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फाइनेंसर से परेशान होकर ऑटो चालक ने की थी आत्महत्या
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पलवल। रेल के सामने खड़े होकर आत्महत्या करने वाले ऑटो रिक्शा चालक के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। चालक ने फाइनेंसर की प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या की थी। पुलिस ने मृतक के कपड़ों का पुलिंदा सील कर जांच के लिए भेजा है। जीआरपी थाना प्रभारी ने पीड़ितों के बयान दर्ज किए हैं। घटना के एक महीने बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
जीआरपी चौकी इंचार्ज एएसआई धनीराम ने बताया कि शहर के वार्ड नंबर 12 निवासी सुशील कुमार ने बीती 28 फरवरी को रेल के सामने खड़े होकर आत्महत्या कर ली थी। सूचना मिलने पर 174 की कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया गया। बीती 23 मार्च को मृतक की पत्नी गीता कथुरिया ने शिकायत दी कि उसके पति सुशील कुमार ने मंजीत चौहान से 15 हजार रुपये उधार लिए थे। यह राशि ब्याज सहित लौटा दी गई थी। उसके बाद भी पेनल्टी के नाम पर 200 रुपये रोजाना के हिसाब से 10 हजार रुपये की मांग की जाने लगी। मना करने पर सुशील कथुरिया को बंधक बनाकर मारपीट की गई। आटो रिक्शा को लूट कर ले गए। बार-बार मानसिक रूप से परेशान होकर बीती 28 फरवरी को आत्महत्या कर ली। फाइनेंसरों ने शिकायतकर्ता महिला के देवर से भी स्कूटी लूटकर मारपीट की थी। पुलिस का कहना है कि इस बारे में मंजीत चौहान और राहुल के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने का मुकदमा दर्ज जांच शुरू कर दी है। अभी तक आरोपियों गिरफ्तार नहीं किया गया है।
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जीआरपी चौकी इंचार्ज एएसआई धनीराम ने बताया कि शहर के वार्ड नंबर 12 निवासी सुशील कुमार ने बीती 28 फरवरी को रेल के सामने खड़े होकर आत्महत्या कर ली थी। सूचना मिलने पर 174 की कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया गया। बीती 23 मार्च को मृतक की पत्नी गीता कथुरिया ने शिकायत दी कि उसके पति सुशील कुमार ने मंजीत चौहान से 15 हजार रुपये उधार लिए थे। यह राशि ब्याज सहित लौटा दी गई थी। उसके बाद भी पेनल्टी के नाम पर 200 रुपये रोजाना के हिसाब से 10 हजार रुपये की मांग की जाने लगी। मना करने पर सुशील कथुरिया को बंधक बनाकर मारपीट की गई। आटो रिक्शा को लूट कर ले गए। बार-बार मानसिक रूप से परेशान होकर बीती 28 फरवरी को आत्महत्या कर ली। फाइनेंसरों ने शिकायतकर्ता महिला के देवर से भी स्कूटी लूटकर मारपीट की थी। पुलिस का कहना है कि इस बारे में मंजीत चौहान और राहुल के खिलाफ आत्महत्या के लिए विवश करने का मुकदमा दर्ज जांच शुरू कर दी है। अभी तक आरोपियों गिरफ्तार नहीं किया गया है।
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