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नहीं मिला स्ट्रेचर तो परिजनों ने ही हाथों में उठा आइसोलेशन वार्ड तक पहुंचाया

Wed, 19 May 2021 10:46 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 19 May 2021 10:46 PM IST
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The stretcher was not found, then the family members raised themselves in the hand to reach the isolation ward.
पलवल। कोरोना संक्रमण के मरीजों को आज भी जिला नागरिक अस्पताल में सुविधाएं नहीं मिल रही है। अस्पताल में आने वाले कोरोना संक्रमित मरीजों को उनके परिजन ही उपचार के लिए इधर से उधर लेकर भटक रहे हैं। उन्हें स्ट्रेचर नहीं मिल रहा है। नर्सिंग स्टाफ भी उनकी डॉक्टरों के पास तक जाने में मदद नहीं कर रहा है। अस्पताल के यह नजारे स्वास्थ्य सेवाओं के दावों की पोल खोल रहे हैं। बुधवार को भी जिला नागरिक अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीज को लेकर आए परिजनों को स्वास्थ्य कर्मियों व स्ट्रेचर के अभाव में स्वयं ही हाथों में उठाकर भागना पड़ा। उसके बावजूद अस्पताल में न तो डॉक्टरों ने उस मरीज की तरफ ध्यान दिया और न ही किसी स्वास्थ्य कर्मी ने।
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मरीज को लेकर पहुंचे आपातकालीन कक्ष में तो नहीं देखा किसी ने
बुधवार को कोरोना संक्रमित एक मरीज की हालत बेहद खराब होने पर जब उसके परिजन जिला नागरिक अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में लेकर पहुंचे तो वहां तैनात डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों ने उसे हाथ तक नहीं लगाया। यहां तक कि डर के कारण दूर जा खड़े हुए। दूर से ही परिजनों को उस मरीज को आइसोलेशन वार्ड में ले जाने को कह दिया। इसके बाद जब परिजनों ने स्वास्थ्य कर्मियों से स्ट्रेचर पर लिटा उसे आइसोलेशन वार्ड में जाने को कहा तो कर्मियों ने मना कर दिया। जिसके बाद परिजनों ने अपने हाथों में ही मरीज को उठाया और भागते हुए उसे आइसोलेशन वार्ड में लेकर गए। जहां उसे आक्सीजन लगाई गई। परिजनों का आरोप था कि उनके मरीज को किसी ने हाथ तक नहीं लगाया।
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-बेकार में ही बनाया बसों को एंबुलेंस
वहीं परिवहन निगम की पांच बसों को एंबुलेंस में तो बदल दिया गया, लेकिन ये एंबुलेंस बनाई गईं बसें जिला नागरिक अस्पताल परिसर में खड़ी लोगों के देखने के काम आ रही हैं। जब से इन बसों को एंबुलेंस में तबदील किया गया, तब से ये बसें अस्पताल परिसर में खड़ी हैं। लोगों का कहना है कि इससे अच्छा तो इन्हें सवारियों को लाने-ले जाने में ही इस्तेमाल किया जाता तो कम से कम लोगों को परिवहन सेवा तो ठीक से मिल जाती।
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एंबुलेंस बसों के चालक खेलते रहते हैं ताश
परिवहन निगम की जिन पांच बसों को एंबुलेंस में तबदील किया गया है, उनके चालक खाली बैठे रहते हैं। जिस कारण उनका समय ताश खेलने व बस के अंदर ही सोने में गुजरता है। एक चालक ने बताया कि बसों को बिना कारण एंबुलेंस में तब्दील किया गया है। इन बसों का अब तक कोई इस्तेमाल नहीं हुआ है। वे भी यहां बैठे बोर हो रहे हैं।

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जिला नागरिक अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीजों को पूरी सुविधाएं मिल रही हैं। आज आइसोलेशन वार्ड में करीब 35 बेड खाली हैं। मरीज ठीक होकर जा रहे हैं। मरीजों को आते ही हर तरह की सुविधाएं मिल रही हैं। आगे भी पूरा ध्यान दिया जा रहा है। मेरा प्रयास है कि किसी भी मरीज को कोई दिक्कत न हो।
डॉ. ब्रह्मदीप सिंह, जिला सिविल सर्जन
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