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विधवा महिलाओं को दिखाया नया रास्ता
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पलवल। खुद को विधवा साबित करने के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र लेकर तीन महीने से घूम रहीं रहीं जिले की महिलाओं की समस्या का समाधान करने के बजाय अब प्रशासन ने नया रास्ता दिखा दिया है। जिला प्रशासन ने उनकी समस्या को दूर करने के बजाय सीएचसी (कॉमन सहायता केंद्र) पर जाकर आनलाइन शिकायत करने का रास्ता दिखाते हुए उन्हें फिर से घुमा दिया है। अधिकारियों ने रास्ता बताते हुए विधवा महिलाओं को कहा कि वे आनॅलाइन शिकायत करें, फिर उन्हें शिकायत का नंबर अलाट किया जाएगा, उसके बाद ही परिवार पहचान पत्र में उनकी त्रुटि ठीक की जाएगी।
बता दें कि जिले में 14 ऐसी महिलाएं हैं, जो विधवा हैं। उनमें से अधिकांश महिलाएं पिछले कई सालों से विधवा पेंशन भी सरकार से ले रही थीं, जबकि एक विधवा महिला ऐसी सामने आई, जो अपने परिवार पहचान पत्र में अधिकारियों व बीएलओ की लापरवाही से मृत पति के जिंदा दिखाने के बाद अपने आप को विधवा साबित करने के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र लेकर घूम रही है। अन्य महिलाएं विधवा साबित कराने तथा फिर से पेंशन शुरू कराने के लिए धक्के खा रही हैं। लेकिन उनकी सुनवाई कोई नहीं कर रहा है। इस समस्या को अमर उजाला में 16 मार्च के अंक में उजागर करते हुए प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने के बाद अब अधिकारियों ने सीएचसी सेंटर पर जाकर ऑनलाइन शिकायत करने का बोल फिर से इन विधवा महिलाओं को परिवार पहचान पत्र में त्रुटी दूर करने के बजाय नया रास्ता दिखा दिया है।
पहले भी कर चुकी हैं कुछ महिलाएं आनॅलाइन शिकायत
अपने आप को विधवा साबित करने के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र लेकर घूम रही कुछ विधवा महिलाएं पहले भी आनॅलाइन शिकायत कर चुकी हैं। शिकायत के बाद उन्हें नंबर भी दिया गया। जिसे लेकर वे बीएलओ (ब्लॉक लेवल अधिकारी) के पास भी गईं, लेकिन वहां उस बीएलओ ने भी उनकी सुनवाई नहीं की। उसके बाद फिर से ये महिलाएं वरिष्ठ अधिकारियों के यहां चक्कर काट रही हैं।
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सीएम के ट्विटर पर शिकायत
इन महिलाओं की आवाज को अमर उजाला में उठाने के बाद अब मुख्यमंत्री के ट्विटर पर भी इन विधवा महिलाओं की आवाज को उठाया गया है। संवाददाता ने ट्विटर पर विधवा महिलाओं के समर्थन में पोस्ट डालकर मुख्यमंत्री से उनकी कमियों को दूर करा पेंशन शुरू कराने की मांग भी की है, लेकिन उसके बावजूद अभी तक इन महिलाओं को न्याय नहीं मिला है। बृहस्पतिवार को होली के दिन भी ये महिलाएं अपने परिवार पहचान पत्र में हुई त्रुटी को दूर कराने के लिए चक्कर काटती रहीं।
पलवल जिला समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में अपने पति के मृत होने का सबूत लेकर घूम रही झुंडवास गांव निवासी आसिनी पत्नी मृतक जाहिद पुत्र अब्दुल्ला ने बताया कि पति को मृत साबित करने के लिए तीन माह से चक्कर काट रही है। अब उसे आनॅलाइन शिकायत करने को कहा गया है। शिकायत भी उसने कर दी है। अब बीएलओ सुनवाई नहीं कर रहा है। मेरी सुनवाई की जाए तथा मुझे न्याय दिलवाया जाए। आसिनी के अलावा अन्य महिलाओं की भी सरकार से यही मांग है।
