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कोरोना की पॉजीटिव व निगेटिव दो रिपोर्ट आने से कर्मी परेशान
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पलवल। कोरोना संक्रमण के लिए की गई दो अलग-अलग जांच में एक ही व्यक्ति को एक समय में ही पॉजीटिव व नैगेटिव दोनों दिखाया जा रहा है। जिससे जांच कराने वाला व्यक्ति बेहद मानसिक रूप से परेशान हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिस व्यक्ति की अलग-अलग रिपोर्टों में पॉजीटिव व नैगेटिव दिखाया गया है, वह स्वयं भी स्वास्थ्य कर्मी है। इस तरह से जांच दो जांच रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग की अब तक की गईं जांचों पर भी सवाल खड़े कर रही है तथा जांच करने वाले कर्मचारियों की लापरवाही दर्शा रही है। एक व्यक्ति की दो रिपोर्ट देखने के बाद लोग भी अपनी रिपोर्ट को लेकर असमंजस में हैं। वे भी दोबारा अपनी जांच कराने की सोच रहे हैं।
पलवल नागरिक अस्पताल में आयुष विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर तैनात करण अत्री ने 26 मई को अस्पताल में कोरोना की जांच के लिए आरटी पीसीआर के लिए सैंपल दिया था। जिसे जांच के लिए फरीदाबाद के ईएसआई मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेजा गया। जिसके बाद 28 मई को करण अत्री ने जब स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट से अपनी कोरोना की रिपोर्ट डाउनलोड की तो उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। लेकिन जब उसने पलवल सिविल अस्पताल में जाकर अपनी रिपोर्ट बनवाने के लिए संबंधित कार्यालय में संपर्क किया तो वहां से उसे जो रिपोर्ट बना कर दी गई वह कोरोना नैगेटिव की दी गई। जिसके बाद से करण अत्री इस असमंजस में फंसा हुआ है कि वह कौन सी रिपोर्ट को असली माने। क्योंकि अगर वह किसी भी एक रिपोर्ट को सही मानता है तो दूसरी रिपोर्ट पर सवाल खड़ा हो रहा है।
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एक ही नाम पर दो सैंपल आइडी बता रही लापरवाही
स्वास्थ्य विभाग द्वारा करण अत्री के जांच के लिए जो सैंपल लिया गया था, उसमें दो अलग-अलग आइडी लिखी हुई है। जो स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही दर्शा रही है। पिछले 2 दिनों से करन अत्री ने अपने आपको घर में आइसोलेट क्या हुआ है और अब उसको अस्पताल आकर ड्यूटी करने के लिए बोला जा रहा है। अब सवाल यह उठता है कि अगर वास्तव में करण अत्री पॉजिटिव है और उसको ड्यूटी पर बुला लिया जाता है तो उससे फैलने वाले संक्रमण का जिम्मेदार कौन होगा और अगर वह नेगेटिव है तो फिर वह पॉजिटिव के जैसी जिंदगी घर में आइसोलेट होकर पिछले 2 दिनों से जी रहा है इसका जिम्मेदार कौन है।
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लापरवाही हुई है तो कार्रवाई होगी
जिला सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह का कहना है कि यह मामला उनकी जानकारी में नहीं है। वे इस बारे में जानकारी लेंगे कि गलती कहां से हुई है। एक बार फिर से जांच करा असली स्थिति का पता किया जाएगा। इस मामले में जिसकी लापरवाही होगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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पलवल नागरिक अस्पताल में आयुष विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर तैनात करण अत्री ने 26 मई को अस्पताल में कोरोना की जांच के लिए आरटी पीसीआर के लिए सैंपल दिया था। जिसे जांच के लिए फरीदाबाद के ईएसआई मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेजा गया। जिसके बाद 28 मई को करण अत्री ने जब स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट से अपनी कोरोना की रिपोर्ट डाउनलोड की तो उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। लेकिन जब उसने पलवल सिविल अस्पताल में जाकर अपनी रिपोर्ट बनवाने के लिए संबंधित कार्यालय में संपर्क किया तो वहां से उसे जो रिपोर्ट बना कर दी गई वह कोरोना नैगेटिव की दी गई। जिसके बाद से करण अत्री इस असमंजस में फंसा हुआ है कि वह कौन सी रिपोर्ट को असली माने। क्योंकि अगर वह किसी भी एक रिपोर्ट को सही मानता है तो दूसरी रिपोर्ट पर सवाल खड़ा हो रहा है।
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एक ही नाम पर दो सैंपल आइडी बता रही लापरवाही
स्वास्थ्य विभाग द्वारा करण अत्री के जांच के लिए जो सैंपल लिया गया था, उसमें दो अलग-अलग आइडी लिखी हुई है। जो स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही दर्शा रही है। पिछले 2 दिनों से करन अत्री ने अपने आपको घर में आइसोलेट क्या हुआ है और अब उसको अस्पताल आकर ड्यूटी करने के लिए बोला जा रहा है। अब सवाल यह उठता है कि अगर वास्तव में करण अत्री पॉजिटिव है और उसको ड्यूटी पर बुला लिया जाता है तो उससे फैलने वाले संक्रमण का जिम्मेदार कौन होगा और अगर वह नेगेटिव है तो फिर वह पॉजिटिव के जैसी जिंदगी घर में आइसोलेट होकर पिछले 2 दिनों से जी रहा है इसका जिम्मेदार कौन है।
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लापरवाही हुई है तो कार्रवाई होगी
जिला सिविल सर्जन डॉ. ब्रह्मदीप सिंह का कहना है कि यह मामला उनकी जानकारी में नहीं है। वे इस बारे में जानकारी लेंगे कि गलती कहां से हुई है। एक बार फिर से जांच करा असली स्थिति का पता किया जाएगा। इस मामले में जिसकी लापरवाही होगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।