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Palwal News: जिले में तीन करोड़ रुपये की लागत से बनेगा कोली समाज का भवन, लगेगी झलकारी बाई की प्रतिमा
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- मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने झलकारी बाई जयंती समारोह में पलवल के कन्या स्कूल का नाम झलकारी बाई रखा
- श्रीविश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में तक्षशिला प्रशासनिक भवन से 10 ब्लॉक का लोकार्पण किया
- हाल ही में शहीद हुए सैनिकों को घर जाकर श्रद्धांजलि दी
- गोसेवाधाम अस्पताल में गोपाष्टमी मना की गोवंश की पूजा
- रैली में मौजूद भीड़ से हाथ उठवा मांगा वोट
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। आजादी के आंदोलन के तहत 1857 की क्रांति में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की सेनापति के रूप में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाली रानी लक्ष्मीबाई की हमशक्ल वीरांगना झलकारी बाई की जयंती पर पलवल में राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री मनोहर लाल रहे। आयोजन कोली समाज व झलकारी बाई संस्था द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंंत्री मनोहर लाल ने पलवल में मोहन नगर स्थित वार्ड चार में तीन करोड़ रुपये की लागत से कोली समाज का भवन बनाने तथा उसमें वीरांगना झलकारी बाई की भव्य प्रतिमा लगाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने पलवल के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कैंप का नाम भी झलकारी बाई के नाम पर करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि केवल झलकारी बाई ही नहीं, बल्कि देश की आजादी में अपने प्राण त्यागने वाले सभी वीर शहीदों के नाम पर न सिर्फ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, बल्कि उन वीर शहीदों के नाम पर भाजपा सरकार द्वारा योजनाएं भी शुरू की गई हैं।
राज्य स्तरीय समारोह के दौरान वीरांगना झलकारी बाई की लगाई गई प्रदर्शनी का भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से सभी महापुरुषों के चित्रों की भी समय-समय पर प्रदर्शनी लगाने के आदेश दिए, ताकि युवा वर्ग अपने देश पर कुर्बान होने वाले शहीद व महापुरुषों के इतिहास को जान सकें। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि गांधी परिवार सहित सभी पिछली सरकारों ने अपने बाप-दादाओं के नाम को आगे बढ़ाने का काम किया और उन्हीं के नाम पर संस्थाओं का नामकरण किया, जबकि 2014 के बाद भाजपा सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच को आगे बढ़ाते ही महापुरुषों व क्रांतिकारियों के नाम पर संस्थाओं का नामकरण किया है। आज महापुरुषों व क्रांतिकारियों के नाम पर हरियाणा व देश में कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका लाभ गरीब परिवारों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इतिहास में झलकारी बाई वीरांगना का नाम झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के साथ लिया जाता है। मैथिलीशरण गुप्त जैसे कवि ने भी अपनी कविताओं में वीरांगना झलकारी बाई का जिक्र कर उनके देश प्रेम व बहादुरी का उल्लेख किया है।
हाथ उठवाकर वोट देने की अपील की
समारोह में मंच से भाषण देते हुए मुख्यमंत्री इतने जोश में आ गए कि लोगों से हाथ उठवाकर आने वाले चुनावों में वोट तक देने की अपील कर डाली। मुख्यमंत्री ने कहा कि पलवल में वीरांगना झलकारी बाई जयंती समारोह मनाने का मुख्य उद्देश्य हरियाणा के चार जिलों में कोली समाज की संख्या अधिक होना है। उन्होंने कहा कि कोली समाज की संख्या सर्वाधिक पलवल, फरीदाबाद, नूंह व गुरुग्राम में हैं। ऐसे में आने वाले समय में वोट जरूर दे देना। उसी के लिए विधानसभा और लोकसभा में मतदान वाले दिन अवकाश भी घोषित कर दिया है, ताकि आप लोग वोट दे सकें।
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कार्यक्रम स्थल पर थी धारा 144
