक में प्रस्ताव- एमए इकोनॉमिक्स के दाखिले में हो एंट्रेंस टेस्ट
विज्ञापन
सिंडिकेट की बैठक में एंट्रेंस टेस्ट सहित कई मुद्दे हो सकते हैं पास
- पीयू की नई सिंडिकेट की पहली बैठक 27 जनवरी को
- ट्रांसजेंडर्स छात्रों की फीस माफी समेत कई मुद्दों पर होगी चर्चा
- एसडी कॉलेज के प्रिंसिपल को एक्सटेंशन देने पर भी हो सकता विचार
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी की नई सिंडिकेट की पहली बैठक 27 जनवरी को होगी। इसमें एमए इकोनॉमिक्स के दाखिले में एंट्रेंस टेस्ट, ट्रांसजेंडर छात्रों की फीस माफी समेत कई मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। नए सदस्यों के स्वागत के साथ कई नए प्रस्तावों पर मुहर भी लग सकती है। इस बार सिंडिकेट में एक ही पक्ष के लोगों का चयन हुआ है। माना जा रहा है कि सिंडिकेट की बैठक में प्रस्तावों के लेकर ज्यादा विरोध देखने को नहीं मिलेगा। जो भी प्रस्ताव आएंगे वह सर्वसम्मति से या तो पास कर दिए जाएंगे या फिर उन्हें रद्द किया जाएगा।
इन प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर
1. एमए इकोनॉमिक्स के दाखिले में एंट्रेंस टेस्ट
पंजाब यूनिवर्सिटी में एमए इकोनॉमिक्स के दाखिले में एंट्रेंस टेस्ट शुरू करने को लेकर सिंडिकेट की बैठक में निर्णय लिया जा सकता है। दरअसल, पहले छात्रों को मेरिट के आधार पर दाखिला दिया जाता था। एंट्रेंस टेस्ट में बैठने के लिए उम्मीदवारों को इकोनॉमिक्स में बीए के साथ ऑनर्स या बीए पास होना चाहिए और एक वैकल्पिक विषय के साथ इकोनॉमिक्स में 50 प्रतिशत अंकों के साथ पास होना चाहिए। पहली काउंसलिंग के समय री-अपीयर होने वाले या कंपार्टमेंट वाले उम्मीदवार योग्य नहीं होंगे। एंट्रेंस टेस्ट की अवधि एक घंटे और 30 मिनट की होगी और इसमें एक-एक अंक के 75 मल्टीपल च्वाइस क्वेश्चन (एमसीक्यू) होंगे। गलत जवाब के लिए निगेटिव मार्किंग भी होगी।
2. धरना-प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लेंगे ट्रांसजेंडर तो ही होगी फीस माफ
ट्रांसजेंडर छात्रों को फीस में छूट देने के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी तैयार हो गई है, लेकिन पीयू प्रशासन का कहना है कि वह ट्रांसजेंडर छात्रों के ट्यूशन फीस व परीक्षा फीस को माफ करने के लिए तैयार हैं बशर्ते वह छात्र कैं पस के किसी धरना-प्रदर्शन में हिस्सा न लें। सिंडिकेट की बैठक में इस पर आखिरी मुहर लग सकती है। 19 दिसंबर को आयोजित एक बैठक में यह फैसला लिया गया था, जिसमें डीन यूनिवर्सिटी इंस्ट्रक्शन प्रो. शंकर जी झा, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. इमेनुएल नाहर, डीएसडब्ल्यू (महिला) प्रो. नीना कपलाश, वित्त और विकास अधिकारी विक्रम नैयर और ट्रांसजेंडर छात्र धनंजय चौहान मौजूद थे।
विज्ञापन
इन शर्तों पर ट्रांसजेंडर्स छात्रों की फीस माफी
गाइडलाइंस के अनुसार ट्रांसजेंडर छात्र को इसके लिए आधार कार्ड, वोटर कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड या राशन कार्ड दिखाने की आवश्यकता होगी, जिसमें दर्शाया हो कि उम्मीदवार ट्रांसजेंडर श्रेणी से है। वहीं छात्र पर कोई भी आपराधिक मामला नहीं दर्ज होना चाहिए। 75 प्रतिशत अटेंडेंस भी होनी चाहिए। इसके अलावा, वे छात्र जो अपने माता-पिता के साथ या अपने माता-पिता से अलग रह रहे हैं, उन्हें कार्यकारी मजिस्ट्रेट, तहसीलदार या एसडीएम द्वारा प्रमाणित एफिडेविट देना होगा कि उम्मीदवार किसी भी स्रोत से छात्रवृत्ति या रियायत नहीं प्राप्त कर रहा है। छात्र का किसी सब्जेक्ट में री-अपीयर या कंपार्टमेंट नहीं होना चाहिए।
