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Palwal News: बीपीएल परिवारों के प्लाॅट अस्पताल के लिए देने की अफवाह
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प्लाटों की रजिस्ट्री दिखाते बीपीएल परिवार के लोग।
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले के गांव चंदेनी में बीपीएल परिवारों को वर्षों पहले आवंटित किए गए प्लॉटों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। गांव के दर्जनों गरीब परिवारों ने जिला उपायुक्त को शिकायत देकर आरोप लगाया है कि उनके नाम आवंटित प्लॉटों पर जबरन अस्पताल बनाने की बातें कही जा रही हैं, जिससे उनके आशियाने और भविष्य दोनों पर संकट मंडरा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2015 में गांव के करीब 90 बीपीएल परिवारों को पंचायत भूमि से प्लॉट आवंटित किए गए थे। इन प्लॉटों की रजिस्ट्री भी हो चुकी है और कब्जा भी दिया जा चुका है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कई परिवारों ने अपने प्लॉटों पर मकान बनाकर रहना भी शुरू कर दिया है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव के सरपंच वसीम तथा एक अन्य व्यक्ति फजरूदीन की ओर से अब उक्त भूमि को अस्पताल के लिए देनी की तैयारी में है। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाए।
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सरपंच वसीम का कहना है कि सरकार ने गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने की मंजूरी दी है, लेकिन दो एकड़ पर्याप्त जमीन नहीं है। बीपीएल परिवारों के प्लाॅटों को अस्पताल के लिए दिए जाने की बात निराधार है।
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नूंह। जिले के गांव चंदेनी में बीपीएल परिवारों को वर्षों पहले आवंटित किए गए प्लॉटों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। गांव के दर्जनों गरीब परिवारों ने जिला उपायुक्त को शिकायत देकर आरोप लगाया है कि उनके नाम आवंटित प्लॉटों पर जबरन अस्पताल बनाने की बातें कही जा रही हैं, जिससे उनके आशियाने और भविष्य दोनों पर संकट मंडरा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2015 में गांव के करीब 90 बीपीएल परिवारों को पंचायत भूमि से प्लॉट आवंटित किए गए थे। इन प्लॉटों की रजिस्ट्री भी हो चुकी है और कब्जा भी दिया जा चुका है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कई परिवारों ने अपने प्लॉटों पर मकान बनाकर रहना भी शुरू कर दिया है।
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ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव के सरपंच वसीम तथा एक अन्य व्यक्ति फजरूदीन की ओर से अब उक्त भूमि को अस्पताल के लिए देनी की तैयारी में है। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाए।
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सरपंच वसीम का कहना है कि सरकार ने गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने की मंजूरी दी है, लेकिन दो एकड़ पर्याप्त जमीन नहीं है। बीपीएल परिवारों के प्लाॅटों को अस्पताल के लिए दिए जाने की बात निराधार है।