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Palwal News: रावण-कुंभकरण जन्म का मंचन
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संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। जमालगढ़ रोड स्थित बगीची मंदिर परिसर में मथुरा काव्य कला मंडल की ओर से आयोजित रामलीला में रविवार रात रावण, कुंभकरण और विभीषण के जन्म का मंचन किया गया। कलाकारों ने प्रभावी संवाद और अभिनय के माध्यम से प्रसंग को जीवंत किया। मंचन देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे। रामलीला के दौरान कलाकारों ने रावण, कुंभकरण और विभीषण के जन्म से जुड़े प्रसंगों का मंचन किया। कलाकारों के अभिनय और संवादों पर दर्शकों ने तालियां बजाकर उत्साह बढ़ाया। मंचन के दौरान भगवान राम के जीवन और रामायण के विभिन्न प्रसंगों से जुड़े धार्मिक एवं नैतिक संदेश भी दर्शकों तक पहुंचाए गए।
रामलीला के आयोजकों ने बताया कि मथुरा काव्य कला मंडल के कलाकारों द्वारा विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाई जा रही है। कलाकारों की ओर से मंच पर संवाद अदायगी के साथ-साथ अभिनय और भाव-भंगिमाओं का बेहतर प्रदर्शन किया जा रहा है। इससे रामलीला देखने पहुंच रहे लोगों में खासा उत्साह बना हुआ है। रामलीला कमेटी के प्रधान प्रिंस सैनी ने बताया कि रामलीला का आयोजन धार्मिक और सामाजिक संदेश को लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रामायण के प्रसंगों के मंचन से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि रामलीला में आगे भी रामायण के विभिन्न महत्वपूर्ण प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। आयोजकों की ओर से दर्शकों के बैठने और अन्य व्यवस्थाओं का भी ध्यान रखा जा रहा है। रामलीला के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और दर्शकों की भीड़ रही। स्थानीय लोगों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से क्षेत्र में आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक वातावरण को बढ़ावा मिलता है।
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पुन्हाना। जमालगढ़ रोड स्थित बगीची मंदिर परिसर में मथुरा काव्य कला मंडल की ओर से आयोजित रामलीला में रविवार रात रावण, कुंभकरण और विभीषण के जन्म का मंचन किया गया। कलाकारों ने प्रभावी संवाद और अभिनय के माध्यम से प्रसंग को जीवंत किया। मंचन देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे। रामलीला के दौरान कलाकारों ने रावण, कुंभकरण और विभीषण के जन्म से जुड़े प्रसंगों का मंचन किया। कलाकारों के अभिनय और संवादों पर दर्शकों ने तालियां बजाकर उत्साह बढ़ाया। मंचन के दौरान भगवान राम के जीवन और रामायण के विभिन्न प्रसंगों से जुड़े धार्मिक एवं नैतिक संदेश भी दर्शकों तक पहुंचाए गए।
रामलीला के आयोजकों ने बताया कि मथुरा काव्य कला मंडल के कलाकारों द्वारा विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाई जा रही है। कलाकारों की ओर से मंच पर संवाद अदायगी के साथ-साथ अभिनय और भाव-भंगिमाओं का बेहतर प्रदर्शन किया जा रहा है। इससे रामलीला देखने पहुंच रहे लोगों में खासा उत्साह बना हुआ है। रामलीला कमेटी के प्रधान प्रिंस सैनी ने बताया कि रामलीला का आयोजन धार्मिक और सामाजिक संदेश को लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रामायण के प्रसंगों के मंचन से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि रामलीला में आगे भी रामायण के विभिन्न महत्वपूर्ण प्रसंगों का मंचन किया जाएगा। आयोजकों की ओर से दर्शकों के बैठने और अन्य व्यवस्थाओं का भी ध्यान रखा जा रहा है। रामलीला के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और दर्शकों की भीड़ रही। स्थानीय लोगों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से क्षेत्र में आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक वातावरण को बढ़ावा मिलता है।
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