झलकारी बाई जयंती कार्यक्रम के आसपास दो किलोमीटर की परिधि में जिलाधीश नेहा सिंंह द्वारा धारा 144 लगाई गई थी। धारा 144 के लिए जारी किए गए आदेशों में जिलाधीश ने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थलों के आसपास क्षेत्रों में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखना तथा किसी भी अप्रिय घटना को रोकना अति आवश्यक है। इसलिए कार्यक्रम स्थल के पास 2 किलोमीटर की परिधि में किसी भी प्राइवेट व्यक्ति के लाठी, डंडे, तलवार, गंडासी, आग्रेय अस्त्र-शस्त्र, किसी भी प्रकार के घातक हथियार लेकर चलने, प्रदर्शन व प्रयोग आदि एवं खुले पेट्रोल, डीजल आदि ज्वलनशील/विस्फोटक पदार्थ की बोतलें/केन आदि तथा ड्रोन (यूएवी) आदि के उड़ाए जाने पर पूरी तरह पाबंदी लगाई है। वहीं मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों को देखते हुए जिलाधीश नेहा सिंह ने श्रीविश्वकर्मा कौशल विश्विद्यालय, जनसभा स्थल, गोपाष्टमी कार्यक्रम स्थल, बहीन, गढ़ी पट्टी तथा खांबी गांव में शहीदों को श्रद्धांजलि देने वाले स्थानों पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।
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हाल ही में शहीद हुए सैनिकों के घर श्रद्धांजलि देने पहुंचे मुख्यमंत्री
लेह लद्दाख में ट्रक के खाई में गिर जाने से हुए हादसे में शहीद हुए गांव बहीन के मनमनोहन सिंह, गढ़़ी पट्टी में हृदय गति रुकने से शहीद हुए महेंद्र सिंह तथा सिक्किम में बादल फटने से बाढ़ में बहकर शहीद हुए गांव खांबी के शहीद युधिष्ठिर के घर जाकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने तीनों शहीदों के परिजनों को सांत्वना दी। उन्हें पुष्प अर्पित भी किए। इस अवसर पर शहीदों के परिजनों ने उनके परिवार में एक-एक सरकारी नौकरी देने तथा शहीद स्मारक या खेल स्टेडियम के लिए जगह देने की मांग की। जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी नियम अनुसार ही सुविधाएं दी जाएंगी। बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दें। शहीदों के परिजनों में मुख्यमंत्री द्वारा उनकी मांग पर ध्यान न देने से नाराजगी है। इस अवसर पर उनके साथ केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर, विधायक पलवल दीपक मंगला, विधायक होडल जगदीश नायर, विधायक हथीन प्रवीण डागर सहित अन्य मौजूद रहे।
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गोसेवा अस्पताल में की गोपाष्टमी की पूजा
होडल। दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर स्थित गोसेवा धाम अस्पताल में कथा वाचक देवी चित्रलेखा द्वारा मनाए गए गोपाष्टमी पर्व कार्यक्रम में भी मुख्यमंंत्री मनोहर लाल ने शिरकत की। उन्होंने कार्यक्रम में पहुंचकर अस्पताल में स्थित गोवंश की पूजा भी की। उन्होंने कहा कि गाय हमारी मां है। गाय की रक्षा करना हर हिंंदू का कर्तव्य है। हमारी सरकार गोवंश के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है। गोवंश की सुरक्षा व संरक्षण करना भाजपा सरकार का उद्देश्य है। सरकार गोशालाओं का भी पूरा सहयोग कर रही है।
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कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार ने गठित किए विभाग
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दूधौला स्थित श्रीविश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में तक्षशिला प्रशासनिक भवन से 10 ब्लॉकों का लोकार्पण किया है। जिनमें 6 शैक्षणिक ब्लॉक में 69 क्लास रूम हैं और अधिकतर स्मार्ट क्लास रूम, कंप्यूटर लैब, प्रशासनिक भवन, एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस है। सीएनसी लैब, सोलर लैब, एडवांस्ड इलेक्ट्रिक लैब, इलेक्ट्रोनिक लैब, वेल्डिंग लैब भी उद्घाटन में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास भी परिसर में बनकर तैयार हैं, जिनमें 500-500 बेड की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कौशल विश्वविद्यालय में तीन दर्जन से अधिक कोर्स चल रहे हैं जो युवाओं के कौशल विकास में अहम हैं। विद्यार्थी अपनी इच्छा अनुरूप प्रवेश लेकर अपने कौशल के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय टीम की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि इस विश्वविद्यालय परिसर में देश का पहला इनोवेटिव स्किल स्कूल बनाया गया है, जिसमें एआई,आईटी, ऑटोमेशन, डेटा साइंस, हेल्थ केयर और योग जैसे विषयों का अध्ययन कराया जा रहा है।
