{"_id":"666dd8aeba659e8d5c08bcf1","slug":"technology-and-skills-are-necessary-for-the-development-of-the-country-dattatreya-palwal-news-c-24-1-fb11002-106816-2024-06-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Palwal News: तकनीक और कौशल देश के विकास के लिए जरूरी -दत्तात्रेय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Palwal News: तकनीक और कौशल देश के विकास के लिए जरूरी -दत्तात्रेय
Sat, 15 Jun 2024 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
Updated Sat, 15 Jun 2024 11:38 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। हरियाणा के महामहिम राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि तकनीक और कौशल देश के विकास के लिए सबसे ज्यादा जरूरी हैं। तकनीक का यह ज्ञान विद्यार्थियों को हिंदी में भी मिलना चाहिए। महामहिम राज्यपाल श्रीविश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ऑनलाइन माध्यम से मुख्यातिथि के रूप में बोल रहे थे।
तकनीकी और कौशल शिक्षा की परिवर्तनकारी गतिशीलता विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में फ्रांस, ओमान और नेपाल सहित विभिन्न देशों से कुल 87 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। तकनीक और कौशल पर आधारित सभी शोध पत्र हिंदी में लिखे गए हैं। राज्यपाल ने देश-विदेश से जुड़े विद्वानों को हिंदी में शोध पत्र प्रस्तुत करने पर बधाई दी और भविष्य में और अधिक शोध के लिए प्रोत्साहित किया। इस भव्य आयोजन के लिए उन्होंने श्रीविश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के नवाचारी कुलपति डॉ. राज नेहरू को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन के भविष्य में सुखद परिणाम सामने आएंगे। महामहिम राज्यपाल ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तैयार हुई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की दिशा में यह बड़ा गंभीर और महत्वाकांक्षी प्रयास है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति कहती है कि इंजीनियरिंग और मेडिकल की पढ़ाई का विकल्प हिंदी में भी मिलना चाहिए। सम्मेलन के माध्यम से विश्व भर के विद्वानों को इंजीनियरिंग, साइंस, ह्यूमैनिटीज, मैनेजमेंट और एग्रीकल्चर के क्षेत्र में हो रहे नए एवं अभिनव प्रयोगों के विषय में जानने का शुभ अवसर मिलेगा। राज्यपाल ने इस सम्मेलन की संयोजक कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा, अकादमिक अधिष्ठाता प्रोफेसर आरएस राठौर और डीन प्रोफेसर ऋषिपाल को बधाई दी।
सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए श्रीविश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राज नेहरू ने कहा कि हमने वर्क इंटीग्रेटेड मॉडल तैयार किया है, जिसमें 60 प्रतिशत हिस्सेदारी इंडस्ट्री की है। हम विद्यार्थियों में परफॉर्मेंस और संवाद के आधार पर विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ा रहे हैं। कुलपति डॉ. राज नेहरू ने कहा कि हिंदी के प्रयोग से हम हायर एजुकेशन में ग्रोस एनरोलमेंट रेशो को बढ़ा सकते हैं। इसमें श्री विश्वकर्मा कौशल।विश्वविद्यालय द्वारा शुरू किया गया रिकॉग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग बहुत कारगर सिद्ध हो रहा है। आईआईटी जोधपुर के संस्थापक निदेशक प्रोफेसर प्रेम कालरा ने कहा कि अच्छा इंसान बनना अच्छी स्किल है। उन्होंने इंटेलिजेंस पर गहन चर्चा करते हुए उसके विविध आयामों पर प्रकाश डाला। प्रोफेसर कालरा ने सोचने का स्तर बढ़ाने का आह्वान किया। स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. रणदीप सिंह पूनिया ने कहा कि ज्ञान प्राप्त करना अलग विषय है, लेकिन उसका क्रियान्वयन उत्कृष्ट है।
विज्ञापन
