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रास्ते में बुजुर्ग की मदद करने के चक्कर में हुए लेट, स्कूल ने नहीं दी एंट्री...छूट गया पेपर
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(छात्रा के पिता की फोटो सहित)
बुजुर्ग की मदद करने के चक्कर में छूट गया बेटी का पेपर
छात्रा के पिता का आरोप- 2 मिनट ही हुए थे लेट, नहीं खोला गेट
- एंट्री नहीं मिलने पर बुलाई पुलिस, नियमों के आगे सभी बेबस
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मंगलवार को शहर के स्कूलों में 12वीं केमिस्ट्री की परीक्षा का आयोजन किया गया। जीएमएसएसएस-37 में 2 मिनट की देरी से पहुंचने पर नॉन मेडिकल की एक छात्रा का पेपर छूट गया। एंट्री नहीं मिलने की वजह से छात्रा काफी परेशान हो गई और रोने लगी। मौके पर छात्रा के पिता ने पुलिस भी बुलाई, लेकिन वह भी कोई मदद नहीं कर सके।
छात्रा के पिता कुलदीप सिंह ने कहा कि वह धनास में रहते हैं। पेपर के लिए समय से काफी पहले घर से निकले थे, लेकिन रास्ते में एक बुजुर्ग की एक्टिवा स्लिप हो गई और वह सड़क पर ही गिर गए। उन्हें बचाने और फर्स्ट एड देने के चक्कर में वह थोड़ा लेट हो गए। बावजूद इसके वह 10 बजकर 2 मिनट पर स्कूल के गेट पर पहुंच गए। कुलदीप सिंह ने आरोप लगाया कि मात्र दो मिनट की देरी से पहुंचने की वजह से उनकी बेटी को एंट्री नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर के कई स्कूलों में काफी लेट पहुंचे बच्चों को भी पेपर देने दिया गया। चंद मिनटों की वजह से उनकी बेटी का साल खराब हो गया। मौके पर छात्रा ने पिता ने 100 नंबर पर कॉल कर पुलिस भी बुला ली, लेकिन सीबीएसई के नियमों के आगे वह भी बेबस दिखाई दिए और कुछ न कर सके। गौरतलब है कि सीबीएसई के पेपर लीक जैसी अन्य घटनाओं से बचने के लिए इस बार सभी स्कूलों को सख्त हिदायत दी है कि वह किसी भी हालत में बच्चों को 10 बजे के बाद एंट्री न दें। छात्रों को सुबह 9 से 10 बजे तक ही एंट्री दी जी रही है।
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बुजुर्ग की मदद करने के चक्कर में छूट गया बेटी का पेपर
छात्रा के पिता का आरोप- 2 मिनट ही हुए थे लेट, नहीं खोला गेट
- एंट्री नहीं मिलने पर बुलाई पुलिस, नियमों के आगे सभी बेबस
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मंगलवार को शहर के स्कूलों में 12वीं केमिस्ट्री की परीक्षा का आयोजन किया गया। जीएमएसएसएस-37 में 2 मिनट की देरी से पहुंचने पर नॉन मेडिकल की एक छात्रा का पेपर छूट गया। एंट्री नहीं मिलने की वजह से छात्रा काफी परेशान हो गई और रोने लगी। मौके पर छात्रा के पिता ने पुलिस भी बुलाई, लेकिन वह भी कोई मदद नहीं कर सके।
छात्रा के पिता कुलदीप सिंह ने कहा कि वह धनास में रहते हैं। पेपर के लिए समय से काफी पहले घर से निकले थे, लेकिन रास्ते में एक बुजुर्ग की एक्टिवा स्लिप हो गई और वह सड़क पर ही गिर गए। उन्हें बचाने और फर्स्ट एड देने के चक्कर में वह थोड़ा लेट हो गए। बावजूद इसके वह 10 बजकर 2 मिनट पर स्कूल के गेट पर पहुंच गए। कुलदीप सिंह ने आरोप लगाया कि मात्र दो मिनट की देरी से पहुंचने की वजह से उनकी बेटी को एंट्री नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर के कई स्कूलों में काफी लेट पहुंचे बच्चों को भी पेपर देने दिया गया। चंद मिनटों की वजह से उनकी बेटी का साल खराब हो गया। मौके पर छात्रा ने पिता ने 100 नंबर पर कॉल कर पुलिस भी बुला ली, लेकिन सीबीएसई के नियमों के आगे वह भी बेबस दिखाई दिए और कुछ न कर सके। गौरतलब है कि सीबीएसई के पेपर लीक जैसी अन्य घटनाओं से बचने के लिए इस बार सभी स्कूलों को सख्त हिदायत दी है कि वह किसी भी हालत में बच्चों को 10 बजे के बाद एंट्री न दें। छात्रों को सुबह 9 से 10 बजे तक ही एंट्री दी जी रही है।
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