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पंचायत का फरमान, स्कूलों में नहीं नाचेंगी बहन-बेटियां
किनाना (जींद)/अमरजीत एस. गिल
Updated Thu, 14 Mar 2013 11:42 AM IST
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किनाना की पंचायत ने फरमान जारी करते हुए गांव की सीमा में बने दो निजी और एक सरकारी स्कूल में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छात्राओं के डांस करने पर रोक लगा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी बहन-बेटियों को ऐसे कार्यक्रमों में नाचने नहीं देंगे। पंचायत तीनों स्कूलों में ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होने देगी जिनमें छात्राएं डांस करती हैं। पंचायत ने स्कूल प्रबंधन से यह भी कहा है कि वे अपने स्तर पर अगर इस तरह के कार्यक्रमों को नहीं रोकेंगे तो उनसे पंचायत सख्ती से पेश आएगी।
पंचायत की ओर से दो निजी स्कूलों को भेजे गए पत्र में सरपंच के दस्तखत हैं। पत्र पर पंचों और कई ग्रामीणों के भी हस्ताक्षर हैं। जो पत्र सरकारी स्कूल को भेजा गया है उस पर सरपंच के हस्ताक्षर नहीं हैं। सरपंच का कहना है कि ग्रामीणों की राय पर उन्होंने दो पत्रों पर हस्ताक्षर किए हैं। एक निजी स्कूल के प्राचार्य ने पत्र मिलने की पुष्टि की है।
अब तक खाप पंचायतों पर महिलाओं की आजादी के खिलाफ फरमान जारी करने के आरोप लगते रहे हैं। इस बार एक संवैधानिक संस्था के मुखिया ने ही स्कूलों में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लड़कियों के डांस पर रोक लगाने का फरमान जारी किया है। पंचायत के पत्र के बाद स्कूल प्रबंधन रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
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जागृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल किनाना के प्राचार्य विनोद ने बताया कि वे इस बारे में शिक्षा विभाग और प्रशासन को अवगत कराएंगे। गुरुकुल जनता विद्यापीठ किनाना को भी ग्रामीणों की ओर से भेजा गया पत्र मिला है। राजकीय वरिष्ठ सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य एसके ढांडा ने बताया कि ग्रामीणों ने लड़कियों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाने के बारे में पत्र लिखा है।
ग्रामीणों की राय थी : सरपंच
गांव किनाना के सरपंच राजाराम ने कहा है कि पत्रों पर हस्ताक्षर करने के लिए ग्रामीणों की राय थी। उन्होंने ग्रामीणों के कहने पर पत्रों पर हस्ताक्षर किए हैं। पत्र में स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लड़कियों के भाग लेने पर प्रतिबंध की बात कही गई है।
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पंचायत की ओर से दो निजी स्कूलों को भेजे गए पत्र में सरपंच के दस्तखत हैं। पत्र पर पंचों और कई ग्रामीणों के भी हस्ताक्षर हैं। जो पत्र सरकारी स्कूल को भेजा गया है उस पर सरपंच के हस्ताक्षर नहीं हैं। सरपंच का कहना है कि ग्रामीणों की राय पर उन्होंने दो पत्रों पर हस्ताक्षर किए हैं। एक निजी स्कूल के प्राचार्य ने पत्र मिलने की पुष्टि की है।
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अब तक खाप पंचायतों पर महिलाओं की आजादी के खिलाफ फरमान जारी करने के आरोप लगते रहे हैं। इस बार एक संवैधानिक संस्था के मुखिया ने ही स्कूलों में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लड़कियों के डांस पर रोक लगाने का फरमान जारी किया है। पंचायत के पत्र के बाद स्कूल प्रबंधन रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
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जागृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल किनाना के प्राचार्य विनोद ने बताया कि वे इस बारे में शिक्षा विभाग और प्रशासन को अवगत कराएंगे। गुरुकुल जनता विद्यापीठ किनाना को भी ग्रामीणों की ओर से भेजा गया पत्र मिला है। राजकीय वरिष्ठ सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य एसके ढांडा ने बताया कि ग्रामीणों ने लड़कियों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाने के बारे में पत्र लिखा है।
ग्रामीणों की राय थी : सरपंच
गांव किनाना के सरपंच राजाराम ने कहा है कि पत्रों पर हस्ताक्षर करने के लिए ग्रामीणों की राय थी। उन्होंने ग्रामीणों के कहने पर पत्रों पर हस्ताक्षर किए हैं। पत्र में स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लड़कियों के भाग लेने पर प्रतिबंध की बात कही गई है।