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Palwal News: व्हील चेयर और स्ट्रेचर न मिलने पर बेटे को पीठ पर लादकर घूमता रहा पिता
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिला नागरिक अस्पताल में न तो अव्यवस्थाओं को दूर किया जा रहा है और न ही मरीजों को दी जाने वाली सुविधाएं तथा दवाओं की कमी दूर की जा रही है। हर दिन अस्पताल में मरीज कहीं सुविधाओं के लिए तो कहीं दवा, इंजेक्शन के लिए भटकते नजर आते हैं। अस्पताल में इतना बुरा हाल है कि मरीजों को वार्ड में भर्ती रहते हुए भी सर्दियों में हीटर तथा कंबल तक की सुविधा नहीं मिल रही है। कभी-कभी डॉक्टर ही अपने कक्ष से गायब मिलते हैं। मंगलवार को भी जिला नागरिक अस्पताल में स्ट्रेचर व व्हील चेयर टूटी होने के कारण परिजन मरीजों को कंधों पर या पीठ पर उठाकर अस्पताल में इधर से उधर चक्कर काटते रहे, लेकिन न तो यह स्वास्थ्य कर्मियों को दिखा और न ही अस्पताल प्रबंधन ने इस ओर ध्यान दिया।
जिला नागरिक अस्पताल पलवल कहने को तो जिले का सबसे बड़ा अस्पताल है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर यहां मरीजों को कुछ नहीं मिलता। इस जिला नागरिक अस्पताल में पलवल ही नहीं, मेवात तथा उत्तर प्रदेश के कोसी तक के लोग उपचार के लिए आते हैं, लेकिन सुविधाओं व पर्याप्त दवाओं के अभाव में मरीजों को वापिस जाना पड़ता है। कभी-कभी तो अस्पताल में सुबह से ही बिजली गुल मिलती है। इस कारण मरीजों को वापिस घरों को लौटना पड़ता है।
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न स्ट्रेचर ठीक और न व्हील चेयर
जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों के लिए रखे हुए स्ट्रेचर तथा व्हील चेयर पूरी तरह से खराब हैं। उनका इस्तेमाल ही नहीं हो रहा है। इसके चलते मरीजों को उनके परिजन गोद में तथा पीठ पर लादकर अस्पताल में चक्कर काटते हैं। इस बारे में यदि कोई मरीज या उनके परिजन सवाल कर दें तो उन्हें विवाद का सामना करना पड़ता है। मंगलवार को भी एक मरीज के पांव में हड्डी टूटने पर एक्सरा कराने के लिए उसके परिजन को बड़ी मशक्कत करनी पड़ी। स्ट्रेचर व व्हील चेयर न होने के कारण मरीज को पीठ पर लादकर कभी डॉक्टर के पास तो कभी एक्सरे रूम में भागना पड़ा। इससे मरीज को तो परेशानी हो ही रही है। साथ ही अस्पताल की असुविधाओं के कारण परिजनों को भी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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नहीं मिलती दवाइयां
जिला नागरिक अस्पताल में पर्याप्त दवाइयां मरीजों को नहीं मिलती हैं। मंगलवार को जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों को चिकित्सकों द्वारा लिखी दवाइयां तक नहीं मिली। मरीज दवाइयों के लिए मेडिकल स्टोर पर चक्कर काटते रहे लेकिन आधी दवाइयां भी नहीं मिली। इस कारण मजबूरी में उन्हें बाहर से दवाइयां खरीदनी पड़ीं।
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नही मिली कोई मदद
मेरे पांव पर गाड़ी चढ़ने से हड्ढी टूट गई। मैं अस्पताल में उपचार के लिए आया तो यहां न स्ट्रेचर मिला न ही व्हील चेयर मिली। मजबूरी में मेरे पिता को ही पीठ पर लादकर मुझे डॉक्टर के पास तो कभी एक्सरे कक्ष में घूमना पड़ा, लेकिन किसी ने हमारी मदद नहीं की।
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मेरे हाथ में चोट लगी हुई है। अस्पताल में एक्सरा कराने के बाद मैंने चिकित्सक से जांच कराई तो उन्होंने दर्द सहित तीन दवाइयां लिखकर दे दी। लेकिन अस्पताल में दर्द की दवाई तक नहीं मिली। मजबूरी में मुझे बाहर मेडिकल स्टोर से दवा खरीदनी पड़ी।
-पवन कुमार, हथीन
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अस्पताल में स्ट्रेचर व्हील चेयर ठीक हैं। मैं इस बारे में पता करूंगा कि टूटी चेयर किस ने रखी हुई हैं। मरीजों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। यदि किसी भी मामले में लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. अजय माम, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी पलवल
