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‘कृषि कानून निरस्त नहीं हुए तो किसान होगा बर्बाद’
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पलवल में किसान धरने में पहुंचे संत युवराज।
- फोटो : Palwal
पलवल। वृंदावन से आए कथाकार युवराज महाराज ने कहा कि किसान विरोधी काले कानून अगर निरस्त नहीं हुए और न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी नहीं मिली तो किसान बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने मेरे माध्यम से किसान नेता राकेश टिकैत को खरीदने का असफल प्रयास किया, परंतु टिकैत अपने मार्ग से विचलित नहीं हुए। राकेश टिकैत ईमानदार किसान नेता हैं। वे अब किसान जननायक बन चुके हैं, आंदोलन अवश्य सफल होगा। युवराज महाराज अटोहां चौक पर चल रहे किसानों के धरने को संबोधित कर रहे थे।
धरने में चौपाई के जरिये किसानों को कृषि कानूनों के नुकसान बताए गए। इसमें युवराज महाराज ने कहा कि सरकार किसान, मजदूर, कर्मचारी और दुकानदार विरोधी है। मुझे सरकार किसान आंदोलन से हटाना चाहती है। मैं प्राण त्याग सकता हूं, परंतु किसानों को नहीं छोडू़ंगा। किसान आंदोलन आर्थिक आजादी की दूसरी लड़ाई है। स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने कहा कि युवराज महाराज को दबाने के लिए सरकार दमनकारी कदम न उठाए। लोकतंत्र में आंदोलन करना या सरकार की जन विरोधी नीतियों का विरोध करना प्रत्येक व्यक्ति का संवैधानिक अधिकार है। इस समय किसान बहुत दुखी व विचलित हैं। संवेदनशील किसानों के प्रति सरकार की कोई संवेदना नहीं है।
इस दौरान मास्टर महेंद्र सिंह, धर्मचंद प्रधान, जगन डागर, ताराचंद, राजेश रावत, राजकुमार ओलिहान, होशियार सिंह चौहान, सोहनपाल, भागीरथ, महाशय तेजपाल, रणजीत आर्य, हरप्रसाद औरंगाबाद, चंदन सिंह, हेतलाल तेवतिया, प्रेम दलाल, कर्ण सिंह आर्य, राजकुमार आर्य, शिव सिंह, साकीर हुसैन ने संबोधित किया। धरने की अध्यक्षता ने इंदर सिंह रावत की, जबकि संचालन किशन चंद शर्मा ने किया।
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होली तक जारी रहेगा चौपाई का कार्यक्रम
बुधवार को किसान धरने में चौपाई प्रस्तुत की गई। किसानों ने चौपाई के माध्यम से सरकार पर जमकर कटाक्ष किए। इस अवसर पर किसान नेताओं ने कहा कि चौपाई ब्रज की संस्कृति है। फाल्गुन माह में गांवों में चौपाई और होली के कार्यक्रम चलते रहते हैं। इस बार किसान धरने पर बैठे हैं तो होली तक रोजाना धरना स्थल पर चौपाई कार्यक्रम होगा। प्रतिदिन एक गांव की चौपाई धरने पर अपनी प्रस्तुति देगी।
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धरने में चौपाई के जरिये किसानों को कृषि कानूनों के नुकसान बताए गए। इसमें युवराज महाराज ने कहा कि सरकार किसान, मजदूर, कर्मचारी और दुकानदार विरोधी है। मुझे सरकार किसान आंदोलन से हटाना चाहती है। मैं प्राण त्याग सकता हूं, परंतु किसानों को नहीं छोडू़ंगा। किसान आंदोलन आर्थिक आजादी की दूसरी लड़ाई है। स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने कहा कि युवराज महाराज को दबाने के लिए सरकार दमनकारी कदम न उठाए। लोकतंत्र में आंदोलन करना या सरकार की जन विरोधी नीतियों का विरोध करना प्रत्येक व्यक्ति का संवैधानिक अधिकार है। इस समय किसान बहुत दुखी व विचलित हैं। संवेदनशील किसानों के प्रति सरकार की कोई संवेदना नहीं है।
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इस दौरान मास्टर महेंद्र सिंह, धर्मचंद प्रधान, जगन डागर, ताराचंद, राजेश रावत, राजकुमार ओलिहान, होशियार सिंह चौहान, सोहनपाल, भागीरथ, महाशय तेजपाल, रणजीत आर्य, हरप्रसाद औरंगाबाद, चंदन सिंह, हेतलाल तेवतिया, प्रेम दलाल, कर्ण सिंह आर्य, राजकुमार आर्य, शिव सिंह, साकीर हुसैन ने संबोधित किया। धरने की अध्यक्षता ने इंदर सिंह रावत की, जबकि संचालन किशन चंद शर्मा ने किया।
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होली तक जारी रहेगा चौपाई का कार्यक्रम
बुधवार को किसान धरने में चौपाई प्रस्तुत की गई। किसानों ने चौपाई के माध्यम से सरकार पर जमकर कटाक्ष किए। इस अवसर पर किसान नेताओं ने कहा कि चौपाई ब्रज की संस्कृति है। फाल्गुन माह में गांवों में चौपाई और होली के कार्यक्रम चलते रहते हैं। इस बार किसान धरने पर बैठे हैं तो होली तक रोजाना धरना स्थल पर चौपाई कार्यक्रम होगा। प्रतिदिन एक गांव की चौपाई धरने पर अपनी प्रस्तुति देगी।