इस अवसर पर हीरो मोटर कॉर्प के डीजीएम सुधांशु पाथि, एमएसडीई के निदेशक डॉ. नवल अरोड़ा, जेबीएम ग्रुप से डॉ. राजीव शर्मा, एआईसीटी ई की उप निदेशक डॉ. नीतू भगत, नेशनल स्किल नेटवर्क से डॉ. माधुरी दुबे और विभिन्न शिक्षण संस्थानों तथा उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
विज्ञापन
पलवल। हरियाणा के महामहिम राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि तकनीक और कौशल देश के विकास के लिए सबसे ज्यादा जरूरी हैं। तकनीक का यह ज्ञान विद्यार्थियों को हिंदी में भी मिलना चाहिए। महामहिम राज्यपाल श्रीविश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ऑनलाइन माध्यम से मुख्यातिथि के रूप में बोल रहे थे।
तकनीकी और कौशल शिक्षा की परिवर्तनकारी गतिशीलता विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में फ्रांस, ओमान और नेपाल सहित विभिन्न देशों से कुल 87 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। तकनीक और कौशल पर आधारित सभी शोध पत्र हिंदी में लिखे गए हैं। राज्यपाल ने देश-विदेश से जुड़े विद्वानों को हिंदी में शोध पत्र प्रस्तुत करने पर बधाई दी और भविष्य में और अधिक शोध के लिए प्रोत्साहित किया। इस भव्य आयोजन के लिए उन्होंने श्रीविश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के नवाचारी कुलपति डॉ. राज नेहरू को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन के भविष्य में सुखद परिणाम सामने आएंगे। महामहिम राज्यपाल ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तैयार हुई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की दिशा में यह बड़ा गंभीर और महत्वाकांक्षी प्रयास है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति कहती है कि इंजीनियरिंग और मेडिकल की पढ़ाई का विकल्प हिंदी में भी मिलना चाहिए। सम्मेलन के माध्यम से विश्व भर के विद्वानों को इंजीनियरिंग, साइंस, ह्यूमैनिटीज, मैनेजमेंट और एग्रीकल्चर के क्षेत्र में हो रहे नए एवं अभिनव प्रयोगों के विषय में जानने का शुभ अवसर मिलेगा। राज्यपाल ने इस सम्मेलन की संयोजक कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा, अकादमिक अधिष्ठाता प्रोफेसर आरएस राठौर और डीन प्रोफेसर ऋषिपाल को बधाई दी।
विज्ञापन
सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए श्रीविश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राज नेहरू ने कहा कि हमने वर्क इंटीग्रेटेड मॉडल तैयार किया है, जिसमें 60 प्रतिशत हिस्सेदारी इंडस्ट्री की है। हम विद्यार्थियों में परफॉर्मेंस और संवाद के आधार पर विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ा रहे हैं। कुलपति डॉ. राज नेहरू ने कहा कि हिंदी के प्रयोग से हम हायर एजुकेशन में ग्रोस एनरोलमेंट रेशो को बढ़ा सकते हैं। इसमें श्री विश्वकर्मा कौशल।विश्वविद्यालय द्वारा शुरू किया गया रिकॉग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग बहुत कारगर सिद्ध हो रहा है। आईआईटी जोधपुर के संस्थापक निदेशक प्रोफेसर प्रेम कालरा ने कहा कि अच्छा इंसान बनना अच्छी स्किल है। उन्होंने इंटेलिजेंस पर गहन चर्चा करते हुए उसके विविध आयामों पर प्रकाश डाला। प्रोफेसर कालरा ने सोचने का स्तर बढ़ाने का आह्वान किया। स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. रणदीप सिंह पूनिया ने कहा कि ज्ञान प्राप्त करना अलग विषय है, लेकिन उसका क्रियान्वयन उत्कृष्ट है।
विज्ञापन
इस अवसर पर हीरो मोटर कॉर्प के डीजीएम सुधांशु पाथि, एमएसडीई के निदेशक डॉ. नवल अरोड़ा, जेबीएम ग्रुप से डॉ. राजीव शर्मा, एआईसीटी ई की उप निदेशक डॉ. नीतू भगत, नेशनल स्किल नेटवर्क से डॉ. माधुरी दुबे और विभिन्न शिक्षण संस्थानों तथा उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित थे।