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Palwal News: मंदिर के दानपात्र को रिसीवर तहसीलदार ने किया सील
Sun, 28 Sep 2025 03:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
Updated Sun, 28 Sep 2025 03:50 AM IST
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गांव शेषसाई में भगवान लक्ष्मी नारायण मंदिर में की कार्रवाई, चाबी सरकारी खजाने में जमा
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। क्षेत्र के गांव शेषसाई में स्थित भगवान लक्ष्मी नारायण मंदिर में प्रशासन द्वारा नियुक्त किए गए रिसीवर तहसीलदार अनिल कुमार ने शुक्रवार देर सांय कार्यभार संभाल लिया। रिसीवर में मंदिर में दान पात्रों को ताला लगाकर सील करने के बाद चाबी सरकारी खजाने में जमा करवा दी।
गौरतलब है कि गांव शेखसाई के पुजारियों के अनुसार वह लगभग 800 वर्ष पहले जब से भगवान लक्ष्मी नारायण की प्रतिमा प्रकट हुई है, तभी से उनके पूर्वज मंदिर की पूजा अर्चना व देखभाल करने का काम करते आ रहे हैं। गांव में स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर गांव के लाल डोरे की जमीन पर स्थित है। गांव शेषसाई अलग गांव है, लेकिन बांसवा की पंचायत एक हैं। 16 मार्च को गांव बांसवा निवासी ने अजीत उर्फ बॉबी ने ट्रस्ट बनाकर ग्रामीणों के साथ जाकर मंदिर के दान पत्र को खोलकर चंदा निकालकर अपने अधीन ले लिया। बाद में जिला प्रशासन ने इस मामले में केस दर्ज कर मामले को सुलझा दिया। 27 जुलाई फिर गांव शेषसाई के मंदिर में फिर से दान पात्र से चंदा निकालने से पुजारियों सहित सेवारत महिलाओं से मारपीट कर छेड़छाड़ की घटना हुई। शिकायत के आधार पर केस दर्ज करने के बाद अतिरिक्त कलेक्टर बेलिना लोहान की अदालत ने विवाद को खत्म करते हुए तहसीलदार अनिल कुमार को रिसीवर नियुक्त कर दिया। शुक्रवार की देर सांय रिसीवर ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर मंदिर परिसर में दोनों पक्षों को बुलाकर दान पात्र पर ताला लगाकर सील कर दिया।
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होडल। क्षेत्र के गांव शेषसाई में स्थित भगवान लक्ष्मी नारायण मंदिर में प्रशासन द्वारा नियुक्त किए गए रिसीवर तहसीलदार अनिल कुमार ने शुक्रवार देर सांय कार्यभार संभाल लिया। रिसीवर में मंदिर में दान पात्रों को ताला लगाकर सील करने के बाद चाबी सरकारी खजाने में जमा करवा दी।
गौरतलब है कि गांव शेखसाई के पुजारियों के अनुसार वह लगभग 800 वर्ष पहले जब से भगवान लक्ष्मी नारायण की प्रतिमा प्रकट हुई है, तभी से उनके पूर्वज मंदिर की पूजा अर्चना व देखभाल करने का काम करते आ रहे हैं। गांव में स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर गांव के लाल डोरे की जमीन पर स्थित है। गांव शेषसाई अलग गांव है, लेकिन बांसवा की पंचायत एक हैं। 16 मार्च को गांव बांसवा निवासी ने अजीत उर्फ बॉबी ने ट्रस्ट बनाकर ग्रामीणों के साथ जाकर मंदिर के दान पत्र को खोलकर चंदा निकालकर अपने अधीन ले लिया। बाद में जिला प्रशासन ने इस मामले में केस दर्ज कर मामले को सुलझा दिया। 27 जुलाई फिर गांव शेषसाई के मंदिर में फिर से दान पात्र से चंदा निकालने से पुजारियों सहित सेवारत महिलाओं से मारपीट कर छेड़छाड़ की घटना हुई। शिकायत के आधार पर केस दर्ज करने के बाद अतिरिक्त कलेक्टर बेलिना लोहान की अदालत ने विवाद को खत्म करते हुए तहसीलदार अनिल कुमार को रिसीवर नियुक्त कर दिया। शुक्रवार की देर सांय रिसीवर ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर मंदिर परिसर में दोनों पक्षों को बुलाकर दान पात्र पर ताला लगाकर सील कर दिया।
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