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- श्रीविश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में तक्षशिला प्रशासनिक भवन से 10 ब्लॉक का लोकार्पण किया
- हाल ही में शहीद हुए सैनिकों को घर जाकर श्रद्धांजलि दी
- गोसेवाधाम अस्पताल में गोपाष्टमी मना की गोवंश की पूजा
- रैली में मौजूद भीड़ से हाथ उठवा मांगा वोट
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। आजादी के आंदोलन के तहत 1857 की क्रांति में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की सेनापति के रूप में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाली रानी लक्ष्मीबाई की हमशक्ल वीरांगना झलकारी बाई की जयंती पर पलवल में राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री मनोहर लाल रहे। आयोजन कोली समाज व झलकारी बाई संस्था द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंंत्री मनोहर लाल ने पलवल में मोहन नगर स्थित वार्ड चार में तीन करोड़ रुपये की लागत से कोली समाज का भवन बनाने तथा उसमें वीरांगना झलकारी बाई की भव्य प्रतिमा लगाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने पलवल के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कैंप का नाम भी झलकारी बाई के नाम पर करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि केवल झलकारी बाई ही नहीं, बल्कि देश की आजादी में अपने प्राण त्यागने वाले सभी वीर शहीदों के नाम पर न सिर्फ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, बल्कि उन वीर शहीदों के नाम पर भाजपा सरकार द्वारा योजनाएं भी शुरू की गई हैं।
राज्य स्तरीय समारोह के दौरान वीरांगना झलकारी बाई की लगाई गई प्रदर्शनी का भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से सभी महापुरुषों के चित्रों की भी समय-समय पर प्रदर्शनी लगाने के आदेश दिए, ताकि युवा वर्ग अपने देश पर कुर्बान होने वाले शहीद व महापुरुषों के इतिहास को जान सकें। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि गांधी परिवार सहित सभी पिछली सरकारों ने अपने बाप-दादाओं के नाम को आगे बढ़ाने का काम किया और उन्हीं के नाम पर संस्थाओं का नामकरण किया, जबकि 2014 के बाद भाजपा सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच को आगे बढ़ाते ही महापुरुषों व क्रांतिकारियों के नाम पर संस्थाओं का नामकरण किया है। आज महापुरुषों व क्रांतिकारियों के नाम पर हरियाणा व देश में कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनका लाभ गरीब परिवारों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इतिहास में झलकारी बाई वीरांगना का नाम झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के साथ लिया जाता है। मैथिलीशरण गुप्त जैसे कवि ने भी अपनी कविताओं में वीरांगना झलकारी बाई का जिक्र कर उनके देश प्रेम व बहादुरी का उल्लेख किया है।
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हाथ उठवाकर वोट देने की अपील की
समारोह में मंच से भाषण देते हुए मुख्यमंत्री इतने जोश में आ गए कि लोगों से हाथ उठवाकर आने वाले चुनावों में वोट तक देने की अपील कर डाली। मुख्यमंत्री ने कहा कि पलवल में वीरांगना झलकारी बाई जयंती समारोह मनाने का मुख्य उद्देश्य हरियाणा के चार जिलों में कोली समाज की संख्या अधिक होना है। उन्होंने कहा कि कोली समाज की संख्या सर्वाधिक पलवल, फरीदाबाद, नूंह व गुरुग्राम में हैं। ऐसे में आने वाले समय में वोट जरूर दे देना। उसी के लिए विधानसभा और लोकसभा में मतदान वाले दिन अवकाश भी घोषित कर दिया है, ताकि आप लोग वोट दे सकें।
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कार्यक्रम स्थल पर थी धारा 144
