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Palwal News: बारिश के मौसम में बढ़े खांसी-जुकाम, बुखार और चर्म रोग के मरीज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jul 2026 01:13 AM IST
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Rise in patients suffering from cough, cold, fever, and skin diseases during the rainy season.
नमी बढ़ने, गंदे पानी के संपर्क और व्यक्तिगत स्वच्छता में लापरवाही के कारण संक्रमण तेजी से फैल रहा
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जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी पर बढ़ा दबाव


संवाद न्यूज एजेंसी




पलवल। जिले में लगातार हो रही बारिश और मौसम में बदलाव का असर लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है। जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों खांसी-जुकाम, बुखार, चर्म रोग और आंखों से संबंधित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। सबसे अधिक भीड़ मेडिसिन और चर्म रोग ओपीडी में देखने को मिल रही है। चिकित्सकों का कहना है कि मौसम में नमी बढ़ने, गंदे पानी के संपर्क और व्यक्तिगत स्वच्छता में लापरवाही के कारण संक्रमण तेजी से फैल रहा है।


मेडिसिन ओपीडी के चिकित्सक डॉ. रवि ने बताया कि बारिश के मौसम में वायरल संक्रमण के मरीज बढ़ना सामान्य बात है। पिछले कुछ दिनों में खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ऐसे मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने लोगों को मौसम के अनुसार सावधानी बरतने, साफ पानी पीने, भीगने के बाद कपड़े बदलने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी।
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त्वचा रोग के मरीजों की संख्या 100 से बढ़कर 200 पहुंची

अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक ने बताया कि बारिश के मौसम में त्वचा रोग के मरीजों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। पहले उनकी ओपीडी में प्रतिदिन 90 से 100 मरीज आते थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर करीब 200 तक पहुंच गई है। इनमें सबसे अधिक बच्चे शामिल हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों में बैक्टीरिया जनित त्वचा संक्रमण अधिक देखने को मिल रहे हैं, जबकि वयस्कों में फंगल संक्रमण के मामले ज्यादा हैं। नमी, पसीना, काफी समय तक गीले कपड़े पहनना और स्वच्छता की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। उन्होंने लोगों को सूती और ढीले कपड़े पहनने, त्वचा को साफ एवं सूखा रखने, बारिश में भीगने के बाद तुरंत कपड़े बदलने और तौलिया या कपड़े साझा नहीं करने की सलाह दी।वहीं, अस्पताल की नेत्र ओपीडी में भी मरीजों की संख्या बढ़ी है। आंखों में संक्रमण, लालिमा, खुजली और पानी आने जैसी शिकायत लेकर लोग उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बरसात के मौसम में संक्रमण से बचाव के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता, संतुलित आहार और समय पर उपचार ही सबसे प्रभावी उपाय हैं।
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