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मंडियों में नहीं हो रही धान की खरीद

Sat, 30 Oct 2021 11:24 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 30 Oct 2021 11:24 PM IST
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Paddy is not being procured in the mandis
होडल। जिले की मंडियों में राइस मिल मालिकों व अधिकारियों की मिलीभगत से ठीक से धान खरीद न होने के कारण किसान बेहद परेशान हैं। मंडियों में धान की ठीक से खरीद न होने के कारण अब किसानों को दिवाली पर आने वाले आर्थिक संकट की चिंता सताने लगी है। किसान आढ़तियों, मिल मालिकों व अधिकारियों के आगे गुहार लगाते रहते हैं, लेकिन उनकी सुनवाई तक नहीं हो रही है। ऐसे में अब किसान आंदोलन करने के लिए तैयार है। शनिवार को भी जिले की खांबी अनाज मंडी में किसानों ने मिल मालिकों व अधिकारियों पर आपसी मिलीभगत का आरोप लगाया।
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एक तरफ राजस्व विभाग के अधिकारियों ने किसानों की फसल को गलत तरीके से पोर्टल पर चढ़ा दिया है तो दूसरी तरफ मंडियों में खरीद नहीं हो रही है। किसान 10-10 दिनों से मंडियों में धान की फसल लेकर पड़े हैं, लेकिन धान खरीदा नहीं जा रहा है। जिस किसान का धान खरीदा भी जा रहा है, उसका धान सरकारी समर्थन मूल्य से 300 से 400 रुपये प्रति क्विंटल में खरीदा जा रहा है। ऐसे में किसान धान न बिकने पर दिवाली तक की खरीदारी नहीं कर पा रहे हैं।
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पोर्टल पर हुए गलत पंजीकरण नहीं हो रहे ठीक
राजस्व विभाग द्वारा किसानों की फसल का गलत किया गया पंजीकरण भी किसानों के लिए सिरदर्द बना हुआ है। उसे ठीक कराने के लिए किसान कभी अनाज मंडी तो कभी उपायुक्त कार्यालय के चक्कर काटते फिर रहे हैं। काफी किसान तो ऐसे हैं, जिनका आज तक पंजीकरण ठीक नहीं हुआ है। कई किसानों की बाजरा की फसल की जगह पोर्टल पर धान चढ़ा दिया है तो किसी की धान की फसल की जगह बाजरा चढ़ा दिया है। ऐसे में किसानों की न तो बाजरा की फसल बिक रही है और न ही धान की फसल बिक रही है।
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कई दिनों से मंडी में धान की फसल लेकर हम पड़े हैं। अधिकारियों व राइस मिल मालिकों की मिलीभगत से किसान परेशान हो रहे हैं। मेरी फसल बिक नहीं रही है। मुझे खरीदने पर 1700 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से पैसे दे रहे हैं।
- सुनील कुमार किसान
दिवाली नजदीक आ गई है। फसल न बिकने के कारण खरीदारी तक नहीं कर पा रहे हैं। अधिकारियों के यहां चक्कर लगाकर थक गए। मंडी में फसल पड़ी है। कमीशन न देने पर फसल नहीं खरीदी जा रही है। हमारी दिवाली तो काली हो गई।
- हरि किसान पेंगलतू
हम मंडी में फसल लेकर रुके हैं, लेकिन अधिकारी और मिल मालिक मिलीभगत कर किसानों को तंग कर रहे हैं। जो कमीशन दे रहा है, उसकी फसल खरीदी जा रही है। 300 रुपये कम दिए जा रहे हैं। किसानों का पूरा शोषण हो रहा है।

- राम किशन किसान
मेरी जानकारी में यह मामला नहीं है। मैं इसकी जांच कराऊंगा। यदि ऐसा है तो जो इसमें दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसानों की फसल का एक-एक दाना सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। किसानों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
- वकील अहमद, एसडीएम होडल
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