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Palwal News: हसनपुर-अमरौली में जली पराली, एफआईआर दर्ज
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-मामले में साल का पहला मुकदमा दो किसानों के खिलाफ दर्ज हुआ
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। पराली जलाने मामले में इस साल की पहली एफआईआर दर्ज की गई है। गांव अमरौली और हसनपुर में दो किसानों द्वारा खेतों में फसल अवशेष जलाने की पुष्टि होने के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए उनके खिलाफ केस दर्ज कराया है। यह कार्यवाही जिला प्रशासन द्वारा पर्यावरण संरक्षण को लेकर शुरू की गई सख्ती का संकेत मानी जा रही है।
थाना प्रभारी ने बताया कि हल्का पटवारी सुधीर कुमार ने पुलिस को शिकायत दी थी। उन्होंने कहा कि सैटेलाइट से प्राप्त जानकारी के अनुसार, हसनपुर निवासी किसान बोधराम ने अपने गेहूं की डेढ़ एकड़ फसल की पराली जलाकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया है। इसी आधार पर बोधराम और अमरौली निवासी जोगेंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उपायुक्त ने बताया कि पराली जलाने पर किसानों को 5,000 से 30,000 रुपये तक जुर्माना भरना पड़ सकता है, जो खेत के आकार के अनुसार तय होता है। इसके अलावा मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर रेड एंट्री भी की जाती है, जो भविष्य में सरकारी लाभों पर प्रभाव डाल सकती है। पिछले सीजन में ऐसे 23 किसानों पर चालान और एफआईआर की गई थी। अब देखना होगा कि इस साल की यह पहली कार्रवाई बाकी किसानों के लिए चेतावनी साबित होती है या नहीं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। पराली जलाने मामले में इस साल की पहली एफआईआर दर्ज की गई है। गांव अमरौली और हसनपुर में दो किसानों द्वारा खेतों में फसल अवशेष जलाने की पुष्टि होने के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए उनके खिलाफ केस दर्ज कराया है। यह कार्यवाही जिला प्रशासन द्वारा पर्यावरण संरक्षण को लेकर शुरू की गई सख्ती का संकेत मानी जा रही है।
थाना प्रभारी ने बताया कि हल्का पटवारी सुधीर कुमार ने पुलिस को शिकायत दी थी। उन्होंने कहा कि सैटेलाइट से प्राप्त जानकारी के अनुसार, हसनपुर निवासी किसान बोधराम ने अपने गेहूं की डेढ़ एकड़ फसल की पराली जलाकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया है। इसी आधार पर बोधराम और अमरौली निवासी जोगेंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उपायुक्त ने बताया कि पराली जलाने पर किसानों को 5,000 से 30,000 रुपये तक जुर्माना भरना पड़ सकता है, जो खेत के आकार के अनुसार तय होता है। इसके अलावा मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर रेड एंट्री भी की जाती है, जो भविष्य में सरकारी लाभों पर प्रभाव डाल सकती है। पिछले सीजन में ऐसे 23 किसानों पर चालान और एफआईआर की गई थी। अब देखना होगा कि इस साल की यह पहली कार्रवाई बाकी किसानों के लिए चेतावनी साबित होती है या नहीं।
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