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Palwal News: बाइक छीनने और मारपीट के दोषी को 5 साल की कैद
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संवाद न्यूज एजेंसी
तावड़ू। नूंह जिले के पिनगवां थाना क्षेत्र के बहुचर्चित लूट और मारपीट के मामले में करीब 7 साल तक चली लंबी सुनवाई के बाद जिला सत्र न्यायाधीश नूंह डॉ. सुशील कुमार गर्ग की अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी सदर उर्फ सदरुद्दीन, निवासी गांव रीठड़, थाना पिनगवां को दोषी ठहराते हुए 5 साल के कठोर कारावास और करीब 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
रीठड़ निवासी जाकिर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 27 मई 2019 को दोपहर करीब 3 बजे वह अपनी बाइक से जा रहा था, तभी सदर और उसके साथी शकील उर्फ बिहारी व अन्य ने रंजिश को लेकर उसे रोक लिया। शिकायत में आरोप था कि उसके साथ मारपीट की, जेब से 15 हजार रुपये छीन लिए और उसकी बाइक लूट ली। शाम को आरोपियों ने उसकी दुकान पर भी हमला कर जान से मारने की धमकी दी थी। मामले की सुनवाई के दौरान एक आरोपी शकील उर्फ बिहारी की मौत हो गई थी।
6 अक्टूबर बहस के दौरान दोषी ने अदालत में कहा कि वह गरीब है, उसके 4 छोटे बच्चे और बूढ़े माता-पिता हैं और वह परिवार का इकलौता कमाने वाला है, इसलिए नरमी बरती जाए। वहीं सरकारी वकील गौरव यादव ने दलील दी कि दोषी ने हथियार के बल पर लूट जैसी गंभीर वारदात को अंजाम दिया है, ऐसे अपराधों में सख्ती जरूरी है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सेशन जज ने आदेश दिया,जिनमें अलग-अलग धाराओं सहित 5 साल कारावास और 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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तावड़ू। नूंह जिले के पिनगवां थाना क्षेत्र के बहुचर्चित लूट और मारपीट के मामले में करीब 7 साल तक चली लंबी सुनवाई के बाद जिला सत्र न्यायाधीश नूंह डॉ. सुशील कुमार गर्ग की अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी सदर उर्फ सदरुद्दीन, निवासी गांव रीठड़, थाना पिनगवां को दोषी ठहराते हुए 5 साल के कठोर कारावास और करीब 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
रीठड़ निवासी जाकिर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 27 मई 2019 को दोपहर करीब 3 बजे वह अपनी बाइक से जा रहा था, तभी सदर और उसके साथी शकील उर्फ बिहारी व अन्य ने रंजिश को लेकर उसे रोक लिया। शिकायत में आरोप था कि उसके साथ मारपीट की, जेब से 15 हजार रुपये छीन लिए और उसकी बाइक लूट ली। शाम को आरोपियों ने उसकी दुकान पर भी हमला कर जान से मारने की धमकी दी थी। मामले की सुनवाई के दौरान एक आरोपी शकील उर्फ बिहारी की मौत हो गई थी।
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6 अक्टूबर बहस के दौरान दोषी ने अदालत में कहा कि वह गरीब है, उसके 4 छोटे बच्चे और बूढ़े माता-पिता हैं और वह परिवार का इकलौता कमाने वाला है, इसलिए नरमी बरती जाए। वहीं सरकारी वकील गौरव यादव ने दलील दी कि दोषी ने हथियार के बल पर लूट जैसी गंभीर वारदात को अंजाम दिया है, ऐसे अपराधों में सख्ती जरूरी है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सेशन जज ने आदेश दिया,जिनमें अलग-अलग धाराओं सहित 5 साल कारावास और 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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