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Palwal News: सिर्फ शराब नहीं... खराब लाइफस्टाइल और खानपान सेहत को कर रहा है प्रभावित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Apr 2025 01:11 AM IST
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Not just alcohol...bad lifestyle and eating habits are affecting health
-नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन पहुंचते हैं 50 मरीज, गर्भवती महिलाओं में होता है इंफेक्शन
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-समय पर इलाज न मिलने पर फाइब्रोसिस, सिरोसिस और लिवर कैंसर का ले लेती है रूप

- स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. राशि बोलीं, महिलाओं में गर्भस्थ शिशु पर पड़ सकता है प्रभाव



निशांत पटेल



पलवल। मात्र शराब ही नहीं, बल्कि खराब लाइफ स्टाइल और खानपान लिवर की सेहत को खराब कर रहा है। जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन लिवर के 50 मरीज पहुंच रहे हैं। इस बीमारी से पीड़ित गर्भवती महिलाओं के गर्भस्थ शिशु पर इसका प्रभाव पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय पर इलाज न मिले तो लिवर की समस्या फाइब्रोसिस, सिरोसिस और लिवर कैंसर का रूप ले लेती है। ऐसे में हमें लिवर की सेहत के प्रति लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
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शरीर का साइलेंट हीरो है लिवर
लिवर हमारे शरीर का वो साइलेंट हीरो है, जो बिना कोई शिकायत किए दिन-रात टॉक्सिन्स (हानिकारक पदार्थ) को साफ करता है, डाइजेशन में मदद करता है और शरीर को हेल्दी बनाए रखता है, लेकिन अगर इसकी हालत बिगड़ जाए, तो पूरे शरीर की सेहत खतरे में पड़ जाती है। इसीलिए लिवर की बढ़ती बीमारियों के बारे में लोगों को अलर्ट करने और इससे बचाव को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल 19 अप्रैल को विश्व लिवर दिवस मनाया जाता है। इस साल विश्व लिवर दिवस की थीम ‘फूड इज मेडिसिन’ है।
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खराब खानपान और दिनचर्या कर रही बीमार--

लिवर हमारे शरीर का अहम हिस्सा होता है। हेल्दी रहने के लिए इसका ख्याल रखना बेहद जरूरी है। आप शराब नहीं पीते, इसलिए आपको लिवर की चिंता नहीं करनी चाहिए, यह एक लोगों का भ्रम है। जिला नागरिक अस्पताल में तैनात सीएमएस डॉ. सुरेश कुमार की मानें तो ज्यादातर लोग यही मानते हैं कि लिवर की बीमारी सिर्फ शराब पीने से होती है, लेकिन यह पूरी सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लीवर डिजीज भी आज के समय की एक बहुत बड़ी हेल्थ प्रॉब्लम बन चुकी है। लोग मोटापा, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल या खराब खानपान जैसी आदतों से ग्रस्त हैं। साथ ही फास्ट फूड, तली-भुनी चीजें, शुगरी ड्रिंक्स और फिजिकल एक्टिविटी की कमी लिवर में चर्बी जमने का कारण बनते हैं। अगर समय पर ध्यान न दिया जाए, तो यही मामूली समस्याएं आगे चलकर लिवर सिरोसिस या लिवर कैंसर का कारण बन सकती हैं।
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तेजी से बढ़ रही फैटी लिवर की समस्या



डॉक्टर कहते हैं, युवाओं में फैटी लिवर की दिक्कत तेजी से बढ़ती जा रही है। फैटी लिवर (हेपेटिक स्टीटोसिस) होने पर लिवर की कोशिकाओं में अतिरिक्त फैट जमा हो जाता है। सही इलाज न मिलने पर यह बीमारी फाइब्रोसिस, सिरोसिस और यहां तक कि लिवर कैंसर का रूप ले लेती है। इसके गंभीर मामलों में लिवर सामान्य काम करना बंद कर देता है, जिसके बाद लिवर ट्रांसप्लांट ही एकमात्र विकल्प बचता है। इस बीमारी का कोई सटीक उपचार नहीं हैं, लेकिन जीवनशैली और खानपान में कुछ बदलाव करके इसके नुकसान को रोकने या ठीक करने में मदद मिल सकती है।

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गर्भवती महिलाओं में होता है इंफेक्शन

स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. राशि ने बताया कि गर्भवती महिलाओं के पेट मेंं इंफेक्शन हो जाता है। इसकी समय रहते पहचान जरूरी है। आजकल गर्भवती महिलाओं में लिवर एंजाइम्स बढ़ना, पीलिया, उल्टी, थकान और पेट दर्द जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं। हम उन्हें डिलीवरी के बाद भी जरूरी दवाओं और नियमित जांच की सलाह देते हैं, क्योंकि अगर मां का लिवर कमजोर है तो इसका असर बच्चे की सेहत पर भी पड़ सकता है। लिवर की खराब स्थिति से जन्म के समय बच्चे का वजन कम हो सकता है या इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है।




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कोट--



अस्पताल में किडनी और लिवर में स्टोन की समस्या का इलाज और ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध है, और बाहरी जिलों से भी लोग यहां इलाज के लिए आ रहे हैं। समय-समय पर लिवर की जांच करवाएं, बैलेंस डाइट लें, एक्सरसाइज करें और वजन काबू में रखें। लिवर एक ऐसा अंग है जो खुद को ठीक करने की क्षमता रखता है, बस जरूरत है समय रहते उसकी देखभाल की।



-- डॉ. सुरेश कुमार, सीएमएस, नागरिक अस्पताल, पलवल

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लिवर की देखभाल के लिए यह करें--
1. संतुलित, पौष्टिक और कम वसायुक्त भोजन लें

2. शराब व तंबाकू से दूर रहें
3. नियमित व्यायाम करें
4. अधपका और बाहर का खाना खाने से बचें
5. गर्भवती महिलाएं समय पर जांच कराएं
6. हेपेटाइटिस की वैक्सीन जरूर लगवाएं
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