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Palwal News: सरकारी संपत्ति पर निजी विज्ञापन, शहर की खूबसूरती को कर रहे बदरंग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 25 May 2025 10:10 PM IST
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Private advertisements on government property are spoiling the beauty of the city
उपायुक्त के निर्देशों के बावजूद नहीं हो रही कार्रवाई, एनएच-19 के पिलर से लेकर लघु सचिवालय तक लगे हैं अवैध पोस्टर
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राहुल राज

पलवल। शहर की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर अवैध विज्ञापनों का बोलबाला है, जो न केवल शहर की खूबसूरती को बदरंग कर रहा है, बल्कि सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा रहा है। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ के सख्त निर्देशों के बावजूद, शहर में जगह-जगह निजी प्रचार सामग्री, जैसे पोस्टर और बोर्ड, सरकारी दीवारों, खंभों और अन्य संपत्तियों पर लगाए जा रहे हैं। यह स्थिति प्रशासनिक आदेशों की खुलेआम अवहेलना को दर्शा रही है।

आगरा चौक से बस स्टैंड तक नेशनल हाईवे-19 के पिलरों पर निजी संस्थानों और व्यक्तियों के विज्ञापन चस्पा किए गए हैं। कुसलीपुर मोड़ पर भी सरकारी दीवारें और खंभे इन अवैध पोस्टरों से अछूते नहीं है। सबसे हैरानी की बात यह है कि उपायुक्त कार्यालय लघु सचिवालय की इमारत पर भी एक निजी स्कूल का पोस्टर चिपका हुआ है, ये विज्ञापन न केवल शहर की सौंदर्यता को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि सरकारी संपत्ति को भी नष्ट कर रहे हैं।
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बुधवार को लघु सचिवालय में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति और सुरक्षित स्कूल वाहन नीति की समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सरकारी संपत्तियों पर कोई भी अवैध विज्ञापन नहीं लगाया जाना चाहिए। लगे हुए विज्ञापन को हटाने और विज्ञापन लगाने वाली कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। उन्होंने अधिकारियों को डिफेंसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया था। इसके बावजूद, जमीनी स्तर पर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं।
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हरियाणा संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 1989 राज्य में दीवारों पर लिखने, पोस्टर चिपकाने या किसी भी रूप में सार्वजनिक व निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की गतिविधियों पर रोक लगाने वाला कानून है। इसका उद्देश्य संपत्ति को बदरंग करने से रोकना और दोषियों पर कार्रवाई करना है। इस कानून के तहत छह महीने तक की जेल, एक हजार रुपये तक जुर्माना या दोनों सजा का प्रावधान है।
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