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Palwal News: गली क्रिकेट से यूथ टेस्ट तक पहुंचा तन्मय का सफर, ऑस्ट्रेलिया के झटके छह विकेट
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तन्मय बलोदा । परिजन
- फोटो : Archive
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। हिसार के बरवाला क्षेत्र के गांव दौलतपुर में जन्मे और पलवल में पले-बढ़े तन्मय बलोदा सोमवार से क्रिकेट प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। भारत और ऑस्ट्रेलिया की अंडर-19 टीमों के बीच अहमदाबाद में खेले जा रहे दूसरे यूथ टेस्ट के पहले दिन तन्मय ने शानदार गेंदबाजी करते हुए छह विकेट झटककर ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 174 रन पर समेट दी।
नरेंद्र मोदी स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी की। टीम 73 ओवर में 174 रन ही बना सकी। भारत की ओर से लेफ्ट आर्म स्पिनर तन्मय बलोदा ने 25 ओवर में महज 32 रन देकर छह विकेट हासिल किए। उन्होंने अपने 25 ओवर में 11 मेडन ओवर डाले।
तन्मय के माता-पिता सरकारी शिक्षक हैं। उनके पिता बताते हैं कि जब वह तीसरी कक्षा में पढ़ते थे, तभी से क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। तन्मय पढ़ाई के साथ नियमित रूप से क्रिकेट का अभ्यास करते थे। उन्होंने सीबीएसई की 10वी बोर्ड परीक्षा में 94 प्रतिशत अंक हासिल किए।
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फिलहाल वह रोहतक के एक निजी कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई कर रहे हैं और एसआरएनसीसी क्रिकेट अकेडमी में क्रिकेट की प्रतिभा को धार दे रहे हैं। तन्मय दो साल से लगातार हरियाणा अंडर-19 टीम का हिस्सा हैं। तन्मय के पिता धर्मवीर के अनुसार, पिछले वर्ष उन्होंने रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया था। रणजी में खेले दो मुकाबलों में तन्मय ने 10 विकेट अपने नाम किए।
दादा ने पिता को क्रिकेट से दूर रखा
तन्मय के पिता बताते हैं कि उनके समय में उनके पिता यानी तन्मय के दादा क्रिकेट को पढ़ाई के लिए बाधा मानते थे। उन्होंने कभी उन्हें क्रिकेट मैच देखने तक की अनुमति नहीं दी। आज वही दादा तन्मय का मैच खुद देखते हैं और मैच के बारे में जानकारी लेने के लिए बेटे को फोन करते हैं। तन्मय की मां ने बताया कि तन्मय जब भी घर आते हैं, उनका क्रिकेट अभ्यास कभी नहीं रुकता।
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पलवल। हिसार के बरवाला क्षेत्र के गांव दौलतपुर में जन्मे और पलवल में पले-बढ़े तन्मय बलोदा सोमवार से क्रिकेट प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। भारत और ऑस्ट्रेलिया की अंडर-19 टीमों के बीच अहमदाबाद में खेले जा रहे दूसरे यूथ टेस्ट के पहले दिन तन्मय ने शानदार गेंदबाजी करते हुए छह विकेट झटककर ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 174 रन पर समेट दी।
नरेंद्र मोदी स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी की। टीम 73 ओवर में 174 रन ही बना सकी। भारत की ओर से लेफ्ट आर्म स्पिनर तन्मय बलोदा ने 25 ओवर में महज 32 रन देकर छह विकेट हासिल किए। उन्होंने अपने 25 ओवर में 11 मेडन ओवर डाले।
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तन्मय के माता-पिता सरकारी शिक्षक हैं। उनके पिता बताते हैं कि जब वह तीसरी कक्षा में पढ़ते थे, तभी से क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। तन्मय पढ़ाई के साथ नियमित रूप से क्रिकेट का अभ्यास करते थे। उन्होंने सीबीएसई की 10वी बोर्ड परीक्षा में 94 प्रतिशत अंक हासिल किए।
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फिलहाल वह रोहतक के एक निजी कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई कर रहे हैं और एसआरएनसीसी क्रिकेट अकेडमी में क्रिकेट की प्रतिभा को धार दे रहे हैं। तन्मय दो साल से लगातार हरियाणा अंडर-19 टीम का हिस्सा हैं। तन्मय के पिता धर्मवीर के अनुसार, पिछले वर्ष उन्होंने रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया था। रणजी में खेले दो मुकाबलों में तन्मय ने 10 विकेट अपने नाम किए।
दादा ने पिता को क्रिकेट से दूर रखा
तन्मय के पिता बताते हैं कि उनके समय में उनके पिता यानी तन्मय के दादा क्रिकेट को पढ़ाई के लिए बाधा मानते थे। उन्होंने कभी उन्हें क्रिकेट मैच देखने तक की अनुमति नहीं दी। आज वही दादा तन्मय का मैच खुद देखते हैं और मैच के बारे में जानकारी लेने के लिए बेटे को फोन करते हैं। तन्मय की मां ने बताया कि तन्मय जब भी घर आते हैं, उनका क्रिकेट अभ्यास कभी नहीं रुकता।