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धूम-धाम से निकली राम बारात, राजा जनक ने किया कन्यादान
palwal
Updated Thu, 06 Oct 2016 04:18 PM IST
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रामलीला में मंगलवार को राम विवाह का हुआ मंचन।
- फोटो : अमर उजाला
शहर के जवाहर नगर में आदर्श रामलीला कमेटी के संचालन में चल रही रामलीला में मंगलवार को पहले पर्दे में राम बारात का दृश्य दिखाया गया। जिसमें राजा दशरथ अयोध्या से भगवान राम की बारात लेकर मिथिला नगरी में आते हैं।
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सनातन धर्म मंदिर में चली राम बारात में दर्शकों ने उत्साह के साथ हाजिरी लगाई, वहीं महिला दर्शकों ने पुष्पवर्षा कर बारात का स्वागत किया। राम बारात के समय माहौल खुशनुमा रहा व फेरों तथा विदाई के समय दर्शकों की आंखें नम हो गईं। मंगलवार के मंचन में राजा जनक द्वारा सीता की विदाई व राजा दशरथ व केकई संवादों ने दर्शकों को भाव विभोर कर दिया।
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राम-सीता विवाह के बाद राजा दशरथ राम को राज सौंपने की बात अपने सभासदों, मंत्रियों व राजपुरोहितों से करते हैं। यह बात मंथरा रानी केकई तक पहुंचा देती है। मंथरा द्वारा भड़काने पर रानी केकई कोपभवन में चली जाती हैं। सूचना मिलने पर राजा दशरथ रानी केकई से बात करने कोपभवन में जाते हैं, जहां रानी केकई राजा दशरथ को उनके दिए वचनों की याद दिलाती हैं।
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जिस पर राजा दशरथ कहते हैं कि कहा इक बार जो वही मेरा वचन होगा, कसम है राम की, दशरथ का नही मिथ्या कथन होगा। राजा दशरथ रानी केकई से बार-बार कोप भवन में आने का कारण पूछते हैं, लेकिन केकई सीधे शब्दों में राजा दशरथ को कोई जवाब नहीं देती हैं।