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Palwal News: सोनिया गांधी की नागरिकता-मतदाता सूची मामले में फैसला 13 अगस्त को
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राउज एवेन्यू कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रखा, लिखित दलीलें दाखिल करने के लिए 1 अगस्त तक का समय
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के खिलाफ दायर उस याचिका पर शनिवार को फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें आरोप लगाया गया है कि भारतीय नागरिकता मिलने से पहले उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज किया गया था। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि मामले में 13 अगस्त को आदेश पारित किया जाएगा। अदालत ने शिकायतकर्ता विकास त्रिपाठी और सोनिया गांधी को लिखित दलीलें दाखिल करने के लिए 1 अगस्त तक का समय दिया है।
याचिकाकर्ता ने अदालत से सोनिया गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश देने की मांग की है। इससे पहले अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया ने 11 सितंबर 2025 को शिकायत खारिज कर दी थी, जिसके खिलाफ त्रिपाठी ने सत्र अदालत में पुनरीक्षण याचिका दायर की थी। रिवीजन अदालत ने 9 दिसंबर 2025 को सोनिया गांधी को नोटिस जारी किया था। याचिकाकर्ता का आरोप है कि सोनिया गांधी का नाम 1980 में नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल किया गया, जबकि उन्हें भारतीय नागरिकता अप्रैल 1983 में मिली थी। उनका दावा है कि नाम 1982 में हटाया गया और 1983 में फिर जोड़ा गया। वहीं, सोनिया गांधी ने आरोपों को निराधार, राजनीतिक रूप से प्रेरित और न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग बताते हुए सभी दावों का खंडन किया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के खिलाफ दायर उस याचिका पर शनिवार को फैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें आरोप लगाया गया है कि भारतीय नागरिकता मिलने से पहले उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज किया गया था। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि मामले में 13 अगस्त को आदेश पारित किया जाएगा। अदालत ने शिकायतकर्ता विकास त्रिपाठी और सोनिया गांधी को लिखित दलीलें दाखिल करने के लिए 1 अगस्त तक का समय दिया है।
याचिकाकर्ता ने अदालत से सोनिया गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश देने की मांग की है। इससे पहले अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया ने 11 सितंबर 2025 को शिकायत खारिज कर दी थी, जिसके खिलाफ त्रिपाठी ने सत्र अदालत में पुनरीक्षण याचिका दायर की थी। रिवीजन अदालत ने 9 दिसंबर 2025 को सोनिया गांधी को नोटिस जारी किया था। याचिकाकर्ता का आरोप है कि सोनिया गांधी का नाम 1980 में नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल किया गया, जबकि उन्हें भारतीय नागरिकता अप्रैल 1983 में मिली थी। उनका दावा है कि नाम 1982 में हटाया गया और 1983 में फिर जोड़ा गया। वहीं, सोनिया गांधी ने आरोपों को निराधार, राजनीतिक रूप से प्रेरित और न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग बताते हुए सभी दावों का खंडन किया है।
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