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ढाई साल बाद भी नहीं बना रसूलपुर रेलवे पुल
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पलवल (प्रवीण बैंसला)। रसूलपुर फाटक पर बनाया जा रहा रेलवे पुल करीब ढाई साल बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। 45 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जाने वाले पुल को 18 माह में तैयार किया जाना था, लेकिन 29 माह बाद भी पुल का 50 फीसदी कार्य पूरा नहीं हो पाया है। निमार्ण करीब एक साल से बंद पड़ा हुआ है। ग्रीवेंस कमेटी की बैठक से लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के समक्ष उठाया जा चुका है, लेकिन मंत्री के आदेश के 5 माह बाद भी पुल का कार्य शुरू नहीं हुआ।
केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने 18 अक्टूबर 2018 को रसूलपुर रेलवे पुल का शिलान्यास किया था। पुल के निर्माण कार्य पर करीब 45 करोड़ की लागत आनी है। रसूलपुर रोड पर पुल बनने से पलवल स्थित न्यू कॉलोनी, न्यू एक्सटेंशन कॉलोनी, गांव लोहागढ़, रोनिजा, छज्जूनगर, रसूलपुर, बडौली आदि गांवों के करीब दो लाख लोगों को फायदा मिलना था। इस दौरान आश्वासन दिया था कि 18 महीने के भीतर निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। लेकिन तय समय पूरा होने के बाद भी अभी तक 50 फीसदी कार्य नहीं हुआ है। मामला ग्रीवेंस कमेटी में उठाया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पिछले साल अक्टूबर में केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने अधिकारियों की बैठक लेकर निर्माण जल्द से जल्द शुरू कराने के लिए कहा, लेकिन उसके बाद भी पुल का कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है।
राहगीरों को हो रही परेशानी
करीब एक साल से बंद पड़ा रेलवे पुल का निर्माण कार्य लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। पलवल से हसनपुर जाने के लिए रसूलपुर व दीघोट रोड होकर रास्ता है। दोनों ही जगह निर्माण की वजह से रास्ता बंद है। ऐसे में लोगों को असावटा फाटक व दीघोट फाटक के होकर हसनपुर की तरफ जाना पड़ता है, जो गांवों के भीतर से होकर गुजरता है। ऐसे में गांवों में जाम लग जाता है, जिससे ग्रामीणों को भी परेशानी होती है।
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वर्जन-
रसूलपुर रेलवे पुल के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री से बात की गई है, उन्होंने जल्द ही काम शुरू करवाने का आश्वासन दिया है। रेल व परिवहन मंत्री से भी इस बारे में बात की जाएगी। जल्द ही निर्माण में आ रही बाधा को दूर कर कार्य सुचारू रूप से कराया जाएगा। - दीपक मंगला, विधायक पलवल
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केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने 18 अक्टूबर 2018 को रसूलपुर रेलवे पुल का शिलान्यास किया था। पुल के निर्माण कार्य पर करीब 45 करोड़ की लागत आनी है। रसूलपुर रोड पर पुल बनने से पलवल स्थित न्यू कॉलोनी, न्यू एक्सटेंशन कॉलोनी, गांव लोहागढ़, रोनिजा, छज्जूनगर, रसूलपुर, बडौली आदि गांवों के करीब दो लाख लोगों को फायदा मिलना था। इस दौरान आश्वासन दिया था कि 18 महीने के भीतर निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। लेकिन तय समय पूरा होने के बाद भी अभी तक 50 फीसदी कार्य नहीं हुआ है। मामला ग्रीवेंस कमेटी में उठाया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पिछले साल अक्टूबर में केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने अधिकारियों की बैठक लेकर निर्माण जल्द से जल्द शुरू कराने के लिए कहा, लेकिन उसके बाद भी पुल का कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है।
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राहगीरों को हो रही परेशानी
करीब एक साल से बंद पड़ा रेलवे पुल का निर्माण कार्य लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। पलवल से हसनपुर जाने के लिए रसूलपुर व दीघोट रोड होकर रास्ता है। दोनों ही जगह निर्माण की वजह से रास्ता बंद है। ऐसे में लोगों को असावटा फाटक व दीघोट फाटक के होकर हसनपुर की तरफ जाना पड़ता है, जो गांवों के भीतर से होकर गुजरता है। ऐसे में गांवों में जाम लग जाता है, जिससे ग्रामीणों को भी परेशानी होती है।
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रसूलपुर रेलवे पुल के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री से बात की गई है, उन्होंने जल्द ही काम शुरू करवाने का आश्वासन दिया है। रेल व परिवहन मंत्री से भी इस बारे में बात की जाएगी। जल्द ही निर्माण में आ रही बाधा को दूर कर कार्य सुचारू रूप से कराया जाएगा। - दीपक मंगला, विधायक पलवल