कोट
फीस माफी के लिए प्रदर्शन किया जाता है, लेकिन जब यूनिवर्सिटी खुद फीस माफ कर रही है तो प्रदर्शन की जरूरत नहीं पड़ेगी। फीस माफी से ट्रांसजेंडर छात्रों को पढ़ाई पूरी करने में काफी मदद मिलेगी।
- धनंजय चौहान, ट्रांसजेंडर छात्र व कमेटी सदस्य
3. एसडी कॉलेज के प्रिंसिपल को एक्सटेंशन
नई सिंडिकेट की बैठक में सेक्टर-32 स्थित जीजीडीएसडी कॉलेज से रिटायर्ड प्रिंसिपल डॉ. भूषण के शर्मा के एक्सटेंशन को लेकर चर्चा की जा सकती है। नए प्रिंसिपल की नियुक्ति होने तक डॉ. भूषण के शर्मा को कॉन्ट्रेक्ट पर दोबारा नियुक्ति मिल सकती है। एसडी कॉलेज ने 14 दिसंबर 2018 को प्रिंसिपल के पद के लिए इंटरव्यू की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया था। डीएचई रुबिंदरजीत सिंह बराड़ ने कॉलेज अधिकारियों को इंटरव्यू नहीं करने और अपना नामांकन भेजने के लिए लेटर भी लिखा था। दरअसल, 19 जुलाई 2018 को यूजीसी ने सभी सेंट्रल यूनिवर्सिटी, स्टेट यूनिवर्सिटी, यूजीसी से अनुदान प्राप्त करने वाले यूनिवर्सिटी व अन्य के नाम एक लेटर जारी करते हुए इनमें होने वाली सभी तरह की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने को कहा था। गौरतलब है कि पंजाब और चंडीगढ़ कॉलेज शिक्षक संघ ने इंटरव्यू प्रक्रिया को स्थगित करने को लेकर यूनिवर्सिटी और एसडी कॉलेज को कानूनी नोटिस भी भेजा है।
4. इकोनॉमिक्स डिपार्टमेंट में जीएसटी अधिकारी पर विचार
जीएसटी को लेकर पीयू का इकोनॉमिक्स डिपार्टमेंट एक जीएसटी अधिकारी के नियुक्ति पर विचार कर रहा है। चुने गए प्रोफेसर का वेतन पीयू व यूजीसी मानदंडों के अनुसार होगा। फंड के लिए इकोनॉमिक्स डिपार्टमेंट की तरफ से जीएसटी परिषद या वित्त मंत्रालय से संपर्क किया जा सकता है।
विज्ञापन
- पीयू की नई सिंडिकेट की पहली बैठक 27 जनवरी को
- ट्रांसजेंडर्स छात्रों की फीस माफी समेत कई मुद्दों पर होगी चर्चा
- एसडी कॉलेज के प्रिंसिपल को एक्सटेंशन देने पर भी हो सकता विचार
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी की नई सिंडिकेट की पहली बैठक 27 जनवरी को होगी। इसमें एमए इकोनॉमिक्स के दाखिले में एंट्रेंस टेस्ट, ट्रांसजेंडर छात्रों की फीस माफी समेत कई मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। नए सदस्यों के स्वागत के साथ कई नए प्रस्तावों पर मुहर भी लग सकती है। इस बार सिंडिकेट में एक ही पक्ष के लोगों का चयन हुआ है। माना जा रहा है कि सिंडिकेट की बैठक में प्रस्तावों के लेकर ज्यादा विरोध देखने को नहीं मिलेगा। जो भी प्रस्ताव आएंगे वह सर्वसम्मति से या तो पास कर दिए जाएंगे या फिर उन्हें रद्द किया जाएगा।
इन प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर
1. एमए इकोनॉमिक्स के दाखिले में एंट्रेंस टेस्ट
पंजाब यूनिवर्सिटी में एमए इकोनॉमिक्स के दाखिले में एंट्रेंस टेस्ट शुरू करने को लेकर सिंडिकेट की बैठक में निर्णय लिया जा सकता है। दरअसल, पहले छात्रों को मेरिट के आधार पर दाखिला दिया जाता था। एंट्रेंस टेस्ट में बैठने के लिए उम्मीदवारों को इकोनॉमिक्स में बीए के साथ ऑनर्स या बीए पास होना चाहिए और एक वैकल्पिक विषय के साथ इकोनॉमिक्स में 50 प्रतिशत अंकों के साथ पास होना चाहिए। पहली काउंसलिंग के समय री-अपीयर होने वाले या कंपार्टमेंट वाले उम्मीदवार योग्य नहीं होंगे। एंट्रेंस टेस्ट की अवधि एक घंटे और 30 मिनट की होगी और इसमें एक-एक अंक के 75 मल्टीपल च्वाइस क्वेश्चन (एमसीक्यू) होंगे। गलत जवाब के लिए निगेटिव मार्किंग भी होगी।
