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Palwal News: रबी की बोआई नजदीक, जलभराव से किसानों की चिंता बढ़ी
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अधिकारी कर चुके हैं निरीक्षण, अब तक पानी निकासी का काम शुरू नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
पिनगवां। ऐंचवाड़ी, गोकलपुर और नीमखेड़ा गांवों में खेतों में जमा बरसाती पानी किसानों के लिए परेशानी बना हुआ है। रबी की बोआई का समय नजदीक आने के साथ किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। कुछ दिन पहले अधिकारियों ने जलभराव वाले खेतों का निरीक्षण भी किया था, लेकिन अभी तक पानी निकासी के लिए मौके पर कोई काम शुरू नहीं हुआ है। किसानों के अनुसार, डहर वाली क्षेत्र की 100 एकड़ से अधिक कृषि भूमि लंबे समय से जलभराव की चपेट में है। खेतों में पानी जमा रहने के कारण ज्वार की फसल खराब हो चुकी है। अब किसानों को गेहूं, सरसों और जौ की बुवाई प्रभावित होने की चिंता सता रही है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द पानी नहीं निकाला गया तो खेतों में नमी अधिक रहने के कारण रबी फसलों की बुवाई समय पर नहीं हो पाएगी।
किसानों ने बताया कि पिछले वर्ष भी बारिश के बाद ऐसी ही स्थिति बनी थी। जलभराव के कारण रबी की फसल प्रभावित हुई थी और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। किसानों का आरोप है कि हर वर्ष जलनिकासी की समस्या सामने आती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। किसान याकूब खान, साहिद, साजिद, आरिफ और वाहिद ने बताया कि अधिकारी निरीक्षण कर चुके हैं, लेकिन पानी निकासी की शुरुआत नहीं होने से उनकी चिंता बढ़ रही है। उन्होंने प्रशासन से जल्द खेतों से पानी निकलवाने और भविष्य में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए स्थायी जलनिकासी व्यवस्था कराने की मांग की है।
कोट
निरीक्षण के बाद जलभराव की स्थिति की फाइल तैयार कर विभाग को भेज दी गई है। अभी विभाग की ओर से कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश मिलते ही खेतों से पानी की निकासी की व्यवस्था तुरंत शुरू कराई जाएगी। - मुबारिक खान कनिष्ठ अभियंता, सिंचाई विभाग
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संवाद न्यूज एजेंसी
पिनगवां। ऐंचवाड़ी, गोकलपुर और नीमखेड़ा गांवों में खेतों में जमा बरसाती पानी किसानों के लिए परेशानी बना हुआ है। रबी की बोआई का समय नजदीक आने के साथ किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है। कुछ दिन पहले अधिकारियों ने जलभराव वाले खेतों का निरीक्षण भी किया था, लेकिन अभी तक पानी निकासी के लिए मौके पर कोई काम शुरू नहीं हुआ है। किसानों के अनुसार, डहर वाली क्षेत्र की 100 एकड़ से अधिक कृषि भूमि लंबे समय से जलभराव की चपेट में है। खेतों में पानी जमा रहने के कारण ज्वार की फसल खराब हो चुकी है। अब किसानों को गेहूं, सरसों और जौ की बुवाई प्रभावित होने की चिंता सता रही है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द पानी नहीं निकाला गया तो खेतों में नमी अधिक रहने के कारण रबी फसलों की बुवाई समय पर नहीं हो पाएगी।
किसानों ने बताया कि पिछले वर्ष भी बारिश के बाद ऐसी ही स्थिति बनी थी। जलभराव के कारण रबी की फसल प्रभावित हुई थी और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। किसानों का आरोप है कि हर वर्ष जलनिकासी की समस्या सामने आती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। किसान याकूब खान, साहिद, साजिद, आरिफ और वाहिद ने बताया कि अधिकारी निरीक्षण कर चुके हैं, लेकिन पानी निकासी की शुरुआत नहीं होने से उनकी चिंता बढ़ रही है। उन्होंने प्रशासन से जल्द खेतों से पानी निकलवाने और भविष्य में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए स्थायी जलनिकासी व्यवस्था कराने की मांग की है।
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निरीक्षण के बाद जलभराव की स्थिति की फाइल तैयार कर विभाग को भेज दी गई है। अभी विभाग की ओर से कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश मिलते ही खेतों से पानी की निकासी की व्यवस्था तुरंत शुरू कराई जाएगी। - मुबारिक खान कनिष्ठ अभियंता, सिंचाई विभाग
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