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पलवल। जिला नागरिक अस्पताल में न तो अव्यवस्थाओं को दूर किया जा रहा है और न ही मरीजों को दी जाने वाली सुविधाएं तथा दवाओं की कमी दूर की जा रही है। हर दिन अस्पताल में मरीज कहीं सुविधाओं के लिए तो कहीं दवा, इंजेक्शन के लिए भटकते नजर आते हैं। अस्पताल में इतना बुरा हाल है कि मरीजों को वार्ड में भर्ती रहते हुए भी सर्दियों में हीटर तथा कंबल तक की सुविधा नहीं मिल रही है। कभी-कभी डॉक्टर ही अपने कक्ष से गायब मिलते हैं। मंगलवार को भी जिला नागरिक अस्पताल में स्ट्रेचर व व्हील चेयर टूटी होने के कारण परिजन मरीजों को कंधों पर या पीठ पर उठाकर अस्पताल में इधर से उधर चक्कर काटते रहे, लेकिन न तो यह स्वास्थ्य कर्मियों को दिखा और न ही अस्पताल प्रबंधन ने इस ओर ध्यान दिया।
जिला नागरिक अस्पताल पलवल कहने को तो जिले का सबसे बड़ा अस्पताल है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर यहां मरीजों को कुछ नहीं मिलता। इस जिला नागरिक अस्पताल में पलवल ही नहीं, मेवात तथा उत्तर प्रदेश के कोसी तक के लोग उपचार के लिए आते हैं, लेकिन सुविधाओं व पर्याप्त दवाओं के अभाव में मरीजों को वापिस जाना पड़ता है। कभी-कभी तो अस्पताल में सुबह से ही बिजली गुल मिलती है। इस कारण मरीजों को वापिस घरों को लौटना पड़ता है।
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न स्ट्रेचर ठीक और न व्हील चेयर
जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों के लिए रखे हुए स्ट्रेचर तथा व्हील चेयर पूरी तरह से खराब हैं। उनका इस्तेमाल ही नहीं हो रहा है। इसके चलते मरीजों को उनके परिजन गोद में तथा पीठ पर लादकर अस्पताल में चक्कर काटते हैं। इस बारे में यदि कोई मरीज या उनके परिजन सवाल कर दें तो उन्हें विवाद का सामना करना पड़ता है। मंगलवार को भी एक मरीज के पांव में हड्डी टूटने पर एक्सरा कराने के लिए उसके परिजन को बड़ी मशक्कत करनी पड़ी। स्ट्रेचर व व्हील चेयर न होने के कारण मरीज को पीठ पर लादकर कभी डॉक्टर के पास तो कभी एक्सरे रूम में भागना पड़ा। इससे मरीज को तो परेशानी हो ही रही है। साथ ही अस्पताल की असुविधाओं के कारण परिजनों को भी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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नहीं मिलती दवाइयां
जिला नागरिक अस्पताल में पर्याप्त दवाइयां मरीजों को नहीं मिलती हैं। मंगलवार को जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों को चिकित्सकों द्वारा लिखी दवाइयां तक नहीं मिली। मरीज दवाइयों के लिए मेडिकल स्टोर पर चक्कर काटते रहे लेकिन आधी दवाइयां भी नहीं मिली। इस कारण मजबूरी में उन्हें बाहर से दवाइयां खरीदनी पड़ीं।
नही मिली कोई मदद
मेरे पांव पर गाड़ी चढ़ने से हड्ढी टूट गई। मैं अस्पताल में उपचार के लिए आया तो यहां न स्ट्रेचर मिला न ही व्हील चेयर मिली। मजबूरी में मेरे पिता को ही पीठ पर लादकर मुझे डॉक्टर के पास तो कभी एक्सरे कक्ष में घूमना पड़ा, लेकिन किसी ने हमारी मदद नहीं की।
मेरे हाथ में चोट लगी हुई है। अस्पताल में एक्सरा कराने के बाद मैंने चिकित्सक से जांच कराई तो उन्होंने दर्द सहित तीन दवाइयां लिखकर दे दी। लेकिन अस्पताल में दर्द की दवाई तक नहीं मिली। मजबूरी में मुझे बाहर मेडिकल स्टोर से दवा खरीदनी पड़ी।
-पवन कुमार, हथीन
अस्पताल में स्ट्रेचर व्हील चेयर ठीक हैं। मैं इस बारे में पता करूंगा कि टूटी चेयर किस ने रखी हुई हैं। मरीजों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। यदि किसी भी मामले में लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. अजय माम, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी पलवल