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Palwal News: बंदरों के आतंक से सहमा शहर, कई लोगों को काटा
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एक मकान की दिवार पर बैठा बंदरों का झुंड़।
टोली में घूम रहे बंदर, बच्चों, बुजुर्गों और घर में अकेली महिलाओं को बना रहे निशाना
संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। शहर में इन दिनों बंदरों का आतंक चरम पर है। आए दिन बंदर किसी न किसी व्यक्ति पर हमला कर रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी शहर के वार्ड-11 के लोगों को उठानी पड़ रही है। लोगों के अनुसार, एक सप्ताह में बंदर दर्जनभर लोगों को काटकर घायल कर चुके हैं।
वार्ड-11 निवासी सुधा, शेरसिंह, बृजकिशोर, जतिन, कैलाश, मुकेश जगदीश आदि लोगों का कहना है कि कुछ समय पहले तक शहर में बंदरों की संख्या सीमित थी, लेकिन पिछले कुछ दिनों से इनकी संख्या तेजी से बढ़ गई है। अब बंदर अकेले नहीं, बल्कि दर्जनों की टोली में घूमते दिखाई देते हैं। गलियों, छतों और घरों के आसपास मंडराने वाले बंदर अचानक लोगों पर हमला कर देते हैं।
वार्ड के लोगों के मुताबिक, बंदर कई बार घरों में भी घुस जाते हैं। घर में अकेली महिलाओं के लिए भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। बंदरों के डर से लोग छतों और गलियों में अकेले निकलने से बच रहे हैं। बच्चों को घर से बाहर भेजने में भी अभिभावक डर रहे हैं।
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लोगों का कहना है कि बंदरों के हमले में घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल पहुंचकर उपचार और एंटी रेबीज वैक्सीन लगवानी पड़ रही है। लोगों ने नगर पालिका से बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान चलाने की मांग की है।
नगर पालिका ने एक वर्ष पहले बंदरों को पकडने के लिए टेंडर निकाला था, लेकिन किसी कारणवश यह योजना सिरे नहीं चढ पाई।
कोट
नगर पालिका के पास अभी पर्याप्त बजट नहीं है। इस बारे में उच्च अधिकारियों को सूचित किया जाएगा। आदेश प्राप्त होते ही बंदरों को पकडने की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। - साहिल धनखड़, सचिव नगर पालिका, पुन्हाना
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संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। शहर में इन दिनों बंदरों का आतंक चरम पर है। आए दिन बंदर किसी न किसी व्यक्ति पर हमला कर रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी शहर के वार्ड-11 के लोगों को उठानी पड़ रही है। लोगों के अनुसार, एक सप्ताह में बंदर दर्जनभर लोगों को काटकर घायल कर चुके हैं।
वार्ड-11 निवासी सुधा, शेरसिंह, बृजकिशोर, जतिन, कैलाश, मुकेश जगदीश आदि लोगों का कहना है कि कुछ समय पहले तक शहर में बंदरों की संख्या सीमित थी, लेकिन पिछले कुछ दिनों से इनकी संख्या तेजी से बढ़ गई है। अब बंदर अकेले नहीं, बल्कि दर्जनों की टोली में घूमते दिखाई देते हैं। गलियों, छतों और घरों के आसपास मंडराने वाले बंदर अचानक लोगों पर हमला कर देते हैं।
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वार्ड के लोगों के मुताबिक, बंदर कई बार घरों में भी घुस जाते हैं। घर में अकेली महिलाओं के लिए भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। बंदरों के डर से लोग छतों और गलियों में अकेले निकलने से बच रहे हैं। बच्चों को घर से बाहर भेजने में भी अभिभावक डर रहे हैं।
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लोगों का कहना है कि बंदरों के हमले में घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल पहुंचकर उपचार और एंटी रेबीज वैक्सीन लगवानी पड़ रही है। लोगों ने नगर पालिका से बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान चलाने की मांग की है।
नगर पालिका ने एक वर्ष पहले बंदरों को पकडने के लिए टेंडर निकाला था, लेकिन किसी कारणवश यह योजना सिरे नहीं चढ पाई।
कोट
नगर पालिका के पास अभी पर्याप्त बजट नहीं है। इस बारे में उच्च अधिकारियों को सूचित किया जाएगा। आदेश प्राप्त होते ही बंदरों को पकडने की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। - साहिल धनखड़, सचिव नगर पालिका, पुन्हाना