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Palwal News: सैर-सपाटे की जगह परेशानी का सबब बने पार्क, कहीं गंदा पानी तो कहीं शौचालय नहीं
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लाला लाजपतराय पार्क में टूटे और बंद शौचालय । संवाद
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पार्कों में सुविधाओं के अभाव व अव्यवस्थाओं के कारण लोगों को परेशानी का करना पड़ रहा सामना
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। शहर के पार्कों में सुविधाओं के अभाव और अव्यवस्थाओं के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई पार्कों में शौचालय की सुविधा नहीं होने से यहां सैर करने आने वाले लोगों को दिक्कत होती है। पुरुषों को मजबूरी में पार्क के आसपास खुले में शौचालय जाना पड़ रहा है, जबकि महिलाओं के लिए यह समस्या और गंभीर बनी हुई है। जहां-कहीं शौचालय है भी वहां स्थिति उपयोग करने लायक नहीं बची है।
आगरा चौक स्थित लाला लाजपत राय पार्क में रोजाना बड़ी संख्या में लोग सैर करने पहुंचते हैं। पार्क बाजार के नजदीक होने के कारण खरीदारी और अन्य काम से आने वाले लोग भी शौचालय के लिए यहां पहुंचते हैं, लेकिन पार्क में शौचालय की व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है।
वहीं, कमेटी चौक स्थित बाल विकास कार्यालय के बाहर बने पार्क के मुख्य गेट के पास करीब एक महीने से सीवर का गंदा पानी जमा है। गंदे पानी के कारण पार्क में आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। बदबू और गंदगी के चलते आसपास का वातावरण भी प्रभावित हो रहा है।
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इसी पार्क परिसर में बाल विकास विभाग की ओर से बच्चों को सिलाई का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। यहां करीब 80 बच्चे प्रतिदिन आते हैं। गेट के बाहर गंदा पानी जमा होने के कारण बच्चों को भी मजबूरी में इसी गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पार्क लोगों के स्वास्थ्य और मनोरंजन के लिए बनाए जाते हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव और सफाई व्यवस्था की अनदेखी के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। नागरिकों ने संबंधित विभाग से पार्कों में शौचालय की व्यवस्था कराने और सीवर के गंदे पानी की समस्या का जल्द समाधान कराने की मांग की है, ताकि लोग पार्कों में सुविधाजनक तरीके से सैर कर सकें।
27 पार्क नगर परिषद के अधीन
पलवल शहर में नगर परिषद के अधीन करीब 27 पार्क हैं। इनमें से अधिकांश पार्कों में लोगों को टूटी झूलों, साफ-सफाई की कमी और अन्य अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है। कई पार्कों में बंदरों का जमावड़ा भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्कों में नियमित साफ-सफाई और रखरखाव की व्यवस्था नहीं होने से सुविधाएं लगातार बदहाल हो रही हैं। नागरिकों ने नगर परिषद से सभी पार्कों का निरीक्षण कर टूटे झूलों की मरम्मत, नियमित सफाई और बंदरों की समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
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लोगों से बातचीत
पार्कों में नियमित रूप से साफ-सफाई नहीं होती। जगह-जगह गंदगी और कूड़ा पड़ा रहता है। नगर परिषद को सफाई व्यवस्था दुरुस्त करानी चाहिए, ताकि लोग स्वच्छ माहौल में सैर कर सकें। -राधेश्याम
पार्कों में शौचालय की सुविधा नहीं होने से सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को होती है। पार्क में रहने के दौरान वॉशरूम की जरूरत पड़ने पर काफी दिक्कत होती है। शौचालय की व्यवस्था जरूरी है। -आकाश
कई पार्कों में झूले और अन्य सामान टूटे पड़े हैं। बच्चों के खेलने के लिए लगाए गए झूलों का रखरखाव नहीं होने से हादसे का डर बना रहता है। खराब उपकरणों की जल्द मरम्मत कराई जानी चाहिए। -रवि
पार्कों में बंदरों का जमावड़ा भी लोगों के लिए परेशानी बन गया है। परिवार के साथ पार्क में आने वाले लोगों और बच्चों में डर बना रहता है। विभाग को बंदरों की समस्या का भी स्थायी समाधान करना चाहिए। -राम
वर्जन
