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बजट खर्च करने के लिए सरपंचों को लेनी होगी अनुमति
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बजट खर्च करने के लिए सरपंचों को लेनी होगी अनुमति
हथीन। पंचायत चुनाव निकट आते ही सरकार ने सरकारी एवं पंचायत बजट का दुरुपयोग रोकने के लिए नई व्यवस्था की है। इसके तहत सरपंचों को किसी विकास कार्य के लिए सरकारी फंड का उपयोग करने से पहले जिला मुख्यालय पर पदस्थ कार्यकारी अधिकारी से स्वीकृति लेनी होगी। इससे पूर्व सरपंचों को विकास कार्यों के लिए स्वयं ही विकास राशि निकालने का अधिकार था। विशेष परिस्थितियों में संबंधित खंड के बीडीपीओ से स्वीकृति ली जाती थी। परंतु अब जिले में पदस्थ कार्यकारी अधिकारी से इजाजत लेनी होगी।
उधर हथीन के बीडीपीओ अमित कुमार का कहना है कि इस संदर्भ में विभागीय निदेशक से आदेश आ गए हैं। इसकी प्रति संबंधित स्टाफ को दे दी गई है। उन्होंने बताया कि इसकी पालना की जाएगी। वहीं सरकार के उक्त आदेशों के खिलाफ सरपंचों में रोष व्याप्त है। कोट ग्राम की सरपंच कहकशां खान का कहना है कि सरकार का आदेश लोक तांत्रिक संस्थाओं के अधिकारों में हस्तक्षेप है। उन्होंने मांग की है कि उक्त आदेश को सरकार वापस ले। इस बारे में पंचायत एवं विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल का कहना है कि कार्यकाल समाप्त होने से पहले सरपंच फंड का दुरुपयोग न कर सकें, इसलिए यह व्यवस्था की गई है। विकास कार्य किसी भी हालत में नहीं रोके जाएंगे।
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हथीन। पंचायत चुनाव निकट आते ही सरकार ने सरकारी एवं पंचायत बजट का दुरुपयोग रोकने के लिए नई व्यवस्था की है। इसके तहत सरपंचों को किसी विकास कार्य के लिए सरकारी फंड का उपयोग करने से पहले जिला मुख्यालय पर पदस्थ कार्यकारी अधिकारी से स्वीकृति लेनी होगी। इससे पूर्व सरपंचों को विकास कार्यों के लिए स्वयं ही विकास राशि निकालने का अधिकार था। विशेष परिस्थितियों में संबंधित खंड के बीडीपीओ से स्वीकृति ली जाती थी। परंतु अब जिले में पदस्थ कार्यकारी अधिकारी से इजाजत लेनी होगी।
उधर हथीन के बीडीपीओ अमित कुमार का कहना है कि इस संदर्भ में विभागीय निदेशक से आदेश आ गए हैं। इसकी प्रति संबंधित स्टाफ को दे दी गई है। उन्होंने बताया कि इसकी पालना की जाएगी। वहीं सरकार के उक्त आदेशों के खिलाफ सरपंचों में रोष व्याप्त है। कोट ग्राम की सरपंच कहकशां खान का कहना है कि सरकार का आदेश लोक तांत्रिक संस्थाओं के अधिकारों में हस्तक्षेप है। उन्होंने मांग की है कि उक्त आदेश को सरकार वापस ले। इस बारे में पंचायत एवं विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल का कहना है कि कार्यकाल समाप्त होने से पहले सरपंच फंड का दुरुपयोग न कर सकें, इसलिए यह व्यवस्था की गई है। विकास कार्य किसी भी हालत में नहीं रोके जाएंगे।
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