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होमगार्ड की नौकरी लगवाने के नाम पर 84 हजार रुपये ठगे
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होमगार्ड की नौकरी लगवाने के नाम पर 84 हजार रुपये ठगे
पलवल में होमगार्ड की नौकरी लगवाने की एवज में धोखाधड़ी से हजारों रुपये हड़पने और बाद में फर्जी नियुक्ति पत्र थमाने का मामला प्रकाश में आया है। कैंप थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर नामजद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस जांच अधिकारी संजय ने बताया कि गांव भम्बू का नंगला निवासी रूप सिंह ने शिकायत दर्ज कराई है कि वह होली पर मोहन बाबा के दर्शन करने के लिए गया था। जहां पर पीड़ित की मुलाकात गांव धतीर निवासी भीष्म से हुई। उसने अपने आप को हरियाणा पुलिस में एसआई के पद पर कार्यरत बताया और कहा कि वह 50 हजार रुपये लेकर एक युवक की होमगार्ड की नौकरी लगवा सकता है। 18 मार्च को पीड़ित ने अपने पुत्र राजीव और दोस्त सुनील निवासी बागपुर के साले के बेटे मनीष निवासी गांव कौराली (फरीदाबाद) को होमगार्ड के पद पर लगवाने की बात की। इसमें दोनों के एक लाख रुपये देने की बात हुई।
19 मार्च को उन्होंने देवीलाल पार्क में भीष्म को 84 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद उसने 11 अप्रैल को फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर 23 अप्रैल को दोनों का मेडिकल सरकारी अस्पताल से करा दिया। जब होमगार्ड कार्यालय में पता किया तो वहां किसी प्रकार का कोई रिकार्ड नहीं मिला। बाद में उनको पता चला कि भीष्म ने और भी युवकों से इसी प्रकार नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये ले रखे हैं। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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पलवल में होमगार्ड की नौकरी लगवाने की एवज में धोखाधड़ी से हजारों रुपये हड़पने और बाद में फर्जी नियुक्ति पत्र थमाने का मामला प्रकाश में आया है। कैंप थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर नामजद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस जांच अधिकारी संजय ने बताया कि गांव भम्बू का नंगला निवासी रूप सिंह ने शिकायत दर्ज कराई है कि वह होली पर मोहन बाबा के दर्शन करने के लिए गया था। जहां पर पीड़ित की मुलाकात गांव धतीर निवासी भीष्म से हुई। उसने अपने आप को हरियाणा पुलिस में एसआई के पद पर कार्यरत बताया और कहा कि वह 50 हजार रुपये लेकर एक युवक की होमगार्ड की नौकरी लगवा सकता है। 18 मार्च को पीड़ित ने अपने पुत्र राजीव और दोस्त सुनील निवासी बागपुर के साले के बेटे मनीष निवासी गांव कौराली (फरीदाबाद) को होमगार्ड के पद पर लगवाने की बात की। इसमें दोनों के एक लाख रुपये देने की बात हुई।
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19 मार्च को उन्होंने देवीलाल पार्क में भीष्म को 84 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद उसने 11 अप्रैल को फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर 23 अप्रैल को दोनों का मेडिकल सरकारी अस्पताल से करा दिया। जब होमगार्ड कार्यालय में पता किया तो वहां किसी प्रकार का कोई रिकार्ड नहीं मिला। बाद में उनको पता चला कि भीष्म ने और भी युवकों से इसी प्रकार नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये ले रखे हैं। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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