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पलवल: पुलिस लाइन के बैरिग में पैर फिसलने से हुई सिपाही की मौत
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पलवल। हथीन गेट चौकी में हवलदार रणजीत की मौत के तीन दिन बाद ही रविवार देर रात पुलिस लाइन पलवल में एक पुलिस कर्मी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। पुलिस कर्मी लाइन के एक स्थान पर मृत अवस्था में मिला। अंदेशा जताया जा रहा है कि सिपाही देवेंद्र का पैर फिसल गया होगा, जिससे उसके सिर में चोट लगने से मौत हो गई। पुलिस ने सोमवार सुबह परिजनों के बयान पर शव का पोस्टमार्टम कराया। मामले में भादसं की धारा 174 (आकस्मिक मौत) की कार्रवाई की गई है।
सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राधेश्याम के अनुसार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित गांव दयोरार के रहने वाले 36 वर्षीय देवेंद्र अपने परिवार के साथ बल्लभगढ़ की विष्णु कॉलोनी में रहते थे। देवेंद्र करीब 15 साल पहले हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए थे। शुरुआत से ही उनकी ड्यूटी पलवल में रही। फिलहाल उनकी ड्यूटी होडल के नायब कोर्ट के तौर पर चल रही थी तथा जल्द ही उनकी हवलदार के तौर पर पदोन्नति होनी थी। देवेंद्र पुलिस लाइन स्थित कमरे में अपनी पत्नी व दो बच्चों के साथ रह रहे थे। रविवार रात को वह अपने किसी साथी को बुलाने के लिए बैरक में गया था। बाद में शव मिलने पर हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया। सोमवार सुबह देवेंद्र के परिजन अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने देवेंद्र के पिता लालाराम की शिकायत पर भारतीय दंड संहिता की धारा 174 के तहत शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया। इंस्पेक्टर राधेश्याम ने बताया कि देवेंद्र के आश्रितों को विभाग की तरफ से दी जाने वाली आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।
दूसरे बेटे की भी मौत से सदमे में परिवार
सिपाही देवेंद्र के शव के पोस्टमार्टम के कार्रवाई के दौरान परिजनों दहाड़े मारकर विलाप करते नजर आए। देवेंद्र की मां अपने बेटे को एक बार दिखाने की दुहाई देते हुए बार-बार बेहोश हो रही थी। दूसरे बेटे की भी मौत से पूरा परिवार सदमे में है। पिता लालाराम ने बताया कि देवेंद्र के बड़े भाई की करीब 20 साल पहले बीमारी के कारण मौत हो गई थी। बेटी की शादी हो चुकी है। अब देवेंद्र की नौकरी के सहारे की पूरे परिवार का भरण पोषण चल रहा था। परिवार में देवेंद्र के अलावा उसकी पत्नी, उसके बेटा-बेटी व मां-बाप हैं। पूरे परिवार को इकलौता देवेंद्र संभाल रहा था। अब उसके जाने के परिवार को संभालने वाला कोई नहीं है। देवेंद्र का बेटा अभी आठ वर्ष का है। मां-बाप बूढ़े हो चुके हैं।
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तीन दिन पहले हुई थी हवलदार रणजीत की मौत
हथीन गेट चौकी में हवलदार रणजीत की मौत के सदमे से पुलिस विभाग उभरा भी नहीं था कि रविवार देर रात देवेंद्र की मौत की सूचना ने पुलिस की सांस फुला दी। रणजीत की मौत पर ग्रामीणों द्वारा किए गए हंगामे से भयभीत हुई पुलिस ने देवेंद्र के पोस्टमार्टम के दौरान अस्पताल में भारी पुलिस बल तैनात की गई। अस्पताल में दो डीएसपी व कई थानों व चौकियों के साथ पुलिस तैनात रही। इस दौरान परिजनों को समझाया गया और उन्हें आश्वासन दिया गया कि उन्हें विभाग की ओर से पूरा सहयोग किया जाएगा। विभाग द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता जल्द ही आश्रितों को उपलब्ध करा दी जाएगी।
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सदर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राधेश्याम के अनुसार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित गांव दयोरार के रहने वाले 36 वर्षीय देवेंद्र अपने परिवार के साथ बल्लभगढ़ की विष्णु कॉलोनी में रहते थे। देवेंद्र करीब 15 साल पहले हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए थे। शुरुआत से ही उनकी ड्यूटी पलवल में रही। फिलहाल उनकी ड्यूटी होडल के नायब कोर्ट के तौर पर चल रही थी तथा जल्द ही उनकी हवलदार के तौर पर पदोन्नति होनी थी। देवेंद्र पुलिस लाइन स्थित कमरे में अपनी पत्नी व दो बच्चों के साथ रह रहे थे। रविवार रात को वह अपने किसी साथी को बुलाने के लिए बैरक में गया था। बाद में शव मिलने पर हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया। सोमवार सुबह देवेंद्र के परिजन अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने देवेंद्र के पिता लालाराम की शिकायत पर भारतीय दंड संहिता की धारा 174 के तहत शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया। इंस्पेक्टर राधेश्याम ने बताया कि देवेंद्र के आश्रितों को विभाग की तरफ से दी जाने वाली आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।
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दूसरे बेटे की भी मौत से सदमे में परिवार
सिपाही देवेंद्र के शव के पोस्टमार्टम के कार्रवाई के दौरान परिजनों दहाड़े मारकर विलाप करते नजर आए। देवेंद्र की मां अपने बेटे को एक बार दिखाने की दुहाई देते हुए बार-बार बेहोश हो रही थी। दूसरे बेटे की भी मौत से पूरा परिवार सदमे में है। पिता लालाराम ने बताया कि देवेंद्र के बड़े भाई की करीब 20 साल पहले बीमारी के कारण मौत हो गई थी। बेटी की शादी हो चुकी है। अब देवेंद्र की नौकरी के सहारे की पूरे परिवार का भरण पोषण चल रहा था। परिवार में देवेंद्र के अलावा उसकी पत्नी, उसके बेटा-बेटी व मां-बाप हैं। पूरे परिवार को इकलौता देवेंद्र संभाल रहा था। अब उसके जाने के परिवार को संभालने वाला कोई नहीं है। देवेंद्र का बेटा अभी आठ वर्ष का है। मां-बाप बूढ़े हो चुके हैं।
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तीन दिन पहले हुई थी हवलदार रणजीत की मौत
हथीन गेट चौकी में हवलदार रणजीत की मौत के सदमे से पुलिस विभाग उभरा भी नहीं था कि रविवार देर रात देवेंद्र की मौत की सूचना ने पुलिस की सांस फुला दी। रणजीत की मौत पर ग्रामीणों द्वारा किए गए हंगामे से भयभीत हुई पुलिस ने देवेंद्र के पोस्टमार्टम के दौरान अस्पताल में भारी पुलिस बल तैनात की गई। अस्पताल में दो डीएसपी व कई थानों व चौकियों के साथ पुलिस तैनात रही। इस दौरान परिजनों को समझाया गया और उन्हें आश्वासन दिया गया कि उन्हें विभाग की ओर से पूरा सहयोग किया जाएगा। विभाग द्वारा दी जाने वाली आर्थिक सहायता जल्द ही आश्रितों को उपलब्ध करा दी जाएगी।