{"_id":"69dd3b94098b80c1ca0c970a","slug":"negligence-in-online-character-verification-forces-youth-to-repeatedly-visit-police-stations-palwal-news-c-25-1-mwt1001-111271-2026-04-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Palwal News: ऑनलाइन चरित्र सत्यापन में लापरवाही, बार बार थाना के चक्कर लगाने को मजबूर युवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Palwal News: ऑनलाइन चरित्र सत्यापन में लापरवाही, बार बार थाना के चक्कर लगाने को मजबूर युवा
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना।
बिछोर थाना क्षेत्र के गांवों में प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले युवाओं को ऑनलाइन केरेक्टर वेरिफिकेशन के लिए लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। युवाओं का आरोप है कि थाना में नियुक्त पुलिस कर्मियों की मनमानी के चलते उन्हें बार-बार थाना के चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है। गुरुग्राम, फरीदाबाद व अन्य शहरों की कंपनियों में कार्यरत युवाओं ने बताया कि उन्होंने हरियाणा पुलिस के ऑनलाइन पोर्टल पर केरेक्टर वेरिफिकेशन के लिए आवेदन किया था। इसके बावजूद बिना किसी ठोस कारण के उनकी रिक्वेस्ट को कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा खारिज कर दिया गया। इतना ही नहीं, आवेदन खारिज करने से पहले उन्हें कोई सूचना भी नहीं दी गई।
पीड़ित युवाओं ने कहा कि उन्होंने दो से तीन बार तक आवेदन किया, लेकिन हर बार उनकी रिक्वेस्ट रद्द कर दी गई। जब वे कारण जानने के लिए थाना पहुंचे तो उन्हें दोबारा आवेदन करने की सलाह देकर टाल दिया गया। युवाओं का आरोप है कि थाना में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर की मनमानी के कारण उन्हे बार बार थाना के चक्कर लगाने पड रहे है। इस समस्या के चलते युवाओं की नौकरी पर भी संकट खड़ा हो रहा है, क्योंकि कई कंपनियां ज्वॉइनिंग से पहले केरेक्टर वेरिफिकेशन अनिवार्य करती हैं। समय पर प्रक्रिया पूरी न होने के कारण युवाओं को मानसिक व आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं इस बारे में पुन्हाना के डीएसपी जितेन्द्र राणा ने कहा कि अगर ऐसा हो रहा है तो वो इसके बारे में पता लगाएंगे।
विज्ञापन
पुन्हाना।
बिछोर थाना क्षेत्र के गांवों में प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले युवाओं को ऑनलाइन केरेक्टर वेरिफिकेशन के लिए लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। युवाओं का आरोप है कि थाना में नियुक्त पुलिस कर्मियों की मनमानी के चलते उन्हें बार-बार थाना के चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है। गुरुग्राम, फरीदाबाद व अन्य शहरों की कंपनियों में कार्यरत युवाओं ने बताया कि उन्होंने हरियाणा पुलिस के ऑनलाइन पोर्टल पर केरेक्टर वेरिफिकेशन के लिए आवेदन किया था। इसके बावजूद बिना किसी ठोस कारण के उनकी रिक्वेस्ट को कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा खारिज कर दिया गया। इतना ही नहीं, आवेदन खारिज करने से पहले उन्हें कोई सूचना भी नहीं दी गई।
पीड़ित युवाओं ने कहा कि उन्होंने दो से तीन बार तक आवेदन किया, लेकिन हर बार उनकी रिक्वेस्ट रद्द कर दी गई। जब वे कारण जानने के लिए थाना पहुंचे तो उन्हें दोबारा आवेदन करने की सलाह देकर टाल दिया गया। युवाओं का आरोप है कि थाना में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर की मनमानी के कारण उन्हे बार बार थाना के चक्कर लगाने पड रहे है। इस समस्या के चलते युवाओं की नौकरी पर भी संकट खड़ा हो रहा है, क्योंकि कई कंपनियां ज्वॉइनिंग से पहले केरेक्टर वेरिफिकेशन अनिवार्य करती हैं। समय पर प्रक्रिया पूरी न होने के कारण युवाओं को मानसिक व आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं इस बारे में पुन्हाना के डीएसपी जितेन्द्र राणा ने कहा कि अगर ऐसा हो रहा है तो वो इसके बारे में पता लगाएंगे।
विज्ञापन