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बैंक पर लगा 4 करोड़ का जुर्माना
Updated Sun, 02 Dec 2018 01:48 AM IST
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इंडसइंड बैंक पर 4 करोड़ की पेनल्टी
1.82 करोड़ की टैक्स चोरी पर इतनी ही राशि का लगा जुर्माना, भुगतान में देरी से 41 लाख का ब्याज
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट ने चंडीगढ़ में इंडसइंड बैंक पर टैक्स चोरी के मामले में 1.82 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। डिपार्टमेंट ने जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं होने के चलते बैंक को ब्याज सहित 4 करोड़ की अदायगी के निर्देश जारी किए हैं। इसके लिए बैंक को 15 दिनों का समय दिया गया है।
जीएसटी कानून के तहत प्रत्येक पंजीकृत व्यक्ति मासिक आधार पर टैक्स रिटर्न का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होता है। जीएसटी 3बी पर करों का भुगतान किया जाता है और जीएसटी 1 फॉर्म में सामान के लेनदेन की रिपोर्ट तैयार की जाती है। ये सभी रिटर्न जीएसटीएन पोर्टल पर किए जाते हैं। जानकारी के अनुसार जीएसटी1 में जमा धन की अपेक्षा अदायगी कम है, तो इस अंतर को जीएसटीएन द्वारा सूचित किया जाता है। इस मामले में बैंक के जीएसटी 1 और 3बी में बहुत बड़ा अंतर था। इसकी जानकारी बैंक ने डिपार्टमेंट को नहीं दी। जीएसटी 1 के अनुसार जीएसटी 3बी में चुकाया गया टैक्स 1.82 करोड़ रुपये कम था। टैक्स में चोरी उजागर होने के बाद 1.82 करोड़ रुपये के टैक्स के साथ इतने ही रुपये का जुर्माना लगाया गया था। भुगतान में देरी के लिए बैंक पर 41 लाख रुपये का ब्याज भी लगाया गया है। इस संदर्भ असिस्टेंट एक्साइज एंड कमिश्नर अधिकारी आरके चौधरी ने बताया कि 4 करोड़ से अधिक की राशि जमा कराने के लिए बैंक को 15 दिनों का समय दिया गया है।
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1.82 करोड़ की टैक्स चोरी पर इतनी ही राशि का लगा जुर्माना, भुगतान में देरी से 41 लाख का ब्याज
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट ने चंडीगढ़ में इंडसइंड बैंक पर टैक्स चोरी के मामले में 1.82 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। डिपार्टमेंट ने जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं होने के चलते बैंक को ब्याज सहित 4 करोड़ की अदायगी के निर्देश जारी किए हैं। इसके लिए बैंक को 15 दिनों का समय दिया गया है।
जीएसटी कानून के तहत प्रत्येक पंजीकृत व्यक्ति मासिक आधार पर टैक्स रिटर्न का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होता है। जीएसटी 3बी पर करों का भुगतान किया जाता है और जीएसटी 1 फॉर्म में सामान के लेनदेन की रिपोर्ट तैयार की जाती है। ये सभी रिटर्न जीएसटीएन पोर्टल पर किए जाते हैं। जानकारी के अनुसार जीएसटी1 में जमा धन की अपेक्षा अदायगी कम है, तो इस अंतर को जीएसटीएन द्वारा सूचित किया जाता है। इस मामले में बैंक के जीएसटी 1 और 3बी में बहुत बड़ा अंतर था। इसकी जानकारी बैंक ने डिपार्टमेंट को नहीं दी। जीएसटी 1 के अनुसार जीएसटी 3बी में चुकाया गया टैक्स 1.82 करोड़ रुपये कम था। टैक्स में चोरी उजागर होने के बाद 1.82 करोड़ रुपये के टैक्स के साथ इतने ही रुपये का जुर्माना लगाया गया था। भुगतान में देरी के लिए बैंक पर 41 लाख रुपये का ब्याज भी लगाया गया है। इस संदर्भ असिस्टेंट एक्साइज एंड कमिश्नर अधिकारी आरके चौधरी ने बताया कि 4 करोड़ से अधिक की राशि जमा कराने के लिए बैंक को 15 दिनों का समय दिया गया है।
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