इस मामले में सभी बीएलओ को आदेश दे दिए गए हैं कि जिनके भी परिवार पहचान पत्रों में त्रुटियां हैं, वे उन्हें ठीक करें। किसी के साथ गलत नहीं होना चाहिए। लापरवाही बरतने वाले बीएलओ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार के भी आदेश हैं कि परिवार पहचान पत्र में यदि त्रृटि हुई है तो रिकार्ड देखकर उन्हें ठीक किया जाए। इन महिलाओं की भी त्रुटी ठीक करवाई जाएगी।
- वकील अहमद, एसडीएम
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बता दें कि जिले में 14 ऐसी महिलाएं हैं, जो विधवा हैं। उनमें से अधिकांश महिलाएं पिछले कई सालों से विधवा पेंशन भी सरकार से ले रही थीं, जबकि एक विधवा महिला ऐसी सामने आई, जो अपने परिवार पहचान पत्र में अधिकारियों व बीएलओ की लापरवाही से मृत पति के जिंदा दिखाने के बाद अपने आप को विधवा साबित करने के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र लेकर घूम रही है। अन्य महिलाएं विधवा साबित कराने तथा फिर से पेंशन शुरू कराने के लिए धक्के खा रही हैं। लेकिन उनकी सुनवाई कोई नहीं कर रहा है। इस समस्या को अमर उजाला में 16 मार्च के अंक में उजागर करते हुए प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने के बाद अब अधिकारियों ने सीएचसी सेंटर पर जाकर ऑनलाइन शिकायत करने का बोल फिर से इन विधवा महिलाओं को परिवार पहचान पत्र में त्रुटी दूर करने के बजाय नया रास्ता दिखा दिया है।
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पहले भी कर चुकी हैं कुछ महिलाएं आनॅलाइन शिकायत
अपने आप को विधवा साबित करने के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र लेकर घूम रही कुछ विधवा महिलाएं पहले भी आनॅलाइन शिकायत कर चुकी हैं। शिकायत के बाद उन्हें नंबर भी दिया गया। जिसे लेकर वे बीएलओ (ब्लॉक लेवल अधिकारी) के पास भी गईं, लेकिन वहां उस बीएलओ ने भी उनकी सुनवाई नहीं की। उसके बाद फिर से ये महिलाएं वरिष्ठ अधिकारियों के यहां चक्कर काट रही हैं।
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सीएम के ट्विटर पर शिकायत
इन महिलाओं की आवाज को अमर उजाला में उठाने के बाद अब मुख्यमंत्री के ट्विटर पर भी इन विधवा महिलाओं की आवाज को उठाया गया है। संवाददाता ने ट्विटर पर विधवा महिलाओं के समर्थन में पोस्ट डालकर मुख्यमंत्री से उनकी कमियों को दूर करा पेंशन शुरू कराने की मांग भी की है, लेकिन उसके बावजूद अभी तक इन महिलाओं को न्याय नहीं मिला है। बृहस्पतिवार को होली के दिन भी ये महिलाएं अपने परिवार पहचान पत्र में हुई त्रुटी को दूर कराने के लिए चक्कर काटती रहीं।
पलवल जिला समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में अपने पति के मृत होने का सबूत लेकर घूम रही झुंडवास गांव निवासी आसिनी पत्नी मृतक जाहिद पुत्र अब्दुल्ला ने बताया कि पति को मृत साबित करने के लिए तीन माह से चक्कर काट रही है। अब उसे आनॅलाइन शिकायत करने को कहा गया है। शिकायत भी उसने कर दी है। अब बीएलओ सुनवाई नहीं कर रहा है। मेरी सुनवाई की जाए तथा मुझे न्याय दिलवाया जाए। आसिनी के अलावा अन्य महिलाओं की भी सरकार से यही मांग है।
इस मामले में सभी बीएलओ को आदेश दे दिए गए हैं कि जिनके भी परिवार पहचान पत्रों में त्रुटियां हैं, वे उन्हें ठीक करें। किसी के साथ गलत नहीं होना चाहिए। लापरवाही बरतने वाले बीएलओ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकार के भी आदेश हैं कि परिवार पहचान पत्र में यदि त्रृटि हुई है तो रिकार्ड देखकर उन्हें ठीक किया जाए। इन महिलाओं की भी त्रुटी ठीक करवाई जाएगी।
- वकील अहमद, एसडीएम