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होटल में हंगामा करने वाली मां-बेटी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, जानिए मामला
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 10 May 2018 10:42 AM IST
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चंडीगढ़ सेक्टर-10 स्थित होटल माउंटव्यू में बीते 6 मार्च को स्टाफ, महिला सुरक्षाकर्मियों से धक्कामुक्की, मारपीट कर उनसे गाली-गलौज करने की आरोपी पंचकूला सेक्टर-25 निवासी स्वाती कटारिया और उसकी मां सुमित्रा रानी की अग्रिम जमानत याचिका जिला अदालत ने बुधवार को खारिज कर दी।
इससे पहले अदालत ने आरोपी मां-बेटी को कई बार पुलिस जांच ज्वाइन करने का मौका दिया था, लेकिन दोनों में से किसी ने भी जांच ज्वाइन नहीं की थी। पिछले महीने अदालत ने दोनों को 16 अप्रैल को हर हाल में जांच ज्वाइन करने को कहा था, लेकिन पुलिस के अनुसार दोनों ने जांच ज्वाइन नहीं की। इसके बाद अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इंकार करते हुए याचिका खारिज कर दी।
इससे पहले आरोपी मां-बेटी ने जिला अदालत में गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। दोनों ने पुलिस को जांच में सहयोग करने के लिए अदालत से राहत देने की अपील की थी। अदालत ने स्वाती और उसकी मां सुमित्रा को 7 अप्रैल को जांच ज्वाइन करने के आदेश दिए थे लेकिन दोनों ने जांच ज्वाइन नहीं की।
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इसके बाद पुलिस ने याचिका पर दाखिल जवाब में कहा था कि अदालत के आदेश के अनुसार दोनों आरोपियों को सुबह 11 बजे थाने में रिपोर्ट कर जांच ज्वाइन करने को कहा था, लेकिन दोनों दोपहर पौने तीन बजे थाने आईं। दोनों ने रजिस्ट्रर में एंट्री की और बिना जांच अधिकारी से मिले चले गईं।
इसके बाद स्वाती कटारिया ने 9 अप्रैल को दोपहर चार बजे जांच ज्वाइन की। पुलिस के अनुसार जांच के दौरान स्वाती ने पुलिस को सहयोग नहीं किया। वहीं जांच अधिकारी ने उस पर अशोभनीय भाषा के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया। वहीं सुमित्रा रानी ने अब तक पुलिस जांच ज्वाइन नहीं की है। जांच अधिकारी ने अदालत से दोनों की पुलिस कस्टडी जरूरी बताते हुए अदालत से दोनों को अग्रिम जमानत याचिका का लाभ न देने की अपील की थी।
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इससे पहले अदालत ने आरोपी मां-बेटी को कई बार पुलिस जांच ज्वाइन करने का मौका दिया था, लेकिन दोनों में से किसी ने भी जांच ज्वाइन नहीं की थी। पिछले महीने अदालत ने दोनों को 16 अप्रैल को हर हाल में जांच ज्वाइन करने को कहा था, लेकिन पुलिस के अनुसार दोनों ने जांच ज्वाइन नहीं की। इसके बाद अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इंकार करते हुए याचिका खारिज कर दी।
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इससे पहले आरोपी मां-बेटी ने जिला अदालत में गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। दोनों ने पुलिस को जांच में सहयोग करने के लिए अदालत से राहत देने की अपील की थी। अदालत ने स्वाती और उसकी मां सुमित्रा को 7 अप्रैल को जांच ज्वाइन करने के आदेश दिए थे लेकिन दोनों ने जांच ज्वाइन नहीं की।
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इसके बाद पुलिस ने याचिका पर दाखिल जवाब में कहा था कि अदालत के आदेश के अनुसार दोनों आरोपियों को सुबह 11 बजे थाने में रिपोर्ट कर जांच ज्वाइन करने को कहा था, लेकिन दोनों दोपहर पौने तीन बजे थाने आईं। दोनों ने रजिस्ट्रर में एंट्री की और बिना जांच अधिकारी से मिले चले गईं।
इसके बाद स्वाती कटारिया ने 9 अप्रैल को दोपहर चार बजे जांच ज्वाइन की। पुलिस के अनुसार जांच के दौरान स्वाती ने पुलिस को सहयोग नहीं किया। वहीं जांच अधिकारी ने उस पर अशोभनीय भाषा के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया। वहीं सुमित्रा रानी ने अब तक पुलिस जांच ज्वाइन नहीं की है। जांच अधिकारी ने अदालत से दोनों की पुलिस कस्टडी जरूरी बताते हुए अदालत से दोनों को अग्रिम जमानत याचिका का लाभ न देने की अपील की थी।