विज्ञापन
2. धरना-प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लेंगे ट्रांसजेंडर तो ही होगी फीस माफ
ट्रांसजेंडर छात्रों को फीस में छूट देने के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी तैयार हो गई है, लेकिन पीयू प्रशासन का कहना है कि वह ट्रांसजेंडर छात्रों के ट्यूशन फीस व परीक्षा फीस को माफ करने के लिए तैयार हैं बशर्ते वह छात्र कैं पस के किसी धरना-प्रदर्शन में हिस्सा न लें। सिंडिकेट की बैठक में इस पर आखिरी मुहर लग सकती है। 19 दिसंबर को आयोजित एक बैठक में यह फैसला लिया गया था, जिसमें डीन यूनिवर्सिटी इंस्ट्रक्शन प्रो. शंकर जी झा, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. इमेनुएल नाहर, डीएसडब्ल्यू (महिला) प्रो. नीना कपलाश, वित्त और विकास अधिकारी विक्रम नैयर और ट्रांसजेंडर छात्र धनंजय चौहान मौजूद थे।
विज्ञापन
इन शर्तों पर ट्रांसजेंडर्स छात्रों की फीस माफी
गाइडलाइंस के अनुसार ट्रांसजेंडर छात्र को इसके लिए आधार कार्ड, वोटर कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड या राशन कार्ड दिखाने की आवश्यकता होगी, जिसमें दर्शाया हो कि उम्मीदवार ट्रांसजेंडर श्रेणी से है। वहीं छात्र पर कोई भी आपराधिक मामला नहीं दर्ज होना चाहिए। 75 प्रतिशत अटेंडेंस भी होनी चाहिए। इसके अलावा, वे छात्र जो अपने माता-पिता के साथ या अपने माता-पिता से अलग रह रहे हैं, उन्हें कार्यकारी मजिस्ट्रेट, तहसीलदार या एसडीएम द्वारा प्रमाणित एफिडेविट देना होगा कि उम्मीदवार किसी भी स्रोत से छात्रवृत्ति या रियायत नहीं प्राप्त कर रहा है। छात्र का किसी सब्जेक्ट में री-अपीयर या कंपार्टमेंट नहीं होना चाहिए।
कोट
फीस माफी के लिए प्रदर्शन किया जाता है, लेकिन जब यूनिवर्सिटी खुद फीस माफ कर रही है तो प्रदर्शन की जरूरत नहीं पड़ेगी। फीस माफी से ट्रांसजेंडर छात्रों को पढ़ाई पूरी करने में काफी मदद मिलेगी।
- धनंजय चौहान, ट्रांसजेंडर छात्र व कमेटी सदस्य
3. एसडी कॉलेज के प्रिंसिपल को एक्सटेंशन
नई सिंडिकेट की बैठक में सेक्टर-32 स्थित जीजीडीएसडी कॉलेज से रिटायर्ड प्रिंसिपल डॉ. भूषण के शर्मा के एक्सटेंशन को लेकर चर्चा की जा सकती है। नए प्रिंसिपल की नियुक्ति होने तक डॉ. भूषण के शर्मा को कॉन्ट्रेक्ट पर दोबारा नियुक्ति मिल सकती है। एसडी कॉलेज ने 14 दिसंबर 2018 को प्रिंसिपल के पद के लिए इंटरव्यू की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया था। डीएचई रुबिंदरजीत सिंह बराड़ ने कॉलेज अधिकारियों को इंटरव्यू नहीं करने और अपना नामांकन भेजने के लिए लेटर भी लिखा था। दरअसल, 19 जुलाई 2018 को यूजीसी ने सभी सेंट्रल यूनिवर्सिटी, स्टेट यूनिवर्सिटी, यूजीसी से अनुदान प्राप्त करने वाले यूनिवर्सिटी व अन्य के नाम एक लेटर जारी करते हुए इनमें होने वाली सभी तरह की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने को कहा था। गौरतलब है कि पंजाब और चंडीगढ़ कॉलेज शिक्षक संघ ने इंटरव्यू प्रक्रिया को स्थगित करने को लेकर यूनिवर्सिटी और एसडी कॉलेज को कानूनी नोटिस भी भेजा है।
4. इकोनॉमिक्स डिपार्टमेंट में जीएसटी अधिकारी पर विचार
जीएसटी को लेकर पीयू का इकोनॉमिक्स डिपार्टमेंट एक जीएसटी अधिकारी के नियुक्ति पर विचार कर रहा है। चुने गए प्रोफेसर का वेतन पीयू व यूजीसी मानदंडों के अनुसार होगा। फंड के लिए इकोनॉमिक्स डिपार्टमेंट की तरफ से जीएसटी परिषद या वित्त मंत्रालय से संपर्क किया जा सकता है।