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Palwal News: अल्ट्रासाउंड के लिए गर्भवती का पंजीकरण जरूरी
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आरसीएच व एमसीटीएस पर पंजीकरण कराना होगा अनिवार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से अब प्रजनन और बाल स्वास्थ्य पोर्टल (आरसीएच) और मदर एंड चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम (एमसीटीएस) पर पंजीकरण अनिवार्य हो गया है। इस नियम को प्रदेश भर में लागू कर दिया गया है। आरसीएच पंजीकरण नंबर के बिना किसी भी गर्भवती को अल्ट्रासाउंड कराने की सुविधा नहीं मिलेगी। अगर किसी केंद्र पर बिना आरसीएच के अल्ट्रासाउंड किया गया तो उसे नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विभाग की ओर से आईएमए और निजी केंद्रों को भी निर्देश दे दिए गए हैं। अब विभाग की टीमें सभी केंद्रों में जाएंगी और आरसीएच पंजीकरण के बारे में अवगत करेंगी।
जानकारी के अनुसार जिला पलवल में जो गर्भवती नागरिक अस्पताल या फिर आंगनबाड़ी के जरिये उपचार करवा रही हैं। उन महिलाओं का पंजीकरण हो जाता है, लेकिन निजी अस्पतालों में उपचार करवाने वाली गर्भवती पंजीकृत नहीं हो पाती हैं। इसलिए यह निर्देश दिए गए हैं। इससे माताओं और शिशु की मृत्यु दर को कम करने में मदद मिलेगी। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि गर्भवती को अगर अल्ट्रासाउंड करवाना है तो उसके पास एक चिकित्सक का मान्य रेफरेंस कार्ड, पहचान पत्र, फोटो चाहिए होते हैं। इसके बाद ही केंद्र गर्भवती का अल्ट्रासाउंड कर सकता है। अब इसमें आरसीएमएच को अनिवार्य कर दिया गया है। इस नंबर के पंजीकरण के बाद ही जांच होगी। प्रवर चिकित्सा अधिकारी मनीष गर्ग ने बताया कि सरकार की ओर से विभाग को निर्देश जारी हुए हैं। जिनके आधार पर सभी केंद्रों को निर्देश दे दिए गए हैं। आरसीएच या फिर एमसीटीएस पंजीकरण करवाए बिना अगर किसी केंद्र ने गर्भवती का अल्ट्रासाउंड किया तो उसे नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल केंद्रों को सिर्फ इसके बारे में अवगत करवाया जा रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से अब प्रजनन और बाल स्वास्थ्य पोर्टल (आरसीएच) और मदर एंड चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम (एमसीटीएस) पर पंजीकरण अनिवार्य हो गया है। इस नियम को प्रदेश भर में लागू कर दिया गया है। आरसीएच पंजीकरण नंबर के बिना किसी भी गर्भवती को अल्ट्रासाउंड कराने की सुविधा नहीं मिलेगी। अगर किसी केंद्र पर बिना आरसीएच के अल्ट्रासाउंड किया गया तो उसे नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विभाग की ओर से आईएमए और निजी केंद्रों को भी निर्देश दे दिए गए हैं। अब विभाग की टीमें सभी केंद्रों में जाएंगी और आरसीएच पंजीकरण के बारे में अवगत करेंगी।
जानकारी के अनुसार जिला पलवल में जो गर्भवती नागरिक अस्पताल या फिर आंगनबाड़ी के जरिये उपचार करवा रही हैं। उन महिलाओं का पंजीकरण हो जाता है, लेकिन निजी अस्पतालों में उपचार करवाने वाली गर्भवती पंजीकृत नहीं हो पाती हैं। इसलिए यह निर्देश दिए गए हैं। इससे माताओं और शिशु की मृत्यु दर को कम करने में मदद मिलेगी। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि गर्भवती को अगर अल्ट्रासाउंड करवाना है तो उसके पास एक चिकित्सक का मान्य रेफरेंस कार्ड, पहचान पत्र, फोटो चाहिए होते हैं। इसके बाद ही केंद्र गर्भवती का अल्ट्रासाउंड कर सकता है। अब इसमें आरसीएमएच को अनिवार्य कर दिया गया है। इस नंबर के पंजीकरण के बाद ही जांच होगी। प्रवर चिकित्सा अधिकारी मनीष गर्ग ने बताया कि सरकार की ओर से विभाग को निर्देश जारी हुए हैं। जिनके आधार पर सभी केंद्रों को निर्देश दे दिए गए हैं। आरसीएच या फिर एमसीटीएस पंजीकरण करवाए बिना अगर किसी केंद्र ने गर्भवती का अल्ट्रासाउंड किया तो उसे नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल केंद्रों को सिर्फ इसके बारे में अवगत करवाया जा रहा है।
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