शहर के पार्कों में व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए विभाग की ओर से टेंडर प्रक्रिया चल रही है। प्रक्रिया पूरी होते ही पार्कों के रखरखाव और अन्य आवश्यक कार्य शुरू कराए जाएंगे। जल्द ही शहर के सभी पार्कों की व्यवस्थाओं में सुधार कर लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। -कौशल तंवर, जेई नप
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। शहर के पार्कों में सुविधाओं के अभाव और अव्यवस्थाओं के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई पार्कों में शौचालय की सुविधा नहीं होने से यहां सैर करने आने वाले लोगों को दिक्कत होती है। पुरुषों को मजबूरी में पार्क के आसपास खुले में शौचालय जाना पड़ रहा है, जबकि महिलाओं के लिए यह समस्या और गंभीर बनी हुई है। जहां-कहीं शौचालय है भी वहां स्थिति उपयोग करने लायक नहीं बची है।
आगरा चौक स्थित लाला लाजपत राय पार्क में रोजाना बड़ी संख्या में लोग सैर करने पहुंचते हैं। पार्क बाजार के नजदीक होने के कारण खरीदारी और अन्य काम से आने वाले लोग भी शौचालय के लिए यहां पहुंचते हैं, लेकिन पार्क में शौचालय की व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है।
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वहीं, कमेटी चौक स्थित बाल विकास कार्यालय के बाहर बने पार्क के मुख्य गेट के पास करीब एक महीने से सीवर का गंदा पानी जमा है। गंदे पानी के कारण पार्क में आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। बदबू और गंदगी के चलते आसपास का वातावरण भी प्रभावित हो रहा है।
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इसी पार्क परिसर में बाल विकास विभाग की ओर से बच्चों को सिलाई का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। यहां करीब 80 बच्चे प्रतिदिन आते हैं। गेट के बाहर गंदा पानी जमा होने के कारण बच्चों को भी मजबूरी में इसी गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पार्क लोगों के स्वास्थ्य और मनोरंजन के लिए बनाए जाते हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव और सफाई व्यवस्था की अनदेखी के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। नागरिकों ने संबंधित विभाग से पार्कों में शौचालय की व्यवस्था कराने और सीवर के गंदे पानी की समस्या का जल्द समाधान कराने की मांग की है, ताकि लोग पार्कों में सुविधाजनक तरीके से सैर कर सकें।
27 पार्क नगर परिषद के अधीन
पलवल शहर में नगर परिषद के अधीन करीब 27 पार्क हैं। इनमें से अधिकांश पार्कों में लोगों को टूटी झूलों, साफ-सफाई की कमी और अन्य अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है। कई पार्कों में बंदरों का जमावड़ा भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्कों में नियमित साफ-सफाई और रखरखाव की व्यवस्था नहीं होने से सुविधाएं लगातार बदहाल हो रही हैं। नागरिकों ने नगर परिषद से सभी पार्कों का निरीक्षण कर टूटे झूलों की मरम्मत, नियमित सफाई और बंदरों की समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
लोगों से बातचीत
पार्कों में नियमित रूप से साफ-सफाई नहीं होती। जगह-जगह गंदगी और कूड़ा पड़ा रहता है। नगर परिषद को सफाई व्यवस्था दुरुस्त करानी चाहिए, ताकि लोग स्वच्छ माहौल में सैर कर सकें। -राधेश्याम
पार्कों में शौचालय की सुविधा नहीं होने से सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को होती है। पार्क में रहने के दौरान वॉशरूम की जरूरत पड़ने पर काफी दिक्कत होती है। शौचालय की व्यवस्था जरूरी है। -आकाश
कई पार्कों में झूले और अन्य सामान टूटे पड़े हैं। बच्चों के खेलने के लिए लगाए गए झूलों का रखरखाव नहीं होने से हादसे का डर बना रहता है। खराब उपकरणों की जल्द मरम्मत कराई जानी चाहिए। -रवि
पार्कों में बंदरों का जमावड़ा भी लोगों के लिए परेशानी बन गया है। परिवार के साथ पार्क में आने वाले लोगों और बच्चों में डर बना रहता है। विभाग को बंदरों की समस्या का भी स्थायी समाधान करना चाहिए। -राम
वर्जन
शहर के पार्कों में व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए विभाग की ओर से टेंडर प्रक्रिया चल रही है। प्रक्रिया पूरी होते ही पार्कों के रखरखाव और अन्य आवश्यक कार्य शुरू कराए जाएंगे। जल्द ही शहर के सभी पार्कों की व्यवस्थाओं में सुधार कर लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। -कौशल तंवर, जेई नप