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जर्जर घोषित होने के बाद भी नहीं बनाए गए नए मकान
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हथीन (सोमदेव आर्य)। उपमंडल में सरकारी कर्मचारियों के लिए बनाई गई आवासीय कालोनी के मकान कई वर्षों से जर्जर हालत में हैं। यहां तक कि प्रशासन ने भी मकानों को कंडम घोषित किया हुआ है। हालांकि प्रदेश सरकार ने ऐसे मकानों को तोड़कर नया बनाने की घोषणा की है, लेकिन इसके बाद भी उन्हें तोड़कर नए मकान बनाने की तरफ कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।
स्थिति यह है कि सरकारी कर्मचारी आवासीय सुविधा न होने के कारण या तो किराए का मकान लेकर रह रहे हैं या फिर शाम होते ही मुख्यालय को छोड़कर दूरदराज के क्षेत्रों में अपने घरों को चले जाते हैं। वहीं कालोनी में बच्चे खेलने आ जाते हैं, ऐसे में दुर्घटना का भी खतरा बना रहता है।
वर्ष 1980 में प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों के लिए आवासीय कॉलोनियों का निर्माण कराया गया था। हथीन में भी आवासीय कॉलोनी बनाई गई। जो कि कर्मचारियों को रहने के लिए अलाट कर दिया गया। लेकिन यह कॉलोनी जर्जर हो चुकी है। कई वर्षों पहले लोक निर्माण विभाग ने इसे असुरक्षित भी घोषित कर दिया है। वहीं राज्य सरकार ने घोषणा की थी कि असुरक्षित कॉलोनियों में मकानों को तोड़कर नए मकानों का निर्माण कराया जाएगा। घोषणा के बाद नूंह जिले में प्रक्रिया भी शुरू हो गई है, लेकिन हथीन में अभी तक इस ओर प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है।
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मुख्यालय से नहीं मिला आदेश
मुख्य कार्यकारी अधिकारी धीरेंद्र ने बताया कि अभी तक हथीन की सरकारी कॉलोनी को असुरक्षित घोषित करने का आदेश लोक निर्माण विभाग के मुख्यालय से प्राप्त नहीं हुआ है। इस कारण निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।
वर्जन-
कालोनी में बने मकानों को तोड़कर नए मकानों का निर्माण शीघ्र ही शुरू कराया जाए। इसके लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से मिलकर मांग उठाई जाएगी। - रविन कुमार, पार्षद
मुख्यमंत्री मनोहर लाल से बात करके आवासीय कॉलोनी के निर्माण का काम शुरू किया जाएगा। कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधा जरूरी है, ताकि वे मुख्यालय पर ही रहें। - सूरज पांडे, सीएम विंडो एमीनेंट हथीन
आवासीय कॉलोनी के निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर कराने के लिए लोक निर्माण विभाग के राज्य मुख्यालय से संपर्क किया जाएगा। प्रशासनिक स्तर पर भी पत्र व्यवहार किया जाएगा। कोशिश की जाएगी कि जल्द से जल्द इसका निर्माण कराया जाए। - वकील अहमद, एसडीएम हथीन
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स्थिति यह है कि सरकारी कर्मचारी आवासीय सुविधा न होने के कारण या तो किराए का मकान लेकर रह रहे हैं या फिर शाम होते ही मुख्यालय को छोड़कर दूरदराज के क्षेत्रों में अपने घरों को चले जाते हैं। वहीं कालोनी में बच्चे खेलने आ जाते हैं, ऐसे में दुर्घटना का भी खतरा बना रहता है।
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वर्ष 1980 में प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों के लिए आवासीय कॉलोनियों का निर्माण कराया गया था। हथीन में भी आवासीय कॉलोनी बनाई गई। जो कि कर्मचारियों को रहने के लिए अलाट कर दिया गया। लेकिन यह कॉलोनी जर्जर हो चुकी है। कई वर्षों पहले लोक निर्माण विभाग ने इसे असुरक्षित भी घोषित कर दिया है। वहीं राज्य सरकार ने घोषणा की थी कि असुरक्षित कॉलोनियों में मकानों को तोड़कर नए मकानों का निर्माण कराया जाएगा। घोषणा के बाद नूंह जिले में प्रक्रिया भी शुरू हो गई है, लेकिन हथीन में अभी तक इस ओर प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है।
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मुख्यालय से नहीं मिला आदेश
मुख्य कार्यकारी अधिकारी धीरेंद्र ने बताया कि अभी तक हथीन की सरकारी कॉलोनी को असुरक्षित घोषित करने का आदेश लोक निर्माण विभाग के मुख्यालय से प्राप्त नहीं हुआ है। इस कारण निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।
वर्जन-
कालोनी में बने मकानों को तोड़कर नए मकानों का निर्माण शीघ्र ही शुरू कराया जाए। इसके लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से मिलकर मांग उठाई जाएगी। - रविन कुमार, पार्षद
मुख्यमंत्री मनोहर लाल से बात करके आवासीय कॉलोनी के निर्माण का काम शुरू किया जाएगा। कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधा जरूरी है, ताकि वे मुख्यालय पर ही रहें। - सूरज पांडे, सीएम विंडो एमीनेंट हथीन
आवासीय कॉलोनी के निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर कराने के लिए लोक निर्माण विभाग के राज्य मुख्यालय से संपर्क किया जाएगा। प्रशासनिक स्तर पर भी पत्र व्यवहार किया जाएगा। कोशिश की जाएगी कि जल्द से जल्द इसका निर्माण कराया जाए। - वकील अहमद, एसडीएम हथीन