झलकारी बाई जयंती कार्यक्रम के आसपास दो किलोमीटर की परिधि में जिलाधीश नेहा सिंंह द्वारा धारा 144 लगाई गई थी। धारा 144 के लिए जारी किए गए आदेशों में जिलाधीश ने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थलों के आसपास क्षेत्रों में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखना तथा किसी भी अप्रिय घटना को रोकना अति आवश्यक है। इसलिए कार्यक्रम स्थल के पास 2 किलोमीटर की परिधि में किसी भी प्राइवेट व्यक्ति के लाठी, डंडे, तलवार, गंडासी, आग्रेय अस्त्र-शस्त्र, किसी भी प्रकार के घातक हथियार लेकर चलने, प्रदर्शन व प्रयोग आदि एवं खुले पेट्रोल, डीजल आदि ज्वलनशील/विस्फोटक पदार्थ की बोतलें/केन आदि तथा ड्रोन (यूएवी) आदि के उड़ाए जाने पर पूरी तरह पाबंदी लगाई है। वहीं मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों को देखते हुए जिलाधीश नेहा सिंह ने श्रीविश्वकर्मा कौशल विश्विद्यालय, जनसभा स्थल, गोपाष्टमी कार्यक्रम स्थल, बहीन, गढ़ी पट्टी तथा खांबी गांव में शहीदों को श्रद्धांजलि देने वाले स्थानों पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।
हाल ही में शहीद हुए सैनिकों के घर श्रद्धांजलि देने पहुंचे मुख्यमंत्री
लेह लद्दाख में ट्रक के खाई में गिर जाने से हुए हादसे में शहीद हुए गांव बहीन के मनमनोहन सिंह, गढ़़ी पट्टी में हृदय गति रुकने से शहीद हुए महेंद्र सिंह तथा सिक्किम में बादल फटने से बाढ़ में बहकर शहीद हुए गांव खांबी के शहीद युधिष्ठिर के घर जाकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने तीनों शहीदों के परिजनों को सांत्वना दी। उन्हें पुष्प अर्पित भी किए। इस अवसर पर शहीदों के परिजनों ने उनके परिवार में एक-एक सरकारी नौकरी देने तथा शहीद स्मारक या खेल स्टेडियम के लिए जगह देने की मांग की। जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी नियम अनुसार ही सुविधाएं दी जाएंगी। बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दें। शहीदों के परिजनों में मुख्यमंत्री द्वारा उनकी मांग पर ध्यान न देने से नाराजगी है। इस अवसर पर उनके साथ केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर, विधायक पलवल दीपक मंगला, विधायक होडल जगदीश नायर, विधायक हथीन प्रवीण डागर सहित अन्य मौजूद रहे।
गोसेवा अस्पताल में की गोपाष्टमी की पूजा
होडल। दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर स्थित गोसेवा धाम अस्पताल में कथा वाचक देवी चित्रलेखा द्वारा मनाए गए गोपाष्टमी पर्व कार्यक्रम में भी मुख्यमंंत्री मनोहर लाल ने शिरकत की। उन्होंने कार्यक्रम में पहुंचकर अस्पताल में स्थित गोवंश की पूजा भी की। उन्होंने कहा कि गाय हमारी मां है। गाय की रक्षा करना हर हिंंदू का कर्तव्य है। हमारी सरकार गोवंश के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है। गोवंश की सुरक्षा व संरक्षण करना भाजपा सरकार का उद्देश्य है। सरकार गोशालाओं का भी पूरा सहयोग कर रही है।
कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार ने गठित किए विभाग
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दूधौला स्थित श्रीविश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में तक्षशिला प्रशासनिक भवन से 10 ब्लॉकों का लोकार्पण किया है। जिनमें 6 शैक्षणिक ब्लॉक में 69 क्लास रूम हैं और अधिकतर स्मार्ट क्लास रूम, कंप्यूटर लैब, प्रशासनिक भवन, एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस है। सीएनसी लैब, सोलर लैब, एडवांस्ड इलेक्ट्रिक लैब, इलेक्ट्रोनिक लैब, वेल्डिंग लैब भी उद्घाटन में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास भी परिसर में बनकर तैयार हैं, जिनमें 500-500 बेड की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कौशल विश्वविद्यालय में तीन दर्जन से अधिक कोर्स चल रहे हैं जो युवाओं के कौशल विकास में अहम हैं। विद्यार्थी अपनी इच्छा अनुरूप प्रवेश लेकर अपने कौशल के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय टीम की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि इस विश्वविद्यालय परिसर में देश का पहला इनोवेटिव स्किल स्कूल बनाया गया है, जिसमें एआई,आईटी, ऑटोमेशन, डेटा साइंस, हेल्थ केयर और योग जैसे विषयों का अध्ययन कराया जा रहा है।