{"_id":"59555a204f1c1bf24e8b47a7","slug":"111498765856-panchkula-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा को विकास के लिए नाबार्ड देगा 12 हजार करोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा को विकास के लिए नाबार्ड देगा 12 हजार करोड़
Updated Fri, 30 Jun 2017 01:23 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा को विकास के लिए नाबार्ड देगा 12 हजार करोड़
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
हरियाणा में ग्रामीण विकास के लिए वर्ष 2017-18 में 12,000 करोड़ की वित्तीय सहायता नाबार्ड द्वारा मुहैया करवाई जाएगी, जो पिछले वर्ष की तुलना में 17 प्रतिशत ज्यादा है।
इस बारे में मुख्यमंत्री मनोहर लाल से नाबार्ड के चेयरमैन डॉ. हर्ष कुमार भनवाला की एक शिष्टाचार भेंट भी हुई। जबकि इस संबंध में नाबार्ड के चेयरमैन ने हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, मुख्य सचिव डीएस ढेसी और राज्य सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिवों के साथ बैठक भी की।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी क्षेत्रों की तर्ज पर आधारभूत ढांचागत सुविधाएं मुहैया करवाने की इच्छा जताई। सरकार ने ग्राम उदय कार्यक्रम तैयार किया है, इसके अंतर्गत 3000 से अधिक की आबादी वाले गांवों में सड़कें, श्मशान घाट, ग्राम सचिवालय, पेयजल, ड्रेनेज इत्यादि सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। इस कार्यक्रम के लिए आरआईडीएफ के अंतर्गत 5000 करोड़ रुपये की राशि प्रस्तावित की गई है।
विज्ञापन
चेयरमैन ने बताया कि वर्ष 2017-18 में सिंचाई के लिए 5000 करोड़ का फंड रखा गया है। उन्होंने बताया कि सरकार इस फंड का उपयोग जल संरक्षण उपायों के लिए प्रयोग कर सकती है। चेयरमैन ने बताया कि 2017-18 के लिए नाबार्ड द्वारा डेयरी इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 8000 करोड़ रुपये की राशि रखी गई है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
हरियाणा में ग्रामीण विकास के लिए वर्ष 2017-18 में 12,000 करोड़ की वित्तीय सहायता नाबार्ड द्वारा मुहैया करवाई जाएगी, जो पिछले वर्ष की तुलना में 17 प्रतिशत ज्यादा है।
इस बारे में मुख्यमंत्री मनोहर लाल से नाबार्ड के चेयरमैन डॉ. हर्ष कुमार भनवाला की एक शिष्टाचार भेंट भी हुई। जबकि इस संबंध में नाबार्ड के चेयरमैन ने हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, मुख्य सचिव डीएस ढेसी और राज्य सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिवों के साथ बैठक भी की।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी क्षेत्रों की तर्ज पर आधारभूत ढांचागत सुविधाएं मुहैया करवाने की इच्छा जताई। सरकार ने ग्राम उदय कार्यक्रम तैयार किया है, इसके अंतर्गत 3000 से अधिक की आबादी वाले गांवों में सड़कें, श्मशान घाट, ग्राम सचिवालय, पेयजल, ड्रेनेज इत्यादि सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। इस कार्यक्रम के लिए आरआईडीएफ के अंतर्गत 5000 करोड़ रुपये की राशि प्रस्तावित की गई है।
विज्ञापन
चेयरमैन ने बताया कि वर्ष 2017-18 में सिंचाई के लिए 5000 करोड़ का फंड रखा गया है। उन्होंने बताया कि सरकार इस फंड का उपयोग जल संरक्षण उपायों के लिए प्रयोग कर सकती है। चेयरमैन ने बताया कि 2017-18 के लिए नाबार्ड द्वारा डेयरी इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 8000 करोड़ रुपये की राशि रखी गई है।